लखीसराय नगर परिषद में सबसे बडा डस्टवीन घोटाला हुआ है। 6 माह के बाद भी अधिकारीयों ने जांच रिर्पोट देने में आना.कानी कर रहे है। 1 करोड 50 लाख रू0 की कुडादान खरीददारी में लुट हुई है । बिहार नगर विकास विभाग के नोटिश के बाद भी जांच में देर हो रही है । कौन है दोषी ।
नगर परिषद लुट का बना अडडा बन कर रह गया है। ज्ञात हो कि पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी राजेश्वर झा और निवर्तमान नगर परिषद के अध्यक्ष के मिलीभगत से एक निजि डस्टवीन कं0 से 1 करोड 50 लाख रू0 की सौदा तय हुआ। जिसमें बडा डस्टवीन कुडादान का कीमत-1लाख 98 हजार रू0 और छोटा डस्टवीन का कीमत-46 हजार 900रू0 तय किया गया। जिसमें50 प्रतिशत कमिशन काटकर एडभांस के रूप में चोरी-छिपेपूर्व कार्यपालक पदाधिकारी राजेश्वर झा और निवर्तमान नगर परिषद के अध्यक्ष को दिया गया। और मामुली प्लास्टिक और पतला लोहे की चदरा से डस्टवीन बनाकर शहर के कईमुख्य स्थलों पर रख दिया गया।
जो मात्र 6 माह में ही सड कर टुटने की कगार में है। जबकी एक टैक्टर की मजबुत हाइड्ोलिक टाॅली का कीमत-75 हजार रू0 में हो जाता है। एक नैनों कार 1लाख 50 हजार में मिल जाता है। फिर भी ना जाने कमजोर प्लास्टिक का डस्टवीन क्यों खरीदा गया । सभी वार्ड पार्षद सवाल उठाये तो अधिकारी अपना ट्ान्र्सफर करवा कर फुर्र हो गया है। और नगर विकास विभाग नये अधिकारी को भेज कर मामला दवाने की प्रयास कर रही है।


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