लखीसराय विगत एक पखवारे से गंगा नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ने के कारण हरूहर एवं किऊल सहित अन्य नदियों पर दबाव बढ़ने लगा है।
लखीसराय जिला के हरनामचक, महमदपुर, आलापुर, सदायबीघा, जीतवारपुर, दीघा सहित दर्जनों गांव जल प्लावित हो चुका है। लोग जान माल की सुरक्षा के लिए नाव का सहारा लेकर शहर की ओर लौट रहे है। इधर जिला प्रशासन ने गंगा की उफान से तेजी से बढ रहे जलस्तर के कारण 84 बाढ प्रभावित स्कुलों में सार्वजनिक छुटटी धोषित कर दिया गया है। गंगा डरा रही है लोग भाग रहे है।
जिले में बाढ से समान्य प्रभावित इलाकाई क्षेत्र की आबादी 16,4445 एक लाख चैसठ हजार चार सौ पैतालीस है। जो बरसात के दिनों लखीसराय शहर में किउल नदी व हरूहर नदी में जल जमाव से प्रभावित होता है। बहीं जिले के पिपरिया प्रखण्ड, बडहिया प्रखण्ड के गंगाधाट, हरूहर नदी और टाल क्षेत्र का अंश जल जमाव से प्रभावित होता है। जिले के सुर्यगढा में गंगा , किउल नदी,और हरूहर नदी का मिलन होता है। यहां भी बाढ आने की संभावना अक्सर बनी रहती है।
खासकर पिपरिया एवं सूर्यगढ़ा प्रखंड के दियारा क्षेत्र में सैकड़ों बीघे में लगी मकई एवं सब्जी की फसल डूबने लगे हैं। वहीं दियारा क्षेत्र के तरी पर इलाके में कटाव का खतरा मंडराने लगा है। जिससे किसान व ग्रामीण परेशान है। गंगाए हरूहर एवं किऊल नदी में जलस्तर बढ़ जाने के पशुपालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। मकई व भदई फसल को डूबते देख किसानों का कलेजा फटने लगा है। गंगा में तेजी आने से नदी किनारे निचले हिस्से में सैकड़ों बीघे में लगी फसल डूबकर नष्ट हो चुकी है। पशुओं के लिए चारे की समस्या गंभीर है।
V.O1...जिला प्रशासन ने दौरा कर सभी पिडितों के उचित व्यवस्था करने की बात कहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बाढ़ पूर्व प्रभावित इलाके में पशुचारा की व्यवस्था करने का आदेश दे रखा है
लखीसराय जिला के हरनामचक, महमदपुर, आलापुर, सदायबीघा, जीतवारपुर, दीघा सहित दर्जनों गांव जल प्लावित हो चुका है। लोग जान माल की सुरक्षा के लिए नाव का सहारा लेकर शहर की ओर लौट रहे है। इधर जिला प्रशासन ने गंगा की उफान से तेजी से बढ रहे जलस्तर के कारण 84 बाढ प्रभावित स्कुलों में सार्वजनिक छुटटी धोषित कर दिया गया है। गंगा डरा रही है लोग भाग रहे है।
जिले में बाढ से समान्य प्रभावित इलाकाई क्षेत्र की आबादी 16,4445 एक लाख चैसठ हजार चार सौ पैतालीस है। जो बरसात के दिनों लखीसराय शहर में किउल नदी व हरूहर नदी में जल जमाव से प्रभावित होता है। बहीं जिले के पिपरिया प्रखण्ड, बडहिया प्रखण्ड के गंगाधाट, हरूहर नदी और टाल क्षेत्र का अंश जल जमाव से प्रभावित होता है। जिले के सुर्यगढा में गंगा , किउल नदी,और हरूहर नदी का मिलन होता है। यहां भी बाढ आने की संभावना अक्सर बनी रहती है।
खासकर पिपरिया एवं सूर्यगढ़ा प्रखंड के दियारा क्षेत्र में सैकड़ों बीघे में लगी मकई एवं सब्जी की फसल डूबने लगे हैं। वहीं दियारा क्षेत्र के तरी पर इलाके में कटाव का खतरा मंडराने लगा है। जिससे किसान व ग्रामीण परेशान है। गंगाए हरूहर एवं किऊल नदी में जलस्तर बढ़ जाने के पशुपालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। मकई व भदई फसल को डूबते देख किसानों का कलेजा फटने लगा है। गंगा में तेजी आने से नदी किनारे निचले हिस्से में सैकड़ों बीघे में लगी फसल डूबकर नष्ट हो चुकी है। पशुओं के लिए चारे की समस्या गंभीर है।
V.O1...जिला प्रशासन ने दौरा कर सभी पिडितों के उचित व्यवस्था करने की बात कहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बाढ़ पूर्व प्रभावित इलाके में पशुचारा की व्यवस्था करने का आदेश दे रखा है

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