BREKING NEWS

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Monday, 16 September 2013

हुजूर ! घर से बेदखल कर दिया गया है।

लखीसराय जिला मुख्यालय के बालिका विद्यापीठ स्थित पार्वती देवी को उसका बडा बेटा जबरदस्ती कई मामलों के बांछिंत व ईनामी अपराधी अरूण सिंह के सहारा लेकर घर से किया बेदखल । पार्वती देवी अपने छोटा बेटा के साथ धर के बाहर जहां तहां इन्साफ के लिए दर - बेदर की ठोकर खा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन भी इन अपराधी के भय से मर्माहत है


जबकी यह जमीन नहीं बल्कि बालिका विद्यापीठ स्थित एन0 एच0-80 पर 2 मंजिला मकान बना हुआ है। यह मकान पार्वती देवी के नाम से निबंधित है। और इस करोडों रू0 की मकान को अपराधी अरूण सिंह कौडी के भाव में बाई जबरदस्ती पार्वति देवी से अपने नाम रजिस्टर करवाना चाहता है। जो पार्वती देवी को मंजुर नहीं था। उसे घर से बाहर कर दिया गया । उसके छोटा बेटा आनन्द कुमार अपराधी का विरोध किया तो उसे भी घर निकाल दिया गया है। जबकी बडा बेटा से अपराधी अरूण सिंह ने एक स्टांप पेपर हस्ताक्षर करवा लिया है। और उस मकान को कब्जा कर अपना हक जमा लिया है।

इधर आनन्द अपनी मां पार्वती देवी , पत्नी रिंकी कुमारी और 2 छोटे बच्चों के साथ इन्साफ की गुहार लगा रहा है। लेकिन इस सुशासन में कोई सुनने बाला नहीं है।

लखीसराय समाहरणालय कक्ष में जिला पदाधिकारी अमरेन्द्र प्रसाद सिंह ने जनता दरबार लगाकर लोगों की फरियाद सुनी। पार्वती देवी की छोटा बेटा आनन्द कुमार ने कहा हुजूर ! घर से बेदखल कर दिया गया है। जिससे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। डी0एम0 का जनता दरवार में भी मदद नहीं मिला । लेकिन जिले में अबतक यह जनता दरबार अभियान सिर्फ कागजी बनकर रह गया है। नहीं सुनते अधिकारी--आम जनता परेशान है

Byte....अमरेन्द्र प्रसाद सिंह.... जिला पदाधिकारी

V.O 2 ...एस0 पी0 राजीव मिश्रा ने बताया कि यह झगडालु जमीनी विवाद है। इसमें उसके बडे भाई ने उस अपराधी को लिखा है। छोटा भाई झारखण्ड में रहता है। एस0पी0 ने कहा जमीन बेच दिया गया है। देखता हंु क्या कर सकता हुं।


एस0 पी0 भी ईनामी अपराधी अरूण सिंह से दुश्मनी मोल नहीं लेना चाहते है। क्योंकि ये अपराधी जद यु के एक बडे सांसद के करीबी है। ज्ञात हो कि अरूण सिंह पर बिहार सरकार के पुलिस ने 50 हजार रू0 का ईनाम भी रखा है। और तब एक जद यु0 सांसद के ईशारे पर वो विगत 16 अगस्त को कोर्ट में आत्मसर्मपण भी कर दिया। और चार से पाॅच दिनों के अन्दर ही बेल करवाकर फिर रंगदारी और अबैध कब्जा जमाने की काम खुलेआम कर रहा है। पुलिस इस कुछ भी बोलन से साफ-साफ मना कर रही है।

बाईट - राजीव मिश्रा ..एस0 पी0


बाईट - आनन्द कुमार- छोटा बेटा

बाईट- रिंकी कुमारी - छोटी बहु

विद्युतकर्मीयों का कलमबन्द हडताल

लखीसराय जिला मुख्यालय के जिला विद्युत कार्यालय के समक्ष विद्युतकर्मीयों ने काला विल्ला लगाकर कलमबन्द हडताल किया । बिजली विभाग का सारे काम काज ठप्प दिया है।


