BREKING NEWS

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Friday, 30 August 2013

जलमग्न

फिर से बढ़ा नदियों का जलस्तर .... बड़हिया प्रखंड एवं नगर पंचायत क्षेत्र में गंगा एवं हरूहर नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने से एक बार फिर टाल एवं दियारा क्षेत्र के अलावा नगर पंचायत क्षेत्र जलमग्न हो गया है।
ज्ञात हो कि विगत एक सप्ताह पूर्व जितना क्षेत्र प्रभावित हुआ था उससे अधिक क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैल गया है। टाल क्षेत्र के पाली, ऐजनीघाट एवं गिरधरपुर पंचायत के सभी गांव में जाने वाला संपर्क पथ बाढ़ का पानी आ जाने से बंद हो गया है। वहीं खुटहा पूर्वी पंचायत एवं खुटहा पश्चिमी पंचायत जाने वाली सड़क पर जैतपुर गांव के बाहर लगभग दो फीट पानी हो जाने से दियारा क्षेत्र जाने वाले रास्ते बंद हो गए हैं। जैतपुर, रामनगर, गंगासराय, डुमरी पाटन पर, लक्ष्मीपुर, आदर्श लक्ष्मीपुर गांव के चारों ओर बाढ़ का पानी फैल गया है। खुटहा चेतन टोला एवं खुटहा डीह के कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। वहीं मालपुर गांव में भी कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बीएनएम कालेज जाने वाली सड़क पर भी बाढ़ का पानी लगभग दो फीट हो गया है। कालेज परिसर, बोधी टोला, खुशहाल टोला के सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। सैकड़ों परिवार कालेज घाट की तरफ जाने वाली सड़क पर अपना मवेशी एवं खुद का ठिकाना बनाए हुए हैं। गढ़ टोला, गोल भट्ठा गांव भी बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। गोल भट्ठा के दर्जनों घरों में भी पानी प्रवेश कर गया है। टाल एवं दियारा क्षेत्र के लोगों का प्रखंड मुख्यालय आने, मरीज को अस्पताल लाने का एकमात्र सहारा नाव ही रह गया है। पहले से लगभग डेढ़ फीट पानी बढ़ गया है। 

Thursday, 29 August 2013

इंदिरा आवास के आंबटन मे लुट खसोट

लखीसराय जिला मे गरीबी , मुफलीसी और फुटपाथ की जिदंगी जीने बाले लोगो को एक बेहतर जिंदगी देने की कोशिश मे सरकार ने कई योजनाओ की शुरूआत की । जिला में इन्दिरा आबास योजना टाॅय-टाॅय फिस्स । अधिकारी कागजो पर बना रही है गरीब -गुरवो का मकान । बरसात के दिनों खुले आसमान के नीचे जैसे -तैसे रहने को है मजबुर । गरीबो के हित मे की गई इस प्रयास से गरीबो की जिंदगी सुधरे न सुधरे पर अधिकारियो , बिचैलियो और जनप्रतिनिधियो की चाॅदी जरूर हो गई । इंदिरा आवास के आंबटन मे खुला रेट है । जरूरत मंदो को 10 हजार की राशि चढावा के रूप मे देना पडता है ! लखीसराय जिला के महिसोना गांव में महादलितों को इन्दिरा आबास के लिए पहला स्टालमेन्ट 15000 रू0 पास किया गया जिसमें दलाल 2000 रू0 खा गया । मात्र 13 हजार रू0 में जमीन से 3 फीट खडा कर मुसहर जाति के लोग अगला स्टालमेन्ट लेने के फिराक में 2 बर्ष गुजार दिया लेकिन किसी को कुछ नहीं मिला है। तेज गर्मीऔर आंधी पानी झेलकर सभी लोग जैसे-तैसे जीवन गुजर बसर कर रहे है। अपने आधे-अधुरा इन्दिरा अबास में पुआल या प्लास्टिक पन्नी से ढक कर रह रहा है। जबकी अब महादलित समुदाय सरकार और जिला प्रशासन की ओर टकटकी लगाकर इन्तजार में है। कि कब उसे अगला बाकी राशि मिलेगा। लेकिन इघर अगला स्टालमेन्ट के लिए दालाल उनसे 10 हजार कमीशन के तौर पर मांग रहा है। दर्जनोंलोग इसी लाईन मेंखडे है। जबकी दलाल और अधिकारी दुसरा स्टाॅलमेन्ट का राशि निकाल कर खा चुका है। और कई बच्चो के नाम शामिल है जिनके नाम पर इंदिरा आवास की राशि उठाई गई । जिसका फायदा स्थानीय अधिकारियो , जनप्रतिनिधियो को लुट का पैमाना तय करती है । यही बजह है की यहाॅ एक एक आदमी के नाम पर चार चार बार इंदिरा आवास का आबांटन हुआ । अशिक्षा और संबादहीनता की कमी से स्थानीय जनप्रतिनिधी ,दलाल अधिकारियो की मिलीभगत से लुट खसोट का खेल खुलेआम करते है । जिसमे भोली भाली जनता इनके चक्रव्युह मे फॅस जाती है । गाॅव वालो की यकिन करे तो यहाॅ इंदिरा आवास के आंबटन मे खुला रेट है । जरूरत मंदो को 10 हजार की राशि चढावा के रूप मे देना पडता है कई गाॅव है जहाॅ  सरकारी राशि की लूट खसोट के लिए कई तरह के तिकरम को प्रयोग मे लाया गया ।

