आगामी 15 फरवरी को आयोजित होने वाली विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा के मद्देनजर सरकारी, गैर सरकारी विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों एवं विभिन्न पूजा समितियों द्वारा तैयारी शुरू कर दी गई है। विभिन्न पूजा समितियों द्वारा आर्थिक सहायता हेतु लोगों से संपर्क साधा जाने लगा है। बहीं मुर्तिकार इस मंहगाई में गरीबी और मुफलिशी में कर्जा लेकर सरस्वती की प्रतिमा बनाने में दिनभर एक कर रहा है।
परन्तु इस मंहगाई में मुर्ति का दाम बनाते बनाते अधिक पडने से नहीं बिकने का भय से संशकित है।
कहीं कर्जा चुकाने में घर ना बिक जाये । फिर भी कुम्हार जाति के परम्परागत तरीके से मुर्ति बनाने का काम दिन रात कर रहा है। मुर्तिकार का हाल बेहाल है।
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