ज्ञात हो कि इस तरह की कलमबन्द के साथ -साथ हर तरह का फयुज काॅल, विद्युत आपूर्ति में किसी भी तरह की गडबडीयों की अनदेखी कर विरोध का सर्मथन किया जा रहा है।

जिलाभर के सभी विद्युतकर्मीयों ने पटना में पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में काला विल्ला लगाकर काम काज को बन्दकर दिया है। जिससे पुरे शहर में बिजली आपूर्ति ठप्प हो गया है।

बाईट- संजय कुमार - प्रदर्शकारी विद्युत कर्मी

बाईट- मो आले रसुल - प्रधान सहायक कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग

करमा धरमा

लखीसराय जिला ग्रामिण क्षेत्रों की बहनों ने करमा धरमा कर अपने भाई को दीर्धायु के लिए भगवान शंकर पार्वती की आराधना किया ।

 यह पर्व मुलत आदीबासी क्षेत्र और ग्रामिण परिवेश में होता है जिसमें बहन दिनभर बिना कोईअन्न जल ग्रहण किये उपवास पर रहती है । यह उपवास लगातार 24 धण्टा की होती है।
 

ज्ञात हो कि लखीसराय जिला के महिसोना गांव की विभिन्न मुहल्लो में अलग-अलग जत्था बनाकर करमा - धरमा पर्व मनाया गया । देर रात 8 बजे मिटटी और बालु की रेत से बने भगवान शंकर पार्वती की पुजा अर्चना किया गया और रात भर जागकर भगवान को गीत सुनाकर झुमती रही । सुबह 8 बजेफिर आरती और दुआ के साथ करमा -धरमा का समापन किया गया । भगवान शंकर पार्वती की मुर्तियों को गंगा नदी में प्रवाहित किये गए । और भाई को कुश पहनाकर प्रसाद खिलाया गया । लखीसराय जिले में पौराणिक आस्था और विश्वास के साथ सैकडों बहनों ने अपने-अपने भाई का लम्बी उम्र की कामना कर विकासोन्मुखी रहने की ईश्वर प्रार्थना किया ।

बाईट- लवली कुमारी

बाईट- कविता कुमारी

हमे भी पढ़ाओ’ योजना खानापूर्ति

लखीसराय ! बिहार सरकार ने वर्ष 2007 मेंहमे भी पढ़ाओ योजना का क्रियान्वयन किया था। इसके तहत पुलिस को स्लम बस्तियों में रहने वाले गरीब बच्चों का स्कूल में दाखिला कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।
स्थानीय थाना पुलिस को निदेशित किया गया था कि वे अपने क्षेत्र के स्लम बस्तियों में जाकर लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करे और नि:सहाय निर्धन बच्चों का स्कूल में नामांकन कराए। विडंबना यह है कि इस योजना के बारे में अधिकांश पुलिसकर्मियों को जानकारी तक नहीं है।


सूत्रों की मानें तो खानापूर्ति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के थानेदार अपने इलाके के प्राथमिक मिडिल स्कूल की सांठ-गांठ से वहां नामांकन कराने वाले कुछ बच्चों का दाखिला अपने नाम पर करवा लेते हैं।
 इसके बाद माहवार आंकड़ा तैयार कर क्राइम मीटिंग में पुलिस कप्तान को सुपुर्द कर देते हैं। हालांकि शहरी क्षेत्र के थानेदार तो खानापूर्ति करने की भी जरूरत नहीं समझते। वे बेखौफ होकर महीने के अंत में अपने प्रतिवेदन मेंशून्य लिखकर जमा कर देते हैं।


