BREKING NEWS

यह एक प्रयास है संचार क्रांति के इस युग में लोगों तक खबरों के पीछे की ख़बरों को पहुँचाने का ....आपके समर्थन और सहयोग की अपेक्षा है|मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव देखने के लिए जाएं Onnewslakhisarai.blogspot.com पर... अगर आपके पास भी जनसरोकार से जुडी कोई खबर या सुचना है तो हमें इस पते पर संपर्क करें 9955217600..ranjit.samrat धन्यवाद -:-

Tuesday, 9 April 2013

किताब-कॉपी के नाम पर लूट...


लखीसराय के सैकडों निजी शिक्षण संस्थान शहर के चैधरी प्रकाशन , पोपुलर बुक स्टोर, भारत बुक स्टोर , सोनु बुक स्टोर, विधार्थी बुक स्टोर की मनमानी कमीशन के अधार पर स्कुलों का  किताव और कापी में अप्रत्याशित मुल्य रखकर मालामाल हो रहे है। बहीं अविभावक का जेब कट रही है। उनसेकिताब.कॉपी के नाम पर लूट  किया जा रहा है।  जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस पर चुप्पी साध रखा है। बालिका बिघापीठ, डी0ए0भी0, संत जोसेफ स्कुल, केजे0एफ0 स्कुल, संत मैरी, डुन एकेडमी , मदर इन्टर नेशनल,  एसिवो पब्लिक स्कुल जैसे सरीखे स्कुल के प्रचार्य के द्वारा अविभावकों का शोषण और दोहण किया जा रहा है।
प्राइवेट स्कूल प्रबंधनए प्रकाशक और किताब दुकानदार मिल कर नर्सरी से लेकर प्लस टू तक की किताब.कॉपियों में छात्र.छात्रओंध् अभिभावकों को लूट रहे हैंण् कुछ अपवाद को छोड़ देंए तो इन तीनों का बड़ा गिरोह सक्रिय हैण्स्कूल तय करता है कि किस वर्ग में कौन.सी किताब चलेगीण् बच्चों को किस दुकान से किताब खरीदनी हैए
यह भी स्कूल तय करता हैण् प्रकाशक स्कूल प्रबंधन से सौदा करते हैं और अपने प्रकाशन की किताब की अनुशंसा स्कूल से करवाते हैंण् ऐसे प्रकाशक किताब की कीमत लागत से कई गुना अधिक रखते हैंण् कोर्स में अपनी किताब चलवाने के लिए प्रकाशक स्कूल प्रबंधन को हिस्सा भी देते हैंण्
इतना ही नहींए स्कूल बच्चों को किताब और कॉपियों के लिस्ट के साथ किताब दुकान का नाम भी थमा देता हैण् किताब का दाम तो अधिक होता ही हैए कॉपियों की कीमत भी बाजार से ज्यादा वसूली जाती हैण् अगर कोई अभिभावक सिर्फ किताब लेना चाहता हैए तो दुकानदार या तो किताब नहीं देते हैं या बाद में आइयेगाए कह कर टाल देते हैंण् लिस्ट में किताब ध् कॉपियों के साथ.साथ इन्हें कवर करने के लिए बुक कवरए नेम चार्ट भी रहता हैण् यानी इन चीजों को भी उन्हीं दुकानों से अधिक दाम में खरीदने के लिए मजबूर किया जाता हैण्
20 से 40 फीसदी तक कमीशन