रैव म्युजिक लांच

रैव म्युजिक लांच
लखीसराय शहर के होटल शान्ति इन में रूप आलमवीर फिल्म म्युजिक कं0 के द्वारा बनारस की प्रसिद्व फिल्म निर्माता रूपेश गुप्ता ने रैव म्युजिक लांच किया जिसमें बिहार के दर्जनो भोजपुरी फिल्म निर्माता और कलाकारों ने भाग लिया।

 

वीआईपी होटलों में चल रहे जिस्मफरोशी

लखीसराय शहर के वीआईपी होटलों में चल रहे जिस्मफरोशी के धंधे का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस ने रैकेट से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। देर रात को पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े सरगनाओं एवं होटल मालिकों के आवासों की सघन तलाशी ली।
लखीसराय शहर के वीआईपी होटलों में चल रहे जिस्मफरोशी के धंधे का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस ने रैकेट से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। देर रात को पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े सरगनाओं एवं होटल मालिकों के आवासों की सघन तलाशी ली। पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा की निगरानी एसडीपीओ सुबोध कुमार विश्वास के नेतृत्व में जिले के विभिन्न थानों के थानाध्यक्षों ने होटल शांति के मालिक साधु शरण साव के लाल पहाड़ी स्थित चार मंजिला आलीशान आवास को कई घंटों तक खंगाला। उसके बाद पुलिस की टीम ने शहर के कबैया रोड स्थित होटल सत्कार रेस्ट हाउस के मालिक विजय गुप्ता के आवास पर भी छापेमारी कर गहन तलाशी ली। छापेमारी में पुलिस ने एक दर्जन बैंक पासबुक, चेकबुक, राइफल के चार कारतूस, एक एयरगन, एक एयर पिस्टल, दूरबीन समेत भारी मात्रा में कागजात जब्त किए। पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा को शहर के इन वीआईपी होटलों में सेक्स रैकेट चलने की सूचना मिली थी। इसपर कबैया थानाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी, महिला थानाध्यक्ष सुधा कुमारी लखीसराय थानाध्यक्ष राजकुमार तिवारी के नेतृत्व में पुलिस ने गोपनीय तरीके से बुधवार की रात होटल शांति में छापेमारी कर होटल के अलग-अलग कमरों से तीन तथा सत्कार रेस्ट हाउस से चार लड़कियों को दबोच लिया। इनके साथ कोलकाता का मो. रजा नामक एक युवक, सत्कार रेस्ट हाउस का संचालक डब्लू राम तथा शांति होटल के मालिक साधु शरण साव को भी गिरफ्तार कर लिया गया। छापेमारी में पुलिस को लड़कियों के कमरे से कंडोम अन्य आपत्तिजनक सामान भी मिले हैं। गिरफ्तार सभी लड़कियां जिस्मफरोशी के धंधे में शामिल थीं जो दलालों के माध्यम से होटल में रहकर सेक्स वर्कर के रूप में काम कर रही थीं। पुलिस ने इन सभी लड़कियों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं। इनकी जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने बताया कि होटलों से बरामद सात लड़कियों में कुछ नाबालिग भी दिख रही हैं। इन्हें न्यायालय के आदेशानुसार रिमांड होम भेजा जाएगा। एसपी ने बताया कि होटल शांति का मालिक साधु शरण साव पूर्व में भी नोट डबलर के रूप में गिरोह चलाता था। उसके आवास पर की गई छापेमारी में पांच करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति होने के साक्ष्य मिले हैं। बरामद बैंक पासबुक जमीन के कागजातों की जांच की जा रही है। उसके विरुद्ध आर्थिक अपराध का मामला दर्ज कराया जाएगा। एसपी ने बताया कि सत्कार रेस्ट हाउस के मालिक विजय गुप्ता ने होटल को विजय राम नामक एक व्यक्ति