लखीसराय जिला मे गरीबी , मुफलीसी और फुटपाथ की जिदंगी जीने बाले लोगो को एक बेहतर जिंदगी देने की कोशिश मे सरकार ने कई योजनाओ की शुरूआत की । जिला में इन्दिरा आबास योजना टाॅय-टाॅय फिस्स । अधिकारी कागजो पर बना रही है गरीब -गुरवो का मकान । बरसात के दिनों खुले आसमान के नीचे जैसे -तैसे रहने को है मजबुर । गरीबो के हित मे की गई इस प्रयास से गरीबो की जिंदगी सुधरे न सुधरे पर अधिकारियो , बिचैलियो और जनप्रतिनिधियो की चाॅदी जरूर हो गई । इंदिरा आवास के आंबटन मे खुला रेट है । जरूरत मंदो को 10 हजार की राशि चढावा के रूप मे देना पडता है ! लखीसराय जिला के महिसोना गांव में महादलितों को इन्दिरा आबास के लिए पहला स्टालमेन्ट 15000 रू0 पास किया गया जिसमें दलाल 2000 रू0 खा गया । मात्र 13 हजार रू0 में जमीन से 3 फीट खडा कर मुसहर जाति के लोग अगला स्टालमेन्ट लेने के फिराक में 2 बर्ष गुजार दिया लेकिन किसी को कुछ नहीं मिला है। तेज गर्मीऔर आंधी पानी झेलकर सभी लोग जैसे-तैसे जीवन गुजर बसर कर रहे है। अपने आधे-अधुरा इन्दिरा अबास में पुआल या प्लास्टिक पन्नी से ढक कर रह रहा है। जबकी अब महादलित समुदाय सरकार और जिला प्रशासन की ओर टकटकी लगाकर इन्तजार में है। कि कब उसे अगला बाकी राशि मिलेगा। लेकिन इघर अगला स्टालमेन्ट के लिए दालाल उनसे 10 हजार कमीशन के तौर पर मांग रहा है। दर्जनोंलोग इसी लाईन मेंखडे है। जबकी दलाल और अधिकारी दुसरा स्टाॅलमेन्ट का राशि निकाल कर खा चुका है। और कई बच्चो के नाम शामिल है जिनके नाम पर इंदिरा आवास की राशि उठाई गई । जिसका फायदा स्थानीय अधिकारियो , जनप्रतिनिधियो को लुट का पैमाना तय करती है । यही बजह है की यहाॅ एक एक आदमी के नाम पर चार चार बार इंदिरा आवास का आबांटन हुआ । अशिक्षा और संबादहीनता की कमी से स्थानीय जनप्रतिनिधी ,दलाल अधिकारियो की मिलीभगत से लुट खसोट का खेल खुलेआम करते है । जिसमे भोली भाली जनता इनके चक्रव्युह मे फॅस जाती है । गाॅव वालो की यकिन करे तो यहाॅ इंदिरा आवास के आंबटन मे खुला रेट है । जरूरत मंदो को 10 हजार की राशि चढावा के रूप मे देना पडता है कई गाॅव है जहाॅ सरकारी राशि की लूट खसोट के लिए कई तरह के तिकरम को प्रयोग मे लाया गया ।
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