इस धंधे से प्रकाशकए स्कूल प्रबंधन और दुकानदार पैसा कमा रहे हैंण् अभिभावक लाचार हैंण् खबर यह भी है कि दुकानदारों को प्रकाशक 20 से 40 फीसदी या कभी.कभी इससे भी अधिक कमीशन दे रहे हैंण् इसके बावजूद प्रकाशक को मोटा मुनाफा हो रहा हैए क्योंकि जिस किताब की लागत 100 होनी चाहिएए उसका मूल्य 180 रुपये प्रिंट किया जाता हैण् 48 पेज की पतली से एक पुस्तक की कीमत 75 रुपये रखी गयी हैण् बाजार के जानकार बताते हैं कि इसकी लागत अधिक से अधिक 20 रुपये होनी चाहिएण् जिस एनसीइआरटी पुस्तक की कीमत 45 रुपये हैए अन्य प्रकाशक एनसीइआरटी पैटर्न पर आधारित लिख कर उसे 160 से 180 रुपये में बेचते हैंण् दुकानदार भी एनसीइआरटी की पुस्तक बेचने से बचते हैंए क्योंकि इसमें कमीशन बहुत कम मिलता हैण्
कॉपियों की बिक्री में भी मनमानी
कॉपियों की बिक्री में भी मनमानी की जा रही हैण् ब्रांडेड कंपनी की कॉपी के नाम पर 20 रुपये की कॉपियों को 30 रुपये में बेचा जा रहा हैण् एक आंकड़े के अनुसारए सिर्फ रांची के किताब दुकानदार स्कूली किताबों ;अन्य किताब अलग हैंद्ध और कॉपियों से लगभग 12 करोड़ रुपये कमीशन से कमाते हैंण् यह राशि इससे अधिक भी हो सकती हैए क्योंकि किताबों की कीमत लागत से बहुत ज्यादा हैण् नर्सरी और प्रेप के बच्चों की किताब के लिए 1500 रुपये तक लिये जा रहे हैंण् क्लास थ्री से क्लास सिक्स तक के बच्चों की किताबध्कॉपी की कीमत ढाई से तीनध्साढ़े तीन हजार रुपये तक हैण्
नहीं देते किताब का लिस्ट
राजधानी के अधिकतर स्कूल किताब का लिस्ट नहीं देतेण् किताब के लिस्ट के बदले अभिभावकों को दुकान के नाम का परचा देते हैंण् जिस दुकान से स्कूल की सेटिंग होती हैए उसे छोड़ कर दूसरी दुकान से किताब नहीं मिलतीण् अभिभावक चाह कर भी दूसरी दुकान से किताब नहीं ले सकतेण्
प्रति वर्ष कुछ न कुछ बदल देते किताब में
स्कूल प्रति वर्ष किताब बदल देते हैंण् अगर पूरी किताब नहीं भी बदली गयी तो भी कुछ अध्याय में बदलाव कर देते हैंए ताकि बच्चे पुरानी किताब का उपयोग नहीं कर सकेण्
परची पर करोड़ों का कारोबार
किताब के करोड़ों के कारोबार का कोई हिसाब.किताब नहीं होताण् अधिकतर दुकानदार किताब क्रय का रसीद नहीं देते हैंण् रसीद मांगने पर तरह.तरह का बहाना करते हैंण् कुछ दुकानदार तो रसीद मांगने पर किताब नहीं देने की बात कहते हैंण्
एनसीइआरटी की किताब नहीं
स्कूल सीबीएसइ पाठ्यक्रम के अनुरूप पठन.पाठन की बात करते हैंए पर एनसीइआरटी की किताब के बदले निजी प्रकाशक की किताब से बच्चों को पढ़ाते हैंण् कक्षा एक में दर्जन भर से अधिक किताब बच्चों को दिये जा जा रहे हैंए जबकि एनसीइआरटी के अनुरूप कक्षा एक में बच्चों को तीन से चार किताब ही पढ़ाना हैण्