को लीज पर देने की बात कही है। उसके आवास पर की गई छापेमारी में 40-50 लाख रुपये सूद पर लगाने के बंध पत्र तथा कई पासबुक जब्त किए गए हैं। छापेमारी में होटल शांति से कोलकाता की एक, शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र अंतर्गत खलीफा चौक की एक, जमुई की एक एवं होटल सत्कार रेस्ट हाउस से पटना के कंकड़बाग गोलंबर की एक, पटना गायघाट की दो एवं लखीसराय जिले के बड़हिया थाना के खुटहाडीह गांव की रहने वाली एक लड़की को गिरफ्तार किया गया।


 पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा की निगरानी एसडीपीओ सुबोध कुमार विश्वास के नेतृत्व में जिले के विभिन्न थानों के थानाध्यक्षों ने होटल शांति के मालिक साधु शरण साव के लाल पहाड़ी स्थित चार मंजिला आलीशान आवास को कई घंटों तक खंगाला। उसके बाद पुलिस की टीम ने शहर के कबैया रोड स्थित होटल सत्कार रेस्ट हाउस के मालिक विजय गुप्ता के आवास पर भी छापेमारी कर गहन तलाशी ली। छापेमारी में पुलिस ने एक दर्जन बैंक पासबुक, चेकबुक, राइफल के चार कारतूस, एक एयरगन, एक एयर पिस्टल, दूरबीन समेत भारी मात्रा में कागजात जब्त किए। पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा को शहर के इन वीआईपी होटलों में सेक्स रैकेट चलने की सूचना मिली थी। इसपर कबैया थानाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी, महिला थानाध्यक्ष सुधा कुमारी लखीसराय थानाध्यक्ष राजकुमार तिवारी के नेतृत्व में पुलिस ने गोपनीय तरीके से बुधवार की रात होटल शांति में छापेमारी कर होटल के अलग-अलग कमरों से तीन तथा सत्कार रेस्ट हाउस से चार लड़कियों को दबोच लिया। इनके साथ कोलकाता का मो. रजा नामक एक युवक, सत्कार रेस्ट हाउस का संचालक डब्लू राम तथा शांति होटल के मालिक साधु शरण साव को भी गिरफ्तार कर लिया गया। छापेमारी में पुलिस को लड़कियों के कमरे से कंडोम अन्य आपत्तिजनक सामान भी मिले हैं। गिरफ्तार सभी लड़कियां जिस्मफरोशी के धंधे में शामिल थीं जो दलालों के माध्यम से होटल में रहकर सेक्स वर्कर के रूप में काम कर रही थीं। पुलिस ने इन सभी लड़कियों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं। इनकी जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने बताया कि होटलों से बरामद सात लड़कियों में कुछ नाबालिग भी दिख रही हैं। इन्हें न्यायालय के आदेशानुसार रिमांड होम भेजा जाएगा। एसपी ने बताया कि होटल शांति का मालिक साधु शरण साव पूर्व में भी नोट डबलर के रूप में गिरोह चलाता था। उसके आवास पर की गई छापेमारी में पांच करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति होने के साक्ष्य मिले हैं। बरामद बैंक पासबुक जमीन के कागजातों की जांच की जा रही है। उसके विरुद्ध आर्थिक अपराध का मामला दर्ज कराया जाएगा। एसपी ने बताया कि सत्कार रेस्ट हाउस के मालिक विजय गुप्ता ने होटल को विजय राम नामक एक व्यक्ति को लीज पर देने की बात कही है। उसके आवास पर की गई छापेमारी में 40-50 लाख रुपये सूद पर लगाने के बंध पत्र तथा कई पासबुक जब्त किए गए हैं। छापेमारी में होटल शांति से कोलकाता की एक, शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र अंतर्गत खलीफा चौक की एक, जमुई की एक एवं होटल सत्कार रेस्ट हाउस से पटना के कंकड़बाग गोलंबर की एक, पटना गायघाट की दो एवं लखीसराय जिले के बड़हिया थाना के खुटहाडीह गांव की रहने वाली एक लड़की को गिरफ्तार किया गया।



