लखीसराय जिले के सभी हरिजन मुहल्ला में इन्दिरा आवास का अभाव है । जिला प्रशासन का दावा है । सभी गरीब मुहल्ला में इन्दिरा आवास की व्यवस्था गई है ।राज्य सरकार ने अब समुह मे इंदिरा आवास के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर लाभुको मे एक उम्मीद की किरण जगाने का कारगर प्रयास किया! इसी के तहत राज्य के सभी प्रखंडो मे इंदिरा आवास आवंटन का शिविर लगाकर लाभुको के बीच पासबुक का वितरण किया !लखीसराय इंदिरा आवास योजना के तहत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य की शत.प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर चुका लखीसराय जिले में योजना की राशि लेने के बाद भी आवास नहीं बनाने तथा कागजी प्रतिवेदन का खेल लंबे समय से चला आ रहा है। नवंबर 2012 की रिपोर्ट के आधार पर जिले में 4.674 लाभुकों ने राशि लेने के बाद भी आवास नहीं बनाया है।
हालांकि सरकारी आंकड़ें को छोड़ दें तो यह संख्या छह हजार से भी अधिक है। हकीकत है कि सरकारी आदेश के बावजूद जिले के विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ एवं कार्यालय सहायक के तालमेल से हर माह तैयार होने वाला प्रगति प्रतिवेदन में बिना भौतिक सत्यापन किए ही योजना पूर्ण और अपूर्ण की रिपोर्ट जिला से लेकर राज्य मुख्यालय तक भेजी जा रही है। इस योजना की हकीकत है कि राशि लेने के बाद भी बड़ी संख्या में लाभुक मकान नहीं बनाकर अन्य मद में राशि खर्च कर देते हैं। हालांकि उप विकास आयुक्त सुरेश चौधरी की मानें तो आवासों की जांच करने का निर्देश सभी बीडीओ को दिया गया है। इंदिरा आवास योजना की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण करने की हिदायत दी गई। राशि प्राप्त करने के बाद भी मकान निर्माण प्रारंभ नहीं करने वाले लाभुकों को लाल.पीला नोटिस देनेए प्राथमिकी दर्ज करने का भी आदेश दिया गया लेकिन इस जिले में अबतक किसी लाभुक के विरूद्ध कार्रवाई नहीं की गई। मतलब यहां सबकुछ ठीक.ठाक है। विभाग ने सभी बीडीओ को प्रथम किस्त की राशि स्थल जांच कर लाभार्थी तथा लिंटर तक बनाए गए मकान की संयुक्त फोटोग्राफी वसुधा केंद्र के माध्यम से कराने का आदेश छह माह पूर्व दिया था। जनवरी माह में डीएम ने जब इस योजना की समीक्षा की तो पाया कि वसुधा केंद्र के माध्यम से फोटोग्राफी नहीं की जा रही है। इधर सरकार ने 28 मिइ तक प्रथम किस्त के लाभार्थी को दूसरे किस्त की राशि देने का आदेश दे रखा है । स्थिति यह है कि प्रखंडों से बीडीओ द्वारा डीडीसी को उपलब्ध कराई गई लाभार्थी की सूची को दूसरे किस्त की राशि देने की तैयारी विभाग कर रहा है। प्रथम किस्त प्राप्त लाभार्थी लिंटर तक मकान बनाया या नहीं देखने की फुर्सत किसी को नहीं है। योजना के प्रति पदाधिकारी कितना सजग हैं इसका उदाहरण यह है जिले के 43 लाभार्थी को तीन डिसमिल जमीन के अभाव में योजना का लाभ नहीं मिल सका जिसमें 40 लाभुक बड़हिया तथा तीन लखीसराय प्रखंड के हैं। प्रमंडलीय आयुक्तए जिलाधिकारी एवं डीडीसी स्तर पर विगत दस महीने से संबंधित बीडीओ और सीओ को जमीन खोजकर अधिग्रहण करने का आदेश दिया जाता रहा लेकिन चालू वर्ष बीतने को है पदाधिकारी को न जमीन मिली और न ही लाभुकों को मकान मिला। ऐसे में योजना की सफलता पर ग्रहण लग गया है।
योजना की स्थिति पर नजर
01.04.2012 तक जिले में 2.800 योजना लंबित
2012.13 में 3.467 लाभुकों को मिली स्वीकृति
3.467 लाभुकों के बीच 10 करोड़ 40 लाख 10 हजार प्रथम किस्त मिला
प्रखंडवार योजना की स्थिति
लखीसराय प्रखंड लक्ष्य .506 पूर्ण आवास .107
बड़हिया प्रखंड लक्ष्य .296 पूर्ण आवास .406
पूर्व की योजना शामिल
पिपरिया प्रखंड लक्ष्य . 77 पूर्ण आवास . 66
चानन प्रखंड लक्ष्य . 537 पूर्ण आवास . 48
रामगढ़ चौक प्रखंड लक्ष्य .421 पूर्ण आवास . 88
सूर्यगढ़ा प्रखंड लक्ष्य .1.152 पूर्ण आवास .543
हलसी प्रखंड लक्ष्य . 521 पूर्ण आवास .325
लखीसराय जिला में इन्दिरा आबास के लाभुकों के साथ विभाग के अधिकारीए बिचैलिया के कारण मिलनेबाली राशि की हो रही है लुट । 100 में 60प्रतिशत रू0 की राशि का बीच में ही हो रहा है बन्दरबांट । विभिन्न बैंकों के माध्यम से प्रथम किस्त की राशि भुगतान किया जाना था। लेकिन परंतु अधिकांश ऐसे लाभुक हैं जिन्हें बैंकों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। गरीबों का हाल बेहाल है !
VO1. इंदिरा अबास के नामपर आज भी मुखिया 2000 हजार रू0 माॅगता है जिसके पास 2000 हजार रू0 ना होगा और ना कुछ मिलेगा
बाईट. तनिक साहु.
बाईट..रेखा देवी
बाईट..सविता देवी
बाईट..एस0 डी0 प्रसाद- चानन बी0डी0ओ0
बाईट. विनय कुमार राय. सदर एस0 डी0 ओ0 लखीसराय
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