लखीसराय बाइपास सड़क निर्माण में केंद्र सरकार पटना किऊल रेलखंड एवं गया.किऊल रेलखंड पर रेल उपरी पुल निर्माण की स्वीकृति रेल मंत्रालय द्वारा नहीं दी गई है इसलिए लखीसराय क्षेत्रीय विधायक विजय कुमार सिन्हा जिले की जनता के साथ महाधरना पर बैठ गए है। । बिहार सरकार के भाजपा विधायक रहते हुए भी वो आम जनता को ठग रहे है। जबकी स्थानीय सांसद भी बिहार सरकार के अंग है। राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह यहां से लगातार दुसरी बार सांसद चुने गए है। वो विधायक की इस धरना को नौटंकी करार दिया है। अजादी के बाद हर बार चुनाव आने से पहले इस तरह की नौटंकी नेताओं द्वारा किया जाता रहा है। लेकिन काम कुछ नहीं होता है। अब देखना है कि विधायक जी की नौटंकी में आम जनता को कितना लाभ मिलता है।
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Story..बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 21-02-2006 में बायपास सडक बनाने के लिए शिलान्यास किया था । लेकिन 7 साल तक सोये रहने के बाद आम लोगों की आवाज जब उठने लगी तो फिर से बायपास बनाने की सुगबुगाहट शुरू हो गया है। भाजपा विघायक के द्वारा जानकारी दिया गया कि पटना-किउल-हाबडा मेन लाईन और किउल-गया रेलवे लाईन के उपर राज्य सरकार ने पुल बनाकर सडक निर्माण के लिए 188 करोड रू0 की स्वकृति दिया है। ज्ञात हो कि बायपास सडक दो रेलवे लाईन पार होकर गुजरा है जिसके कारण रेलवे लाईन के उपर से पुल बनाने के बाद ही सम्भव हो सकेगा। अब देखना है कि अगामी लोकसभा चुनाव के पहले कार्य पुरा होता है या नहीं ।बाइपास सड़क निर्माण कार्य को लेकर भाजपा विधायक विजय कु0सिन्हा और जिलाधिकारी के बीच तनातनी हो गया। बाइपास सड़क निर्माण हेतु सम विकास योजना के तहत विमुक्त किए गए साढ़े तीन करोड़ रुपए में से ढाई करोड़ रुपए खर्च कर साढ़े छह किलोमीटर में से डेढ़ किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया। जबकि एक करोड़ रुपए वापस कर दी गई। राज्य सरकार ने अपनी राशि खर्च कर बाइपास सड़क पर आरओबी निर्माण कराने का निर्णय ले लिया है जिस पर 188 करोड़ रुपए की लागत आएगी। लखीसराय में एकलौता लम्बा सडक रहने के कारण जाम की समस्या प्रतिदिन बनी रहती है । अजादी के बाद आज तक सभी नेताओं द्वारा केबल बायपास सडक का सपना दिखाया है लेकिन किसी भी नेता या पदाधिकारीयों का ध्यान नहीं है आये दिन रोज सप्ताहांत में सडक हादसा होता रहता है और प्रशासन मजबुरी जता कर रह जाती है । ज्ञात हो कि इस लखीसराय शहर की 15 किलोमीटर की लम्बी एकलौती सडक से होकर लोग देवघर जाने के लिए , राॅची जाने के लिए, शेखपूरा, बरबिघा, नालंदा, नावादा जाने के लिए ,मुंगेर भागलपुर जाने के लिए, पटना और बेगुसराय जाने के लिए यही एक सिंगल रास्ता है यहाॅ से बिहार के चारों तरफ जाने के लिए रास्ता आती और जाती है । इस शहर के बीचोंबीच मात्र 15 किलोमीटर का सडक अक्सर जाम रहता है जिससे आम और खास दोनों लोग प्रभावित है । उन्होंने क्षेत्रीय सांसद ललन सिंह का नाम लिए बगैर कहा कि लोकसभा में बैठने वाले लोग आज तक कभी आरओबी निर्माण की बात नहीं उठाई। लखीसराय स्टेशन को पूर्ण दर्जा, पार्किंग की व्यवस्था, व्यापारियों के लिए गोदाम, पार्सल की व्यवस्था पर भी उनकी नजर नहीं है।
V.O1... लखीसराय क्षेत्रीय विधायक विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि लखीसराय बाइपास सड़क भाया अशोकधाम से समाहरणालय तक पटना किऊल रेलखंड एवं गया-किऊल रेलखंड पर रेल उपरी पुल (आरओबी) निर्माण की स्वीकृति रेल मंत्रालय द्वारा नहीं दी गई है तथा केंद्र की यूपीए सरकार इस कार्य में बाधक बनी है। इसलिए राज्य सरकार ने अपनी राशि खर्च कर बाइपास सड़क पर आरओबी निर्माण कराने का निर्णय ले लिया है जिस पर 188 करोड़ रुपए की लागत आएगी। विधायक ने कहा कि बाइपास सड़क निर्माण में केंद्र सरकार व्यवधान पर जिले की जनता के साथ महाधरना दिया गया है।
बाईट- विजय कुमार सिन्हा.. भाजपा विधायक
बाईट- जद यु0 सांसद- राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह
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