Wednesday, 14 August 2013

शहीद नीरज के परिजनों का हाल बेहाल

शहीद्व नीरज को नही मिला न्याय !

लखीसराय जिले के सिंगारपुर गांव की कहानी है जहां कई सेना के जवान अपने देश पे मर मिटने की कहानी लिखी है कई ऐसे युवक है जो आज भी अपने देश के लिए मर मिटने के लिए सेना मेंतैनात है । पर उन सेनाओं के साथ भारत सरकार काफी धोखा दिया है जिन्होने अपने वतन को लेकर अपनी जान की कुर्बानी कर दिया है। ऐसा ही एक शहीद्व कारगिल युद्व में नीरज की कहानी है जो 12 दिसम्बर 1999 में देश के लिए जान दे दिया । इस द्यटना के बाद कई बिहार के मत्रियों ने इनके परिवार को अश्वासन बडे शब्दो में दिया था पर आज नीरज के परिवार मेंसही भोजन खाने-पीनेको ललायित है । नीरज की शादी 1994 में हुआ था तीन साल के बाद अपने विवाहित पत्नी राधा को अपने घर लाने के एक साल बाद प्रथम पुत्री शीलु के जन्म के बाद ही यह अपने देश की रक्षा के लिए शहीद्व हो गये है लेकिन इनकी पत्नी को क्या मालुम था कि नीरज से दुबारा मिलना न गवारा हुआ । ......................................................


ज्ञात हो कि पिछले बिहार सरकार के द्वारा इन परिवार को कई छोटे मोटे लाभ मिलना शुरू हो गया लेकिन बिहार सरकार के द्वारा कई विकास घोषना के बाद भी आज तक न ही सिंगारपुर गांव में शहीद्व द्वार को पुरा किया गया और न ही शहीद्व भवन को निर्माण किया गया रही बात नीरज के नाम पर स्कुल का संचालन करने की बात तो स्कुल का संचालन किया गया पर शहीद्व नीरज के नाम पर स्कुल का नामांकन नही किया गया।
 
 

श्रृंगिरिषी आश्रम

लखीसराय जिला के नक्सल प्रभावित चानन थाना क्षेत्र के जंगली एवं पहाडीयों के कन्द्राओं में श्रृंगिरिषी आश्रम अवस्थित है। जहां ऋषि
मुनियों का तपोभुमि हुआ करता था। और धने जंगल में भगवान श्रीराम के मुंहबोली बहनोई श्रृंगिरिषी का आश्रम था ।
जहां भगवान शंकर का विशाल शिवलिंग है। इसलिए इस जंगल में हजारों श्रद्वालु बिना कोई भय के महादेव पर जलाभिषेक कर रहे है।