पुलिस कप्तान भी आखिर करें तो क्या ? पुलिसिंग जो करवानी है। और अगर, क्राइम मीटिंग में जवाब मांग दिया तो थानेदार कहते हैं - ‘सर, बहुत प्रेशर है। थाने में बल की भी कमी है। अपराधी तो पकड़ा नहीं रहा, बच्चों को कैसे स्कूल पहुंचाएंगे। जवाब ऐसा मिलता है कि पुलिस कप्तान भी चुप्पी साध लेते हैं।

थानेदारों की मानें तो बल की कमी के कारण ना तो पुलिसिंग हो पाती है और ना ही सामाजिक कार्य। यही वजह है कि लंबित मामलों का निष्पादन तक नहीं हो पा रहा है।

Friday, 6 September 2013

हवा में 21 स्कुल

लखीसराय जिला में कुल 7 प्रखण्ड है जिसमें प्राथमिक विधालयों की संख्या.484 है मध्य विधालयों की संख्या.291 है। राज्यकीय विधालय.01, राजकीयकृत माध्यमिक विधालय.01, राजकीयकृत उच्च विधालय.41, स्थापना अनुमति प्राप्त विधालय.07, अंगीभुत महाविधालय 02, स्थापना अनुमति प्राप्त माध्यमिक विधालय. 14, सी0 बी0 एस0 0 माध्यमिक .01, सी0बी0एस00 विधालय. 01, जवाहर नवोदय विधालय.1, केन्द्रीय विधालय 1, संस्कृत विधालय.1 है।

कुल विधालयों की संख्या. 775 है

भवनहीन विधालय की संख्या.175 है

भुमिहिन विधालय की संख्या.175 है

सबसे बडी सवाल ये है ण्ण्नवसृजित माध्यमिक विधालयों की संख्या.21 है जो विल्कुल हवा में स्कुल चल रही है।

जिला में बर्ष.2010.2011 को बिहार सरकार से मान्यता प्राप्त नवसृजित माध्यमिक विधालयों की संख्या.14 है और बर्ष.2011.2012 में अन्य 4 है कुल नवसृजित माध्यमिक विधालयों की संख्या.21 है जो विल्कुल हवा में स्कुल चल रही है। जहां कोई शिक्षक नहीं है। कोई भवन नहीं है। कोई छात्र.छात्रा नहीं है। जिसका कोई ठौर ठिकाना अता पता तक नहीं है। यह जिला के शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के कागजों पर ही शोभा दे रही है। शिक्षा पदाधिकारियों को स्वीकृत नवसृजित विद्यालय का स्थलीय जांच करने तथा एक स्पष्ट प्रतिवेदन डीपीओ को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

Wednesday, 4 September 2013

रक्तदान

लखीसराय आर0 लाल0 काॅलेज में एक साथ  70 छात्रों ने रक्तदान कर देश के गरीबों को खुन देने की आग्रह किया । ताकि जो गरीब विना पैसे के खुन नहीं मिलने पर अपनी जान गंवा देते है।
आज शिक्षक दिवस के पूर्व संध्या पर शान्ति स्नेह और सद्भाव का वातावरण बने और शिक्षकों के सम्मान में रक्तदान देकर 70 छात्रों ने देश की निरिह गरीब तबकेके लोगों की जान खुन नहीं मिलने के कारण हो जाता है। उससे निजात दिलाने के उददेश्य से रक्तदान किया गया ।
जो आज के दिन गरीबों के प्रति त्याग  की भावना के साथ सहानुभुति लाकर शिक्षकों के लिए बहुत बडा सम्मान होगी ।

सेवादार शिवा का खुलासा, लड़कियों से अकेले में मिलते थे आसाराम

सेवादार शिवा का खुलासा, लड़कियों से अकेले में मिलते थे आसाराम

आसाराम और उनके वफादारों पर जैसे जैसे शिकंजा कसता जा रहा है वैसे ही रोज नए-नए राज खुलते जा रहे हैं। मंगलवार को जब पुलिस ने आसाराम के खास सेवक शिवा से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने कई राज खोले। सेवादार शिवा ने बताया कि आसाराम लड़कियों से अकेले में ही मिलते थे।

