नववर्ष का जश्न
नवबर्ष को यादगार बनाने के लिए जिले के विभिन्न जगहों पर युवा युवति और बुर्जगों के द्वारा पिकनिक मनाया गया। लखीसराय शहर के लाली पहाडी, अशोक धाम, सूर्यगढा स्थित जीवन ज्योति बाटिका , नक्सल प्रभावित चानन प्रखण्ड के श्रृंगिरिषी आश्रम, जलल्पा स्थान, कानीमोड जंगल, और नक्सल प्रभावित कजरा थाना क्षेत्र के टाली झरना, छोटकी झरना आदी जगहों पर नववर्ष का जश्न को लेकर उत्साह अपने चरम पर दिखा। नया साल मुबारक हो । हैप्पी न्यू ईयर 2014 की गूंज से जंगली और पहाडी ईलाकों का महौल खुशनुमा बना रहा।
प्राकृतिक छटा काफी मनोरम
ऐतिहासिक श्रृंगिरिषी आश्रम की प्राकृतिक छटा काफी मनोरम है। पहाडों की कन्द्राओं से निकला अविरल जल स्त्रोत की झरना से बहता पानी में लोग डुबकियां लगाकर लोग प्रसन्नचित हो रहे थे ।
सबसे बडी खासयित यह है कि यहां की पानी पाचन क्रिया को ठीक रखता है। किसी भी तरह की गरीष्ठ भोजन खाने के बाद भी यहां आधा धण्टा में भुख लग जाती है। यहां लोग सप्ताह भर रहकर जंगल में मंगल मनाते है।
पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व
ज्ञात हो कि... बाल्मिकी रामायण और रामचरित्र मानस के अनुसार इस श्रंृगीरिषी आश्रम में त्रेतायुगिन राजा दशरथ के चारो पुत्र श्री राम, लक्षमण, भरत, शत्रुधन का मुंडन संस्कार हुआ था। यहां भगवान श्री राम अपने मुंहबोली बहन शांता के साथ महीनों रहकर इस मनोरम छटा का आनंद लिया था। शांता को राजा दशरथ ने गोद लिया था। और वो अंग राज के प्रतापी ब्राहमण के श्रंृगिदेव से विवाह रचाई थी । जो लखीसराय जिला के चानन थाना क्षेत्र के एक आश्रम में रहती थी। आज श्रृंगिरिषी आश्रम के नाम से प्रसिद्व है। यहां के पौराणिक एवं ऐतिहासिक जगह का प्रमाण स्वरूप को देखकर प्रफुल्लित हो रहे है।
उत्साह अपने चरम पर
नया साल 2014 के आगमन पर लोगों में उमंग चरम पर है। शहर के लाली पहाडी और काली पहाडी पर हर कोई हिन्दी भोजपुरी गीतों की रसफुहार, गुलाबी मौसम , तो कहीं युवा और युवतियों का अद्भूत नृत्य से मस्ती में डुबने को तैयार है। सभी एक दुसरे से मिलकर नया साल का बधाई देने मशगुल है। रंग-विरंगे विभिन्न डिजाइनों के ग्रीटिंगस के माध्यम से अपने मित्रों और प्रियजनो को शुभकामनाऐं देते रहे। खासकर छोटे-छोटे बच्चों को उत्साह अपने चरम पर है। गले से गले मिलकर तो कोइ हाथ से हाथ मिलाकर शुभकामनाऐं देने में जुटे रहे।
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आतिशबाजी के साथ नवबर्ष का स्वागत
स्थानीय डी एल पी एंड क्लब लखीसराय के द्वारा सामुहिक रूप से नवबर्ष का स्वागत की तैयारी की गई। के0 आर0 के मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संध्या 5 बजे से नववर्ष 2014 को यादगार बनाने के लिए उत्साह से लबरेज होकर क्लब के सदस्यों ने रंग-विरंगे आतिशबाजी की । आतिशबाजी से आकाश में अद्भुत दृश्य का नाजारा बना रहा । धण्टों तक आतिशबाजी का सिलसिला चलता रहा। और इस क्रम में लोगों ने एक दुसरे से गले मिलकर मिठाईयां खिलाकर नववर्ष की शुभकामनाऐं दी। डीजे साउण्ड पर हिन्दी गीत संगीत नृत्य का दौर शुरू हुआ जहां लोगों ने जमकर थिरके और मजे किये । संध्या 7 बजे से गायिका मंजु भारती के द्वारा गीतों की रसमंजरी सांस्कृतिक कार्यक्रम देर रात तक जारी रहेगा ।
क्लब के संरक्षक शैलेन्द्र कुमार ने सभी जिलाबासीयों को नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि नया साल का जश्न अपने अपने तरीके से जरूर मनाऐं लेकिन यह ध्यान रहे कि सद्भाव का वातावरण बना रहे जिससे आनेवाला दिन किन्तु परन्तु से उपर उठकर देश और समाज में शान्ति और स्नेह का महौल बने। इसी उदाहरण के साथ 2014 को यादगार बनाया जा सके।
