सरकार ने जहां अतिरिक्त वित्तीय साधनों की व्यवस्था कर प्रारंभिक शिक्षा कोष का निर्माण किया तथा छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन की व्यवस्था का विस्तार किया है यहां यह बताना लाजमी होगा कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत चलाए जा रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य यही है कि छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन योजना की व्यवस्था कर न केवल प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाना बल्कि विद्यालयों में उनकी उपस्थिति बनाए रखना है। सर्व शिक्षा अभियान का यह महत्वाकांक्षी एमडीएम कार्यक्रम उद्देश्य से भटक चुकी है।
लखीसराय जिला मुख्यालय के नया बाजार स्थित श्री दुर्गा मध्य विघालय लखीसराय में मध्यान भोजन में छात्र और छात्रा भेड बकरीयों की तरह पोष्टिक अहार नहीं देकर सडा हुआ चावल जिसमें कीडा हैं उसी चावल को बनाकर खिलाया जा रहा है।
V.O1..इस संदर्भ में जब मिडिया ने स्कुल प्रबंधन के शिक्षिका बीणा देवी से बात किया तो वो बताई कि हमें विभाग सडा हुआ चावल ही मुहैयया करवाता है। उसे हमलोग फटककर छांटकर बनाते है। और 1300 से1400 छात्र.छात्राओं को निय मित खिलाते है।
बाईट. वीणा देवी. शिक्षिका
V.O 2..इस बात की शिकायत जब जिला मध्यान्न भोजन के अधिकारी मधुसुन प्रसाद से मिडिया मिलने गया तो वो अपने कार्यालय में ताला लगाकर चल दिया ।
V.0.3..छात्र .छात्राओं ने बताया कि खाना में स्वाद नहीं रहता है। चावल में खाने के समय कीडा मिल जाता है। खाना तितकठ लगता है। मजबुरी बस खाना को हमलोग खा रहे है।
बाईट. छात्र. छात्रा .
सारण जिले के मशरक प्रखंड के धरमासती गंडामन गांव में विषाक्त मध्याह्न भोजन खाने से 23 बच्चों की हुई मौत ने सबको झकझोर दिया है। वहीं सरकारी व्यवस्था की पोल खोल दी। इस दुखद घटना के बाद सूबे में प्रशासन हरकत में आया। जिला पदाधिकारी के आदेश पर आधा दर्जन से अधिक मध्यए प्राथमिक एवं डीपीईपी विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर एमडीएम का जायजा लिया। मध्याह्न भोजन में छात्रों द्वारा कीड़ा निकलने की शिकायत जल्ला एवं कीड़ा युक्त चावल की ग्रामीणों की शिकायत पर जांच की।
बच्चे एमडीएम मध्याह्न भोजन खाकर मौत की नींद नहीं सो रहे हैं। पर यह सच है कि वे घटिया भोजन खाकर मौत के करीब पहुंच रहे हैं।
लखीसराय जिला मुख्यालय के नया बाजार स्थित श्री दुर्गा मध्य विघालय लखीसराय में मध्यान भोजन में छात्र और छात्रा भेड बकरीयों की तरह पोष्टिक अहार नहीं देकर सडा हुआ चावल जिसमें कीडा हैं उसी चावल को बनाकर खिलाया जा रहा है।
V.O1..इस संदर्भ में जब मिडिया ने स्कुल प्रबंधन के शिक्षिका बीणा देवी से बात किया तो वो बताई कि हमें विभाग सडा हुआ चावल ही मुहैयया करवाता है। उसे हमलोग फटककर छांटकर बनाते है। और 1300 से1400 छात्र.छात्राओं को निय मित खिलाते है।
बाईट. वीणा देवी. शिक्षिका
V.O 2..इस बात की शिकायत जब जिला मध्यान्न भोजन के अधिकारी मधुसुन प्रसाद से मिडिया मिलने गया तो वो अपने कार्यालय में ताला लगाकर चल दिया ।
V.0.3..छात्र .छात्राओं ने बताया कि खाना में स्वाद नहीं रहता है। चावल में खाने के समय कीडा मिल जाता है। खाना तितकठ लगता है। मजबुरी बस खाना को हमलोग खा रहे है।
बाईट. छात्र. छात्रा .
सारण जिले के मशरक प्रखंड के धरमासती गंडामन गांव में विषाक्त मध्याह्न भोजन खाने से 23 बच्चों की हुई मौत ने सबको झकझोर दिया है। वहीं सरकारी व्यवस्था की पोल खोल दी। इस दुखद घटना के बाद सूबे में प्रशासन हरकत में आया। जिला पदाधिकारी के आदेश पर आधा दर्जन से अधिक मध्यए प्राथमिक एवं डीपीईपी विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर एमडीएम का जायजा लिया। मध्याह्न भोजन में छात्रों द्वारा कीड़ा निकलने की शिकायत जल्ला एवं कीड़ा युक्त चावल की ग्रामीणों की शिकायत पर जांच की।
बच्चे एमडीएम मध्याह्न भोजन खाकर मौत की नींद नहीं सो रहे हैं। पर यह सच है कि वे घटिया भोजन खाकर मौत के करीब पहुंच रहे हैं।
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