कहा तो यहां तक जा रहा है कि शिवा रात के समय उस कुटिया के बाहर चौकीदारी करता था, जिसमें आसाराम महिलाओं के साथ मौजूद होते थे। इससे पहले सूत्रों ने बताया था कि वॉर्डन शिल्पी नियमित रूप से छात्राओं एवं अन्य महिलाओं को आसाराम के पास भेजती थी।

खुद शिल्पी के कई वर्षो तक आसाराम के साथ संबंध रहे हैं। शिल्पी के कार्यकुशलता से खुश होकर आसाराम ने उसे गुरुकुल की वॉर्डन बनाने के साथ ही अहमदाबाद और दिल्ली में घर दिलवाया गया था।

वहीं, आसाराम के वकील ने लड़की को बालिग बताते हुए कहा कि उसकी उम्र की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूल में दर्ज उसकी जन्मतिथि गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि आसाराम को जेल का खाना नहीं दिया जाना चाहिए और उन्हें पूजा पाठ का सामान लाने की अनुमति मिलनी चाहिए। 

बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत

लखीसराय : बाढ़ का कहर जारी है। लोगों के बीच समस्याएं बरकरार है और ग्रामीणों के बीच राहत राशि एवं खाद्यान्न का वितरण  हर तरफ से निगाहें प्रशासन की ओर टिकी है। बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच प्रत्येक परिवार 1,500 रुपए नकद के अलावा 50 किलो गेहूं एवं 50 किलो चावल की ओर टिकी है।  राहत और मुआवजा के लिए लोग आंदोलन पर उतारू हैं।
आंदोलन के फलस्वरूप सूर्यगढ़ा प्रखंड के रसूलपुर के ग्रामीणों के बीच राहत राशि एवं खाद्यान्न का वितरण हुआ  जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में सूर्यगढ़ा प्रखंड के ताजपुर पंचायत अंतर्गत मवि. रसूलपुर के प्रांगण में सीओ सुभाष प्रसाद की देखरेख में
बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत का वितरण किया गया। 109 बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच प्रत्येक परिवार 1,500 रुपए नकद के अलावा 50 किलो गेहूं एवं 50 किलो चावल वितरित किया गया। निस्ता गांव के पास तटबंध कटाव रोधी कार्य किया गया है। जबकि बड़हिया के बाढ़ पीड़ितों ने अंचल कार्यालय का घेराव किया।