डीएलपी एण्ड क्लब के सदस्यों ने नववर्ष के स्वागत में जमकर आतिशबाजी की तथा डीजे की धुनों पर थिरकते रहे।
इस मौके पर क्लब के अध्यक्ष नवनीत कुमार , सचिव मि0 मंडे शर्मा, डा0 नबाव, नगरपरिषद उपसभापति अरविन्द पासवान, जिला परिषद अध्यक्ष सुदामा देवी, सहित शहर के सभी राजनैतिक , समाजिक , व्यवसायिक और पत्रकारगण उपस्थित थे।
शराब की खूब बिक्री हुई।
नववर्ष 2014 का पहला दिन जिला वासियों ने पूरे उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के बीच शांतिपूर्वक मनाया। लजीज खाने और डीजे की धुन पर थिरकते युवा तथा जिले के सभी धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों ने पूजा-अर्चना कर नए साल के पहले दिन की शुरूआत की। नगर परिषद अंतर्गत प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर में दिनभर लोगों ने भगवान शंकर व माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। उधर अपने परिवार, दोस्तों के साथ खूब मस्ती की तथा लजीज खाने का स्वाद लिया। शहर स्थित हसनपुर पहाड़, लाल पहाड़ी पर दोपहर बाद बड़ी संख्या में शहर वासी जमकर पिकनिक मनाया। मीट, मछली और मुर्गा बाजार उदास रहा। लेकिन शराब की खूब बिक्री हुई। बड़ी संख्या में लोगों ने देर शाम तक जाम से जाम टकराकर नए साल का स्वागत किया। श्रृंगीऋषि धाम में भी खूब भीड़ जुटी और स्नान के बाद पूजा और फिर पिकनिक मनाया गया। यहां काफी संख्या में दूर दूर से लोगों ने पहुंचकर कुंड में स्नान किया और फिर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।
नवबर्ष को यादगार बनाने के लिए जिले के विभिन्न जगहों पर युवा युवति और बुर्जगों के द्वारा पिकनिक मनाया गया। लखीसराय शहर के लाली पहाडी, अशोक धाम, सूर्यगढा स्थित जीवन ज्योति बाटिका , नक्सल प्रभावित चानन प्रखण्ड के श्रृंगिरिषी आश्रम, जलल्पा स्थान, कानीमोड जंगल, और नक्सल प्रभावित कजरा थाना क्षेत्र के टाली झरना, छोटकी झरना आदी जगहों पर नववर्ष का जश्न को लेकर उत्साह अपने चरम पर दिखा। नया साल मुबारक हो । हैप्पी न्यू ईयर 2014 की गूंज से जंगली और पहाडी ईलाकों का महौल खुशनुमा बना रहा।
प्राकृतिक छटा काफी मनोरम
ऐतिहासिक श्रृंगिरिषी आश्रम की प्राकृतिक छटा काफी मनोरम है। पहाडों की कन्द्राओं से निकला अविरल जल स्त्रोत की झरना से बहता पानी में लोग डुबकियां लगाकर लोग प्रसन्नचित हो रहे थे ।
सबसे बडी खासयित यह है कि यहां की पानी पाचन क्रिया को ठीक रखता है। किसी भी तरह की गरीष्ठ भोजन खाने के बाद भी यहां आधा धण्टा में भुख लग जाती है। यहां लोग सप्ताह भर रहकर जंगल में मंगल मनाते है।
पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व
ज्ञात हो कि... बाल्मिकी रामायण और रामचरित्र मानस के अनुसार इस श्रंृगीरिषी आश्रम में त्रेतायुगिन राजा दशरथ के चारो पुत्र श्री राम, लक्षमण, भरत, शत्रुधन का मुंडन संस्कार हुआ था। यहां भगवान श्री राम अपने मुंहबोली बहन शांता के साथ महीनों रहकर इस मनोरम छटा का आनंद लिया था। शांता को राजा दशरथ ने गोद लिया था। और वो अंग राज के प्रतापी ब्राहमण के श्रंृगिदेव से विवाह रचाई थी । जो लखीसराय जिला के चानन थाना क्षेत्र के एक आश्रम में रहती थी। आज श्रृंगिरिषी आश्रम के नाम से प्रसिद्व है। यहां के पौराणिक एवं ऐतिहासिक जगह का प्रमाण स्वरूप को देखकर प्रफुल्लित हो रहे है।
उत्साह अपने चरम पर
