आज लखीसराय हाथ-पैर सुन्न कर देने वाली ठंड की चपेट में है। कड़ाके की ठंड का असर लखीसराय जिले में कहर बनता जा रहा है। तापमान में लगातार कमी और ठंडी हवाओं के बीच बढ़ी कनकनी से लोगों की जिंदगी ठहर सी गई है। दिनभर घने कोहरे व बादल की चादर से पूरा आसमान ढका रहा। सुबह के बाद जैसे-जैसे घड़ी की सुई आगे बढ़ी मानो ठंड और कनकनी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी। शहर के मुख्य बाजार, स्टेशन किनारे, बाजार समिति सहित शहर के चौक चौराहों एवं प्रखंड क्षेत्रों में दुकानदार व गरीब तबके के लोग कागज, प्लास्टिक को जलाकर ठंड से बचने का प्रयास करते दिखे। जिला प्रशासन ने शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर अलाव की जो व्यवस्था की थी वह कहीं भी नजर नहीं आया। एक सप्ताह तक खुशनुमा मौसम तथा खिले धूप के बाद से ही बदले मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। उधर बिजली की आंख मिचौनी के कारण घर में रखे रूम हीटर भी दगा दे रहा है। लोग लकड़ी खरीद कर ठंड से बचाव में जुटे हैं। रहे। उधर दैनिक मजदूर, ठेला, रिक्शा, टमटम चालक खासे परेशान हैं।ठंड का यह कहर न केवल बुजुर्गो बल्कि युवाओं पर भी भारी पड़ सकता है।
ऐसे में लापरवाही बरतने से बेहतर है कि लोग अपनी सुरक्षा खुद करें और बचाव की राह पर चलें। सभी को शरीर को पूरी तरह ढक कर रखना चाहिए, जहां तक संभव हो घर से बाहर निकले से पहले मौजा, दस्ताना, स्कार्फ जरूर पहनें। बुजुर्ग व बच्चे सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचें और बीमार लोग अपने क्तचाप की जांच सुबह के समय जरूर कराएं कड़ाके की सर्दी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। ठंड से बीते एक सप्ताह में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। मगर सरकारी आंकड़ों की मानें तो अभी तक ठंड से एक भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में लापरवाही बरतने से बेहतर है कि लोग अपनी सुरक्षा खुद करें और बचाव की राह पर चलें। सभी को शरीर को पूरी तरह ढक कर रखना चाहिए, जहां तक संभव हो घर से बाहर निकले से पहले मौजा, दस्ताना, स्कार्फ जरूर पहनें। बुजुर्ग व बच्चे सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचें और बीमार लोग अपने क्तचाप की जांच सुबह के समय जरूर कराएं कड़ाके की सर्दी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। ठंड से बीते एक सप्ताह में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। मगर सरकारी आंकड़ों की मानें तो अभी तक ठंड से एक भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है।


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