BREKING NEWS

यह एक प्रयास है संचार क्रांति के इस युग में लोगों तक खबरों के पीछे की ख़बरों को पहुँचाने का ....आपके समर्थन और सहयोग की अपेक्षा है|मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव देखने के लिए जाएं Onnewslakhisarai.blogspot.com पर... अगर आपके पास भी जनसरोकार से जुडी कोई खबर या सुचना है तो हमें इस पते पर संपर्क करें 9955217600..ranjit.samrat धन्यवाद -:-

Thursday, 15 November 2012

दाल का कटोरा


दाल का कटोरा
लखीसराय जिला के बडहिया टाल क्षेत्र में दलहन की प्रचुर मात्रा में खेती की जाती थी जिससे बिहार ही नहीं बल्कि सम्र्पुण भारत के कई राज्यों में दलहन की कच्चा माल मील-मालिकों को उपलब्ध कराया जाता था । जबकी लखीसराय शहर के मुख्य व्यवसायिक मंडी नया बाजार कें सैकडों घरों में चकरी मशीन द्वारा बडहिया टाल क्षेत्र के कच्चा माल दलहन को साफ-सुथरा करके फ्रेश दाल बनाया जाता था । जिसके कारण लखीसराय शहर के बडहिया टाल क्षेत्र दाल का कटोरा और नया बाजार को दालपटटी के नाम से प्रसिद्व हो गया है जो आज भी इसी नाम से प्रचलित है । इस दालमंडी में कई अत्याधुनिक दाल छटाई मशीन भी लग गया जिससे प्रतिदिन 50 भारी बाहन टृक से भारत के अन्य राज्यों दाल सप्लाय किया जाता था । अब स्थिति बदतर हो गया है
                और अब दो साल से लगातार सुखाड होने के कारण बडहिया टाल क्षेत्र में बडा-बडा विभिन्न तरह के घास उग आया है । जिसके कारण किसान भुखमरी के कगार पर पहुॅच गया है । बिहार सरकार के बिशेष दलहन बिकास पदाधिकारी लाल बच्चन सिंह  भी मानते है कि -यहाॅ घास का निबारण नहीं होने के कारण और प्रकृति का प्रकोप के फलस्वरूप दलहन की उपजानें में परेशानी हो गया है जिसके कारण कई किसान भुखमरी के कगार पर पहुॅच कर आत्महत्या भी करने के लिए मजबूर हो सकते है । उन्हे दो जुन की रोटी के साथ दाल भी मयस्सर नहीं हो रहा है । लम्बे धास को टाल क्षेत्र से हटाने के लिए अत्याधुनिक मशीनों द्वारा ही संभव है जो सरकार को लिखित सुचना दे दिया गया है लेकिन अभी तक कोई जबाब नहीं आया है
                और बहीं स्थिति लखीसराय शहर के मुख्य व्यवसायिक मंडी नया बाजार कें सैकडों घरों में चकरी मशीन द्वारा  फ्रेश दाल बनाने बालों फैक्टरी मालिकों की है सभी कल-कारखना बन्द पड गया है  फ्रेश दाल बनाने बालों फैक्टरी मालिकों का कहना है कि --बाहर से दलहन के कच्चा माल लानें पर परेशानी और बजार भाव से अधिक खर्चा आता है । आज बडहिया के टाल क्षेत्र का दाल का कटोरा खाली पडा है तो इघर शहर के मुख्य व्यवसायिक दालमंडी दालपटटी में सभी कल कारखाना बन्द हो गया है
    बिहार सरकार दलहन के किसान और व्यापारीयों से प्रतिबर्ष करोडों का टैक्स लिया लेकिन इसपर किसी ने ध्यान नहीं दिया । यहाॅ के सभी किसान और व्यापारी सुखाड से प्रभावित है लेकिन जिला-प्रशासन और बिहार सरकार मुॅह बाॅए कर हाथ खडा कर लिया है। प्रशासन बिहार बिधान सभा चुनाव के बाद बडहिया टाल में ध्यान देने की बात  कहा था । लेकिन चुनाव खत्म हो गया और फिर बिहार में नीतीश कुमार का सरकार बन गया है अब देखना यह है कि बिहार सरकार के मुलाजिम किसान को अपने परम्परागत दाल का कटोरा में दलहन उगाने में कहाॅ तक साथ देते है या किसान फिर से दलहन उगाने की जहमत उठाते है या नहीं --------- और व्यापारी भी दाल-व्यवसाय के इस घंघा को फिर से शुरू करता है या नहीं ----------

No comments:

Post a Comment