Monday, 2 September 2013


लखीसराय सदर अस्पाताल में डाक्टर साहब हाजिरी बनाकर रफफुचक्कर हो जाते है। और अपना प्राईवेट नर्सिंग होम जाकर डियुटी करते है। अचानक जब कोई मरीज होस्पीटल में पहुंचता है तो वो 2 धण्टा से 3 धण्टा इन्तजार करना पडता है और इस बीच सदर अस्पाताल के थर्डग्रेड के कर्मचारी सलाईन लगाकर मरीज को डाक्टर आने का इन्तजार करवाते है। इस तरह कई मरीज मौत के मुंह में चला जाता है। और काम्पाउंडर जब मोबाईल से डाक्टरों को मरीज आने की खबर देते है। तो वो यहां आकर मरीज को जल्दीबाजी में पटना केपी0एम0सी0एच0 रेफर कर अपना पल्ला झार कर स्वंय स्वतंत्र हो जाते है। प्रतिदिन अक्सर ऐसा ही हमेशा होता है। कभी-कभी थर्डग्रेड के कर्मचारी डाक्टर के रवैया से खिन्न होकर झगड जाते है। यहां 1 सिविल सर्जन , 1 डी0एस0 सहित 11 डाक्टर पदस्थापित है। जिसमें 2 टैक्कनिशियन, 2 दर्जन नर्सेज सहित 12 थर्डग्रेड के कर्मचारी पदस्थापित है। ज्ञात हो कि सिविल सर्जन डा0 शशिभुषण प्र0 सिंह सप्ताह भर में 2 बार हाजिरी बनाकर वो अपने गृहजिला बेगुसराय के निजि नर्सिंग होम रवाना हो जाते है। बाकी डाक्टर का भी वही हाल है। भगवान भरोसे सदर अस्पाताल चल रहा है। आज 2 दिनों से लगातार डाक्टर साहब हाजिरी बनाकर रफफुचक्कर हो जाते है।
लखीसराय सदर अस्पाताल में कहने को तो 100 वेड है। लेकिन व्यवस्था के नामपर कुछ भी सही नहीं है। मरीजो को वेड पर विस्तर रोज बदला नहीं जाता है। मच्छरदानी नहीं है। और तो और दवा की काफी कमी है । हर मरीजों को बाजार के दवा दुकान से दवा लानी पडती है ।सदर अस्पाताल में सिविल सर्जन शशीभुषण सिंह सप्ताह में मात्र 2 दिन ही डियुटी देते है। बाकी दिन वो अपने अबासीय नर्सिंग होम में समय देते है। महिला डाक्टर का अभाव है। नर्स से ही प्रसव कार्य जैसे.तैसे निवटाया जा रहा है। फोर्थ ग्रेड का कर्मचारी मरहम पटटी और अन्य कार्य करते है। एक्सरा मशीन, खुन जांच, दांत जांच आदि तो केबल खानापूर्ति के लिए केबल हाथी का दांत सावित हो रहा है।

स्वस्थ समाज विकसित करने तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद विभाग बेखबर है। स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति में सुधार होने का नाम नहीं ले रहा है। रोगी के घंटों इन्तजार के बाद भी दिन के ग्यारह बजे तक एक भी डॉक्टर नहीं आए। प्रतीक्षा कर रहे रोगियों ने चिकित्सक की लापरवाही पर क्षोभ व्यक्त करते हुए विभाग के वरीय पदाधिकारी से चिकित्सा सुविधा में सुधार लाने की मांग की।

आज सुबह एक मरीज का हाल काफी बेहाल था । थर्डग्रेड के कर्मचारीयों ने किसी तरह पटटी लगाकर उसका देखभाल किया लेकिन डाक्टर गायब ही रहा । और वो भी कुछ देर बाद निजि क्लिीनिक रवाना हो गया । जिससे आम लोगों में इस व्यवस्था से काफी आक्रोश है।
 

जिले के बडहिया रेफरल अस्पाताल का हाल भी बदहाल है। यहां भी डाक्टर समय से नहीं आते है। लोग धण्टों बरामदा पर लेटकर या बैठकर डाक्टर आने का इन्तजार करते रहते है। कई बार इन्तजार करते -करते थक जाते है। और वैरंग दुसरे प्राईवेट डाक्टरों के शरण लेना पडता है। अस्पातालों में लाखों करोडों रू0 की खर्च होने बाद भी एक भी मरीज का सही से ईलाज संभव नहीं हो पा रहा है। डाक्टर समय पर वेतन उठा रहे है। लेकिन समय पर डियुटी नहीं करते है। जिससे लोगों में काफी आक्रोश है।


बाईट- डा0शशिभुषण प्र0 सिंह - सिविल सर्जन

बाईट- गौतम कुमार - मरीज के सहयोगी

बाईट- महेश कुमार - मरीज

जल प्रलय का निरीक्षण


जल प्रलय का निरीक्षण 

जिला प्रशासन का बाढ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए 15 सदस्यीय टीम बनाकर नाव से जलप्रलय का निरीक्षण किया ।