बालिका विघापीठ में जमकर उत्पात

बिहार में महिला शिक्षा को बढावा देने के लिए पं0 जवाहर लाल नेहरू राष्टपिता महात्मा गांधी और स्व0 ब्रजनंदन जी ने लखीसराय में आजादी के बाद बालिका विघापीठ का नींब रखा था। और अजादी के बाद इस शिक्षण संस्थान से सैकडों आई0एस0 आफिसर और कई विभागों के मंत्री यहां के छात्र रह चुके है। लेकिन आज कल लगातार 2 साल से इस शिक्षण संस्थान में जबसे आम्रपाली ग्रुप के लोगों ने इस संस्था का संचालन लिया है। तब से पूर्व संचालक डा0 कुमार शरद चन्द्र परेशान है। और आए दिन इस शिक्षण संस्थान के कैम्पश में बैठक करते रहते है। आज छात्र उग्र हो गए और इस बैठक का जमकर बिरोध किया ।
बालिका विधापीठ में दो शिक्षा माफिया के बचस्र्व की लडाई में जमकर  उत्पात हुआ । सैकडों कुर्सीयां तोडी गई।  । कई वाहन के शीशा फुटा । दर्जनों को आई चोट ।
 मौके पर पुलिस पहुंचकर दोनो गुटों को खदेडा । दोनो तरफ से मामला दर्ज किया । । दोनो तरफ से जमकर रोडेबाजी हुआ। कुर्सीयां तोडी गई।
 पुलिस प्रशासन धटना स्थल पर तैनात है।यहां काफी तनाव का महौल है।

लखीसराय में 1987 में तत्कालीन सांसद व केंद्रीय मंत्री कृष्णा शाही के प्रयास से केंद्रीय विद्यालय खुला था। स्थापना काल से ही श्री दुर्गा बालक उच्च विद्यालय के निचले भवन में विद्यालय संचालित हो रहा है। विद्यालय को स्थायी भवन एवं आधारभूत संरचना के विकास के लिए दस एकड़ भूमि की दरकार है। इतने लंबे सफर के बावजूद सत्ता के भागीदार रहे मंत्री, सांसद एवं विधायक की इच्छाशक्ति के अभाव एवं जिला प्रशासन की उदासीनता से विद्यालय के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं सकी। अब केंद्रीय विद्यालय संगठन ने विद्यालय के स्थानीय प्रबंधन को पहली कक्षा में नामांकन बंद करने का नोटिस थमा दिया है। इससे विद्यालय के भविष्य पर तलवार लटकने लगी है।

विद्यालय सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दे रखा है, बिना भूमि व भवन के कोई भी केंद्रीय विद्यालय संचालित नहीं होगा। इस कारण लखीसराय समेत राज्य के 14 केंद्रीय विद्यालयों में संगठन ने नामांकन पर रोक लगा दिया है। विद्यालय प्रबंधन ने नामांकन पर रोक लगा देने संबंधित जानकारी विद्यालय के चेयरमैन व जिलाधिकारी, लखीसराय रामरूप सिंह को दे दी है।
इस बाबत अनुमंडल पदाधिकारी विनय कुमार राय ने बताया, जमुई मार्ग में शरमा गांव स्थित मठ की जमीन स्थानीय ट्रस्टी ने केंद्रीय विद्यालय के लिए देने का प्रस्ताव दिया है। धार्मिक न्यास परिषद से स्वीकृति लेने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पूर्व भी कई स्थानों पर जमीनों का चयन किया गया था। मगर, केंद्रीय विद्यालय संगठन ने उन्हें अस्वीकार कर दिया। इस कारण जमीन उपलब्ध कराने में प्रशासन को देरी हो रही है।

लखीसराय : केंद्रीय विद्यालय लखीसराय में नए शैक्षिक सत्र में केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा नामांकन पर रोक लगाने तथा अबतक विद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण विद्यालय बंद होने की आशंका को लेकर शहर के प्रबुद्धजन, शिक्षा प्रेमी, विद्यालय के छात्र-छात्राओं में घोर निराशा है तथा हर कोई इसके लिए सरकार व प्रशासन को दोषी मान रहा है। राजनीतिक दिग्गजों का क्षेत्र रहने के बावजूद जमीन खोजने में पहल नहीं करने को लेकर लोगों में काफी क्षोभ है।