यहां की प्राकृतिक छटा काफी मनोरम है। पहाडों की कन्द्राओं से निकला अविरल जल स्त्रोत की झरना से बहता पानी में लोग डुबकियां लगाकर लोग प्रफुल्लित होते है।
 

 सबसे बडी खासयित यह है कि यहां की पानी पाचन क्रिया को ठीक रखता है। किसी भी तरह की गरीष्ठ भोजन खाने के बाद भी यहां आधा धण्टा में भुख लग जाती है। यहां लोग सप्ताह भर रहकर जंगल में मंगल मनाते है। और भगवान शिव को जलाभिषेक करते है। ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से इस श्रृंगिरिषी आश्रम का बहुत बडी महत्व है। यहां आने के बाद शान्ति स्नेह और सद्भाव व शकुन महसुश होता है। सावन महिना में यहां प्रतिदिन भीड रहती है। जिला के श्रृंगिऱिषी घाम में आज 30 हजार श्रद्वालुओं ने शिवलिंग पर किया जलाभिषेंक ।
 

ज्ञात हो कि... बाल्मिकी रामायण और रामचरित्र मानस के अनुसार इस श्रृंगीरिषी आश्रम में त्रेतायुगिन राजा दशरथ के चारो पुत्र श्री राम, लक्षमण, भरत, शत्रुधन का मुंडन संस्कार हुआ था। यहां भगवान श्री राम अपने मुंहबोली बहन शांता के साथ महीनों रहकर इस मनोरम छटा का आनंद लिया था। शांता को राजा दशरथ ने गोद लिया था। और वो अंग राज के प्रतापी ब्राहमण रिषी के श्रृंगिव से विवाह रचाई थी । लखीसराय जिला के चानन थाना क्षेत्र के एक आश्रम में रहती थी। जो आज श्रृंगिरिषी धाम के नाम से प्रसिद्व है।

तुलसी रामायण के अनुसार जब राजा दशरथ ने राम सहित सभीं राजकुमारों का पुत्रेष्ठी यज्ञोपवित संस्कार मुंडन के लिए इसी रास्ते से भगवान शिव की पुजाकर श्रृंगि रिषि के यहा गये थे जो श्रृंगि रिषि आश्रम लखीसराय से 9 किलोमिटर कि दुरी पर चानन प्रखंड में है। श्रृंगि रिषि की महिमा न्यारी और प्यारी है । इस मंदिर के धर्मस्थल जाने के लिए लखीसराय एवं किउल स्टेशन से रिक्शा, टमटम एवं टेक्सी मिलती है । यह स्टेशन से मात्र 9 किलोमिटर कि दुरी पर स्थित हैं । राजधानी पटना से 125 किलोमिटर पुरब राष्ट्रीय उच्च पथ नेशनल हाईवे 80 पर से लगभग 12 किलोमीटर की दुरी पर अवस्थित हैं श्रृंगीरिषि आश्रम को रमणिक पर्यटन स्थल के रूप मे बिकसित करे तो यह लखीसराय जिले का प्रसिद्व धार्मिक स्थल के रूप में अच्छा राजस्व देने के साथ देश विदेश के मनाचित्र पर भी आ सकता है ।