नया साल 2014 के आगमन पर लोगों में उमंग चरम पर है। शहर के लाली पहाडी और काली पहाडी पर हर कोई हिन्दी भोजपुरी गीतों की रसफुहार, गुलाबी मौसम , तो कहीं युवा और युवतियों का अद्भूत नृत्य से मस्ती में डुबने को तैयार है। सभी एक दुसरे से मिलकर नया साल का बधाई देने मशगुल है। रंग-विरंगे विभिन्न डिजाइनों के ग्रीटिंगस के माध्यम से अपने मित्रों और प्रियजनो को शुभकामनाऐं देते रहे। खासकर छोटे-छोटे बच्चों को उत्साह अपने चरम पर है। गले से गले मिलकर तो कोइ हाथ से हाथ मिलाकर शुभकामनाऐं देने में जुटे रहे।
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आतिशबाजी के साथ नवबर्ष का स्वागत
स्थानीय डी एल पी एंड क्लब लखीसराय के द्वारा सामुहिक रूप से नवबर्ष का स्वागत की तैयारी की गई। के0 आर0 के मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संध्या 5 बजे से नववर्ष 2014 को यादगार बनाने के लिए उत्साह से लबरेज होकर क्लब के सदस्यों ने रंग-विरंगे आतिशबाजी की । आतिशबाजी से आकाश में अद्भुत दृश्य का नाजारा बना रहा । धण्टों तक आतिशबाजी का सिलसिला चलता रहा। और इस क्रम में लोगों ने एक दुसरे से गले मिलकर मिठाईयां खिलाकर नववर्ष की शुभकामनाऐं दी। डीजे साउण्ड पर हिन्दी गीत संगीत नृत्य का दौर शुरू हुआ जहां लोगों ने जमकर थिरके और मजे किये । संध्या 7 बजे से गायिका मंजु भारती के द्वारा गीतों की रसमंजरी सांस्कृतिक कार्यक्रम देर रात तक जारी रहेगा ।
क्लब के संरक्षक शैलेन्द्र कुमार ने सभी जिलाबासीयों को नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि नया साल का जश्न अपने अपने तरीके से जरूर मनाऐं लेकिन यह ध्यान रहे कि सद्भाव का वातावरण बना रहे जिससे आनेवाला दिन किन्तु परन्तु से उपर उठकर देश और समाज में शान्ति और स्नेह का महौल बने। इसी उदाहरण के साथ 2014 को यादगार बनाया जा सके।
डीएलपी एण्ड क्लब के सदस्यों ने नववर्ष के स्वागत में जमकर आतिशबाजी की तथा डीजे की धुनों पर थिरकते रहे।
इस मौके पर क्लब के अध्यक्ष नवनीत कुमार , सचिव मि0 मंडे शर्मा, डा0 नबाव, नगरपरिषद उपसभापति अरविन्द पासवान, जिला परिषद अध्यक्ष सुदामा देवी, सहित शहर के सभी राजनैतिक , समाजिक , व्यवसायिक और पत्रकारगण उपस्थित थे।
शराब की खूब बिक्री हुई।
नववर्ष 2014 का पहला दिन जिला वासियों ने पूरे उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के बीच शांतिपूर्वक मनाया। लजीज खाने और डीजे की धुन पर थिरकते युवा तथा जिले के सभी धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों ने पूजा-अर्चना कर नए साल के पहले दिन की शुरूआत की। नगर परिषद अंतर्गत प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर में दिनभर लोगों ने भगवान शंकर व माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। उधर अपने परिवार, दोस्तों के साथ खूब मस्ती की तथा लजीज खाने का स्वाद लिया। शहर स्थित हसनपुर पहाड़, लाल पहाड़ी पर दोपहर बाद बड़ी संख्या में शहर वासी जमकर पिकनिक मनाया। मीट, मछली और मुर्गा बाजार उदास रहा। लेकिन शराब की खूब बिक्री हुई। बड़ी संख्या में लोगों ने देर शाम तक जाम से जाम टकराकर नए साल का स्वागत किया। श्रृंगीऋषि धाम में भी खूब भीड़ जुटी और स्नान के बाद पूजा और फिर पिकनिक मनाया गया। यहां काफी संख्या में दूर दूर से लोगों ने पहुंचकर कुंड में स्नान किया और फिर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।




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