 
बडहिया के नीचले इलाका से दिन के 10 बजे नाव पर सवार होकर हरूहर नदी की भयावह पानी में नाव के द्वारा चलते-चलते तकरीबन 2 बजे टाल रूपी महासमुद्र का टापु में बसा नथनपुर गांव के लोगों से मिला । वहां के लोग मर- मर कर जीने को मजबुर है। एस0 डी0 ओ0 साहब सब लोगों की बात सुनकर अश्वासन देकर फिर अगले पडाव केलिए नाव से निकल पडे। फिर चलते-चलतेफरदपुर गांव, कोठवा गांव के लोगों से नाव पर से ही उनकी समस्या सुनी । और ठीक 3 बजे दुसरी टापुपर पहुंचा । जिसका नाम पाली गांव है।

यहांकी भी हालत जस की तस देखा गया । यहां आधा धंटा विश्राम और लंच केबाद फिर तीसरे और चैथे पडाव के लिए नाव से निकल पडे। महरामचक, ऐजनीघाट, सरौरा, निजामपुर, भानपुर , जानपुर केटापुनुमा टाल के लोगों की समस्या सुनी ।

अब नाव चलते-चलते संध्या 6 बज चुके थे। आकाश में बादल छा गया । बिजली चमकने लगी। नाव हिलने लगा । तब नाव को रायपुरा में रोकी गई। और बहां के लोगों से मिला । नाश्ता पानी के बाद फिर नाव अगले पडाव के लिए निकल पडा ।


 चारो तरफ पानी ही पानी । पानी की गहराई सैकडों फीट नीचें था। और नाव उसके उपर हिचकोला ले रहा था। तेज हवा चल रही थी । अब सारे के सारे लोग डर रहे थे। नाव चल रहा था। और धडी में 9 बज रहे थे। नाव चलते-चलते आलापुर , पहुंची नाव में छेद भी हो गया । लोग नाव से पानी निकाल-निकाल कर किसी तरह देर रात 10 बजे सदायबीघा गांव पहुंचे। और बहां सभी उतर गए । उतरने के बाद ठीक आधा धण्टा के बाद नाव पानी में डुब गया । नाव चालक तैर कर अपनी जान बचा लिया । हम लोग बहांउतरकर गांव के किसी किसान से टैक्टर पर चढकर बडहिया पहुंचे। तब जान में जान आई ।




लखीसराय जिला के बड़हिया प्रखंड एवं नगर पंचायत में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है। लगातार बढ़ रही गंगा और हरूहर नदी ने पिछले दस वर्षो का रिकॉर्ड तोड़ते हुए कई इलाकों में जलप्रलय की स्थिति ला दी है। हरूहर नदी के जलस्तर बढा । 12 हजार परिजन बाढ की चपेट में। 

निरीक्षण के दौरान एसडीओ अंजनी कुमार, अंचलाधिकारी शशि भूषण प्रसाद, महुआ न्युज रिर्पोटर रंजीत कु0 सम्राट , कैमरा मैन - शशी मिश्रा , सहित कई चैनल के रिर्पोटर के साथ जदयू के राज्य सचिव रामानंद मंडल,अमरेश कुमार अनीस, पूर्व मुखिया नंद कुमार प्रसाद, मंटू कुमार आदि लोग साथ थे। बाढ से प्रभावित बडहिया प्रखण्ड के टाल क्षेत्र है जहां गंगा की पानी और हरूहर नदी की पानी अचानक आ जाने से नथनपुर, फरदपुर, कोठवा, पाली, महरामचक, ऐजनी, रायपुरा , गढटोला, सरौरा, निजामपुर, भानपुर, जानपुर, आलापुर, सदायबीघा, धीराढाढ ज्वास, गोल भट्ठा आदी गांव में जल प्रलय का निरीक्षण करते हुए नाव से गए। गंगा के खतरे के निशान से 100 सेंटीमीटर ऊपर बहने की आशंका है। 

बाईट- अंजनी कुमार .. एसडीओ
बाईट- सरोबर राम - पिडित बाढ प्रभावित जनता
पीटी0सी0 - रंजीत कुमार सम्राट


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