 जहां भगवान शंकर का विशाल शिवलिंग है। इसलिए इस जंगल में हजारों श्रद्वालु बिना कोई भय के महादेव पर जलाभिषेक कर रहे है। यहां की प्राकृतिक छटा काफी मनोरम है। पहाडों की कन्द्राओं से निकला अविरल जल स्त्रोत की झरना से बहता पानी में लोग डुबकियां लगाकर लोग प्रफुल्लित होते है। सबसे बडी खासयित यह है कि यहां की पानी पाचन क्रिया को ठीक रखता है। किसी भी तरह की गरीष्ठ भोजन खाने के बाद भी यहां आधा धण्टा में भुख लग जाती है। यहां लोग सप्ताह भर रहकर जंगल में
मंगल मनाते है। और भगवान शिव को जलाभिषेक करते है। ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से इस श्रृंगिरिषी आश्रम का बहुत बडी महत्व है। यहां आने के बाद शान्ति स्नेह और सद्भाव व शकुन महसुश होता है। सावन महिना में यहां प्रतिदिन भीड रहती है। जिला के श्रृंगिऱिषी घाम में आज 30 हजार श्रद्वालुओं ने शिवलिंग पर किया जलाभिषेंक ।

ज्ञात हो कि... बाल्मिकी रामायण और रामचरित्र मानस के अनुसार इस श्रृंगीरिषी आश्रम में त्रेतायुगिन राजा दशरथ के चारो पुत्र श्री राम, लक्षमण, भरत, शत्रुधन का मुंडन संस्कार हुआ था। यहां भगवान श्री राम अपने मुंहबोली बहन शांता के साथ महीनों रहकर इस मनोरम छटा का आनंद लिया था। शांता को राजा दशरथ ने गोद लिया था। और वो अंग राज के प्रतापी ब्राहमण रिषी के श्रृंगिव से विवाह रचाई थी । लखीसराय जिला के चानन थाना क्षेत्र के एक आश्रम में रहती थी। जो आज श्रृंगिरिषी धाम के नाम से प्रसिद्व है।

तुलसी रामायण के अनुसार जब राजा दशरथ ने राम सहित सभीं राजकुमारों का पुत्रेष्ठी यज्ञोपवित संस्कार मुंडन के लिए इसी रास्ते से भगवान शिव की पुजाकर श्रृंगि रिषि के यहा गये थे जो श्रृंगि रिषि आश्रम लखीसराय से 9 किलोमिटर कि दुरी पर चानन प्रखंड में है। श्रृंगि रिषि की महिमा न्यारी और प्यारी है । इस मंदिर के धर्मस्थल जाने के लिए लखीसराय एवं किउल स्टेशन से रिक्शा, टमटम एवं टेक्सी मिलती है । यह स्टेशन से मात्र 9 किलोमिटर कि दुरी पर स्थित हैं । राजधानी पटना से 125 किलोमिटर पुरब राष्ट्रीय उच्च पथ नेशनल हाईवे 80 पर से लगभग 12 किलोमीटर की दुरी पर अवस्थित हैं श्रृंगीरिषि आश्रम को रमणिक पर्यटन स्थल के रूप मे बिकसित करे तो यह लखीसराय जिले का प्रसिद्व धार्मिक स्थल के रूप में अच्छा राजस्व देने के साथ देश विदेश के मनाचित्र पर भी आ सकता है ।

रामेश्वरम की शिवलिंग


लखीसराय जिला के नक्सल प्रभावित चानन थाना क्षेत्र के श्रंृगारपुर गांव में पहाडी क्षेत्रों के स्थित खेतों में हल से जुताई के दौरान देवाधि देव महादेव का अद्भुत शिवलिंग निकला ।
 जिसे लोग सक्षात भगवान रामेश्वरम की शिवलिंग से तुलना कर रहे है। लोगों का कहना है। कि यह शिवलिंग ऐतिहासिक एव पौराणिक शिवलिंग है।
 जो त्रेतायुग में राजा दशरथ अपने 4 पुत्रों को इसी रास्ते लेकर श्रंृगिरिषी आश्रम ले गए थे। जहां उनका मुंडन हुआ था। तो जाने के क्रम में इसी रास्ते में सिंगार पुर गांव पडता है।

जहां वो 1 दिन विश्राम किया था। और भगवान शिवलिंग को स्थापित कर पुजा अर्चना किये थें । जो आज यहां रामेश्वरम के नाम से प्रसिद्व हो गया है।