नक्सल गतिबिधि पर विराम देने के लिए विशेष क्राईम बैठक
.जिला में नक्सल गतिबिधि पर विराम देने के लिए वरिय पुलिस कर्मीयों के साथ एक विशेष क्राईम बैठक किया गया। जिसमें लखीसराय के जिला कोर्ट पर नक्सली हमला, कजरा नक्सली मुठभेड सहित कई मुददो पर विस्तार से बात हुई ! नक्सलीयों से लोहा लेने के लिए अत्याधुनिक हथियारों की विषय पर चर्चा किया गया । और उससे निपटने के लिए कई रणनिति अपनाई गई ! अब देखना है कि मुंगेर लखीसराय और जमुई पुलिस किस तरह नक्सलीयों के मांद में घुसकर उससे लोहा लेती है।
लखीसराय 2009 में लखीसराय जेल से कुख्यात नक्सली मिसिर बेसरा को भगाने , 29 अगस्त 2010 को जिले के कजरा थाना क्षेत्र के शीतला कोड़ासी जंगल में पुलिस की नक्सलियों से मुठभेड़ , नौ दिन के हाई वोल्टेज ड्रामा और राजनीतिक दबाव के बाद नक्सलियों ने रिहा किया था ! पुलिस व नक्सलियों की मुठभेड़ में नक्सलियों ने बीएमपी जवानों से चार कारबाइन 13 एसएलआरए एक इंसास रायफल एवं एक पिस्टल तथा सैप के जवानों से 8 इंसास एवं चार एसएलआर राइफल एवं भारी मात्र में कारतूस लूट ली थी ! इसके अलावा कई जवानों को घायल भी किया था ! ण्लेकिन घटना के दो वर्ष बीतने के बाद भी पुलिस जवानों से लूटे गये 31 हथियार व भारी मात्र में कारतूस को बरामद नहीं कर सकी है !
देश भर में सुर्खियों में रही इस मुठभेड़ के दो वर्ष बाद भी गिरफ्तार 22 नक्सलियों के खिलाफ पुलिस साक्ष्य नहीं जुटा सकी है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस से लूटे गए 31 हथियारों का पता भी पुलिस अब तक नहीं लगा सकी है। इस घटना के बाद नक्सलियों का मनोबल इतना बढ़ा कि वह समूह में कजराए चानन एवं पीरी बाजार थाना क्षेत्र में पुलिस को चुनौती देते हुए सामानांतर शासन चला रहे हैं। जेल से जमानत पर छूटे नक्सली धड़ल्ले से ठेकेदारों से लेवी वसूल रहे हैं। पहाड़ और जंगल खनन पर भी इनका शासन है।
अब देखना है कि मुंगेर लखीसराय और जमुई पुलिस किस तरह नक्सलीयों के मांद में घुसकर उससे लोहा लेती है।
बाईट. सुबोध कुमार विश्वास.एस0 डी0 पी0ओ0
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