Saturday, 6 April 2013

बिहार स्टेट फुड एवं सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन


लखीसराय जिला के बिहार स्टेट फुड एवं सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन गोदाम से डीलर ट्ैक्टर भरकर गेंहुऔर चावल ले तो जाता है। लेकिन यह गेंहु और चावल आम उपभोक्ताओं  को नहीं मिल पाता है। वो रास्ते ही किसी बडेव्यापारी के यहां बेच दिया जाता है जिससे आम गरीब तबके के लोग इन अनाज से दुर हो जाता है। और तो और डीलर के वल खानापुर्ति के लिए थोडा सा आनाज लाकर बाॅट देता है। वो आनाज मिलावटी और सडा रहता  है जो खाने लायक नहीं है।
लखीसराय जिला के एस0एफ0सी0 गोदाम में जनवितरण प्रणाली के रखे हुए अनाज आम लोगों के पहुंच के से दुर हो गया  है । विगत 3 माह से लोग सरकारी गेंहुं और चावल के लिए तरस रहे है । प्रशासन की अतिरिक्त सेवा कर के कारण सरकारी गेंहुं और चावल कागजों पर दर्शाकर राज्य सरकार रूपया की बन्दरबांट कर लिया है!
 इस संदर्भ में जब मिडिया ने आम उपभोक्ताओ से बात किया तो वो बताया कि जन-वितरण प्रणाली टाॅय-टाॅय फिस्स हो चुका है। केवल बिहार में कागजी घोडा दौड रहा है।

पुलिस का काम्बिंग आपरेशन


लखीसराय जिला  के कजरा थाना क्षेत्र के पहाडी इलाके में हनुमान थान, रामतली गंज के कानी मोड सिमरातल्ली  के दुर्गम जंगल में पुलिस  द्वारा काम्बिंग आपरेशन चलाया जा रहा है।
 ज्ञात हो कि नक्सलीयों ने दोदिनों का बिहार-झारखण्ड बन्द का ऐलान किया है। जिसमें पुलिस सर्तकता बरतते हुए दर्जनों नक्सल प्रभावित इलाकों में चैकसी बढा दिया है। और उन सभी लोगों से नक्सली गतिबिधि में शामिल लोगो को मुख्य धारा मे लौटने की गुजारिश किया ।
 चैकसी और सर्तकर्ता के कारण नक्सली भी मौके की तलाश में है। जो कभी भी किसी भी समय  चोरी-छिपे अपनी उपस्थिति दर्ज करवा सकती है। रेलवे ट्ैक, सरकारी संस्थान, सडक पुल और पुलिया को डैमज कर सकता है।

Thursday, 4 April 2013

मनचलों द्वारा छेड़खानी


कबैया थाना क्षेत्र अंतर्गत पचना रोड स्थित विषहरी स्थान के पास एक चौदह वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ गलत नियत से मनचलों द्वारा छेड़खानी करने का मामला आया है । सूचना के बाद कबैया थानाध्यक्ष बालेश्वर राय एवं महिला थानाध्यक्ष सुधा कुमारी ने पीड़ीता एवं उसकी मां का बयान दर्ज किया तथा तीनों मनचलों की गिरफ्तारी के लिए संसार पोखर, किऊल बस्ती आदि मुहल्ले में छापामारी की।

V.O1...इस संबंध में चौदह वर्षीय नाबालिग छात्रा राधा कुमारी ने बताया कि स्कूल से घर लौट रही थी रास्ते में तीन की संख्या में रहे मुहल्ले के मनचलों गोलु कुमार,सुरज कुमार,राकेश कुमार  ने मिलकर हाथ पकड़कर खीच लिया और गलत नियत से छेड़खानी करने लगा ।  हल्ला किए जाने पर स्थानीय लोगों को पहुंचते देख सभी मनचले भाग निकले।
Byte...राधा कुमारी ..पीड़ीता
V.O2... कबैया थाना क्षेत्र के  दारोगा सुरेश प्रसाद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि छात्रा के साथ मनचलों द्वारा छेड़खानी का प्रयास किया गया। युवकों की पहचान कर ली गई है, उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापामारी कर रही है।
Byte..सुरेश प्रसाद ....अनुसंधानक दारोगा

