लखीसराय चैम्बर आॅफ काॅमर्स और लखीसराय सांस्कृतिक मंच के संयुक्त तत्वाधान में शहर के नया बजार धर्मशाला में सार्वजनिक होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया ।लखीसराय जिला में लखीसराय सांस्कृतिक मंच के तत्वाधान में अगामी 25 मार्च कों रंजीत सम्राट द्वारा सम्पादित हास्य-व्यंग्य बार्षिकी पत्रिका रंगोर
का लोकाअर्पण के अबसर पर होली मिलन समारोह सह महा मुर्ख सम्मेलन की चर्चा को जोर पर है। हर तरफ होली की खुमार है।
जिसमें शहर के जाने-माने प्रसिद्व लोक गायक अजय भवानी ने अपने मधुर स्वर तान से होली गीतों की रस फुहार बरसाया । इस अबसर पर युवा कवि साहित्कार रणजीत सम्राट द्वारा संपादित हास्य-व्यंग्य होली विशेषांक बार्षिकी पत्रिका का लोकार्पण हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो0 महेश प्र0सिंह और कबैया थानाअध्यक्ष बालेश्वर राय ने संयुक्त रूप से किया ।
फिर हास्य-व्यंग्य कविताओं की दौर शुरू हो गया । जिसमें कवि दशरथ, परमेश्वरी सिंह अनपढ , राजेन्द्रकंचन, रोहित पंडित, भगवान राही, प्रो0 शिवशंकर मिश्र ने लोगों को लोट पोट करवा दिया। इस कार्य क्रम के बाद महामुर्ख सम्मलेन शुरू हुआ जिसमें सभी लोगों को मुर्खाधिपति, लंठ, महालंठ, ब्रजलंठ, मुर्खाधिराज, मुर्ख शिरोमणी से लोगों को विभुषित किया गया । होली मिलन की अद्भुत कार्यक्रम से लोग मदमस्त हो गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता रणजीत सम्राट के द्वारा किया गया ।
लखीसराय के सडकों पर छोटे-छोटे बच्चों की मनमोहक होली आपसी प्रेम-सौहार्द को दर्शाता है। जहां निष्छलता , एकता और अखण्डता के साथ रंग-विरंगी परिधानों में बच्चों के द्वारा रंगों से भरा पिचकारी लेकर होली की मजा लेते देखे गए। बहीं बुर्जुगों के द्वारा होली की गंवई अंदाज का मनोहारी गीत ने भी बच्चों क नाचने से नहीं रोका जा सका है। काफी शान्ति-स्नेह और सद्भाव के साथ लोग होली मना रहे है।
फिर हास्य-व्यंग्य कविताओं की दौर शुरू हो गया । जिसमें कवि दशरथ, परमेश्वरी सिंह अनपढ , राजेन्द्रकंचन, रोहित पंडित, भगवान राही, प्रो0 शिवशंकर मिश्र ने लोगों को लोट पोट करवा दिया। इस कार्य क्रम के बाद महामुर्ख सम्मलेन शुरू हुआ जिसमें सभी लोगों को मुर्खाधिपति, लंठ, महालंठ, ब्रजलंठ, मुर्खाधिराज, मुर्ख शिरोमणी से लोगों को विभुषित किया गया । होली मिलन की अद्भुत कार्यक्रम से लोग मदमस्त हो गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता रणजीत सम्राट के द्वारा किया गया ।
लखीसराय के सडकों पर छोटे-छोटे बच्चों की मनमोहक होली आपसी प्रेम-सौहार्द को दर्शाता है। जहां निष्छलता , एकता और अखण्डता के साथ रंग-विरंगी परिधानों में बच्चों के द्वारा रंगों से भरा पिचकारी लेकर होली की मजा लेते देखे गए। बहीं बुर्जुगों के द्वारा होली की गंवई अंदाज का मनोहारी गीत ने भी बच्चों क नाचने से नहीं रोका जा सका है। काफी शान्ति-स्नेह और सद्भाव के साथ लोग होली मना रहे है।




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