लखीसराय कजरा थर्मल पावर प्रोजेक्ट क्षेत्रीय लोगों के लिए वरदान साबित हो
सकता है। बहीं कजरा थर्मल पावर के जमीनदाताओं के लिए अभिशाप बन गया है।
किसानों आरोप लगाया कि जिला प्रशासन जमीन की एल0पी0सी0 और शपथ पत्र लेने के
नामपर प्रति लोगों से हजारों रू0 अबैध तरीके
से बसुल रही है। जो सभी किसानों के लिए दुखदायी है। एक तो सरकार जमीन ले रही है उसपर
उचित दाम भी नहीं दे रही है। और तो और जिला प्रशासन के मिलीभगत से कर्मचारी कागजात
के नामपर लुटने में लगी है। खुलेआम किसानों से रूपया लिया जा रहा है। जबकी मात्र
10 रू0 लेकर एल0पी0सी0 सहित सभी कागजात बनाकर किसानों को जमीन की वाजिव मुआवजा दिये
जाने के लिए सरकार का आदेश है। फिर भी लुट बदस्तुर जारी है।
स्टींग आपरेशन - हल्का कर्मचारी, अंचलाधिकारी एवं अंचल निरीक्षक अनिवार्य रूप
से उपस्थित होकर भू-स्वामित्व को एल पी सी देना है। यहां 1000 रू0 से लेकर 2000 हल्का
कर्मचारी, अंचलाधिकारी एवं अंचल निरीक्षक के द्वारा अबैध बसुली जारी है।
कजरा थर्मल पावर प्रोजेक्ट हेतु अधिग्रहण किए गए 1,050 एकड़ भूमि का 745 भू-धारियों
के बीच 115 करोड़ रुपए मुआवजा दिसंबर तक वितरित किया जाना था। इसके तहत विशनपुर, महरथपुर,
बरियारपुर एवं घोघी के भू-धारियों को रैयती जमीन का मुआवजा दिया जाएगा। प्रमंडलीय आयुक्त
ने सूर्यगढ़ा के अंचलाधिकारी को उक्त क्षेत्र में शिविर लगाकर 30 दिसंबर तक हर हाल में
उक्त प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहण किए गए जमीन का संबंधित भू-धारियों को एलपीसी देने
का निर्देश दिया था कि 30 दिसंबर तक भू-धारियों
को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा सके। विदित हो कि इसके पूर्व उक्त प्रोजेक्ट हेतु
अधिग्रहण की गई जमीन की मुआवजा राशि का भुगतान किए जाने की जानकारी मिलते ही नक्सली
संगठन भाकपा (एमएल) विरोध शुरू कर दिया था। इस कारण जिला प्रशासन द्वारा गुप्त तरीके
से 300 भू-धारियों के बीच लगभग 40 करोड़ रुपए मुआवजा की राशि वितरित की गई थी। कजरा
थर्मल पावर प्रोजेक्ट निर्माण के मद्देनजर अर्जित की जाने वाली भूमि के भू-स्वामी को
मुआवजा भुगतान करने को ले भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र निर्गत करने हेतु शिविर की तिथि
निर्धारित कर दी गई है।
लखीसराय जिला के महिसोना, रामगढ, पिपरिया, सुर्यगढा, हलसी,बडहिया, चानन आदि
क्षेत्रों में सरकार करोडों रू0 की लागत से जमीन खरीदी है जो जिला के बिकास को बढावा
देने के लिए तत्पर है। कजरा पावर प्लांट, रामगढ खडगबारा पावर प्लांट , के लिए भुदाताओं
को सरकारी दर के अनुसार चेक दिया जाना था। लेकिन अधिकारीयों द्वारा प्रति किसानों से
1 लाख रू0 काटकर दिये जाने से लाभान्वित व्यक्तियों के बीच काफी आक्रोश है।
जमीनदाता मुकेश सिंह,नवलकिशोर सिंह,श्यामसुन्दर सिंह,विजय प्रसाद,शिवदानी महतो,गायत्री
देवी, पवन कुमार आदि किसानों ने आरोप लगाया कि जिला भु अर्जन पदाधिकारी रामेश्वर पाण्डेय
के द्वारा प्रति किसानों की 1 लाख रू0 नाजायज तरीके से रखकर मुआवजा राशि वितरण करते
है।
जिलाधिकारी की मानें तो कजरा थर्मल
पावर प्रोजेक्ट हेतु अधिग्रहण की गई रैयती जमीन का मुआवजा भुगतान हेतु 6,958 रुपए प्रति
डिसमिल मूल्य निर्धारित किया गया है। स्वेच्छा से
जमीन देने वाले रैयतों को शपथ पत्र देने के बाद 2.4 गुणा राशि का भुगतान किया
जा रहा है। जमीन संबंधी कागजात दिखाने के पश्चात कुल मुआवजा राशि का 80 फीसद भुगतान
तुरंत कर दिया जाएगा।हल्का कर्मचारी, अंचलाधिकारी एवं अंचल निरीक्षक अनिवार्य रूप से
उपस्थित होकर भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र देंगे
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