लखीसराय एक तरफ जहां राज्य सरकार विकास का दावा करती है! वहीं दूसरी तरफ नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहने के बावजूद लखीसराय जिले के कजरा थाना में लगभग 15 वर्षो से काॅग्रेस कार्यालय के जर्जर भवन में चल रहा है जिस कारण पुलिसकर्मियों को परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है ! नक्सल प्रभावित कजरा थाना का हाल बेहाल है ।
दर्जनो थाना प्रभारी और एस0 पी0 के लाख कोशिश के बाद भी विगत 15 बर्षो से काॅग्रेस कार्यालय के जर्जर आश्रम मे जैसे तैसे चल रहा है थाना । इतने लबे समय बीत जाने के बावजूद में सुविधाओं का घोर अभाव है! केंद्र में पेयजल चहारदिवारी शौचालय व बैरक का अभाव रहने के कारण पुलिस कर्मियों को परेशानियां हो रही हैं ! वर्तमान में पुलिस केंद्र में 30 पुलिसकर्मी कार्यरत हैं ण्जर्जर भवन रहने के कारण बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है !
लखीसराय जिले के कजरा में पुलिस और नक्सलियों के बीच वर्ष 2010 में 29 अगस्त को हुई मुठभेड़ देश भर में सुर्खियों में रही इस मुठभेड़ के दो वर्ष बाद भी गिरफ्तार 22 नक्सलियों के खिलाफ पुलिस साक्ष्य नहीं जुटा सकी है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस से लूटे गए 30 हथियारों का पता भी पुलिस अब तक नहीं लगा सकी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इनमें रामबली मांझी, सरयुग कोड़ा, जलधर कोड़ाए धर्मेद्र उर्फ धारो, सिताबी राय, पोलिस हेंब्रम प्रदीप कोड़ा एवं भारत भूषण उर्फ विभीषण बिंद शामिल हैं जो फिलहाल जेल में है।
इस घटना के बाद नक्सलियों का मनोबल इतना बढ़ा कि वह समूह में कजरा चानन एवं पीरी बाजार थाना क्षेत्र में पुलिस को चुनौती देते हुए सामानांतर शासन चला रहे हैं। जेल से जमानत पर छूटे नक्सली धड़ल्ले से ठेकेदारों से लेवी वसूल रहे हैं। पहाड़ और जंगल खनन पर भी इनका शासन है। जिला मुख्यालय स्थित पुलिस केंद्र को टारगेट कर धमकी भरा पर्चा हाल के दिनों में भी फेंका गया। ऐसे में नक्सलियों के विरुद्ध पुलिस की सुस्त कार्रवाई से संगठन का विस्तार तेजी से हो रहा है।
पुलिस सुत्रों के अनुसार इस जर्जर भवन में सैकडों विच्छु बिषैला सांप नाग निकल चुका है। और तो और नक्सलीयों का भी भय अक्सर रहता है कि कभी भी किसी भी समय में वो थाना पर चढाई कर सकता है। क्योकि यह थाना जंगली और पहाडी इलाकाई क्षेत्र के गोद में है। जहां से बार-बार नक्सली अपनी गोला-बारूद की गुंज छोड कर थाना को सदैव अर्लट रखता है। सप्ताहांत मेंजंगल की कन्द्राओं में घुसकर कजरा थाना पुलिस और सी0आर0एफ0,एस0टी0एफ0 के जावानों के साथ मिलकर नक्सल आॅपरेशन में भी शरीक रहते है। दिनभर थकने के बाद थाना मे आने के पश्चात आराम करने की जगह नहीं है। भय और आतंक के साये में कजरा थाना के पुलिस डियुटी पर तैनात रहती है। जिला पुलिस कप्तान को इसके सुख-सुविधा का तनीक ख्याल नहीं है।
बाईट- पवन कुमार झा- कजरा थाना प्रभारी
बाईट- संजय दुबे- सिपाही
बाईट- सुशील कुमार- डियुटी पर तैनात जवान
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