किसानों का उग्र प्रदर्शन



किसानों का उग्र प्रदर्शन
किसानों ने हक के लिए किया सड़क जाम

..हलसी प्रखंड के प्रतापपुर पंचायत के विभिन्न गांवों के कृषकों ने हरी चादर योजना के तहत मूंग का बीज नहीं मिलने से आक्रोशित होकर गुरुवार को कैंदी गांव स्थित मध्य विद्यालय के समीप लखीसराय-सिकंदरा मुख्य सड़क को जाम कर दो घंटे तक यातायात को ठप कर दिया। मूंग व ढैंचा बीज देने के एवज में 200 रुपए मांगने का आरोप, बीज से वंचित प्रतापपुर पंचायत के करूणाचक निवासी सुधीर कुमार, मोहन बिंद, असर्फी बिंद, फतेहपुर के कृष्णनंदन सिंह, कुमैठा के रामजी तांती, प्रतापपुर के रामप्रवेश महतो, विजय कुमार, दिनेश कुमार, बच्चन साव, आनंदी महतो सहित सैकड़ों किसानों ने बताया कि हरी खाद तैयार कर खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए मूंग एवं ढैंचा का बीज नि:शुल्क देने का निर्देश कृषि अधिकारियों को मिला है। लेकिन हलसी में एसएमएस एवं कृषि सलाहकार 200 रुपए दिए जाने के बाद किसानों को मूंग उपलब्ध करा रहा है। राशि नहीं देने वाले किसान को इससे वंचित किया जा रहा है। सड़क जाम की जानकारी मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी मंजू कुमारी कणकण ने पहुंचकर किसानों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया।

 श्रीमति कणकण ने बताया कि कृषि विभाग से जानकारी लेकर प्राप्त बीज किसानों के बीच वितरण किया जाएगा। इस संबंध में एसएमएस जागेश्वर मेहता एवं किसान सलाहकार साधु शरण शैल ने संयुक्त रूप से बताया कि एक ही किसान अपने परिवार के तीन-चार लोगों के नाम से बीज लेने का दबाव देते हैं। विरोध करने पर उक्त लोगों द्वारा गाली-गलौज एवं जान मारने की धमकी दी जाती है।

Tuesday, 2 April 2013

Ikhh ka Mithas

लखीसराय जिला में किसान ईख की खेती कर  रहे हैं  । ईख की पेडाई कर उससे गुड बनाते है। लेकिन किसानों को सरकार की मदद नहीं मिलने से काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है। बिहार सरकार अगर सरकारी तौर पर ईख लगाने बाली किसानों कों अनुदान की व्यवस्था कर दे तो चानन जैसे न क्सल प्रभावित क्षेत्रों में चीनी मिल हो सकता है। लेकिन जिला प्रशासण और कृर्षिविभाग की लापारवाही के कारण यहां के किसान जैसे-तैसे कर्जा लेकर ईख की खेती कर सधारण ईख पेडाई मशीन के सहारे गुड तैयार कर बाजार भेज रहे है। और इसी से सालों भर जीवन-यापन गुजार रहे है। जबकी यह क्षेत्र ईख के लिए काफी उपयुक्त है। सरकार थोडा भी ध्यान दे दे तो यहां के लोग अपराध और नक्सल गतिबिधि से दुर होकर अपनी जिन्दगी में
सुधार ला सकता है। 

हरित क्रान्ति


लखीसराय के वन विभाग हरितक्रान्ति को बल देने के लिए पेड लगाते है तो उसमें लगातार 3 साल तक पानी भी देते है। उसकी रक्षा भी करते है। बीच में नहीं छोडा जाता है। और जहां भी वन विभाग पेड लगाते है पेड लगाने के बाद उसके पालन पोषण भी किया जाता है।
 आज स्थानीय टाउन हाल के कैम्पस में 7 फलदार वृक्ष लगाकर हरित क्रान्ति लाने का नारा दिया गया । लखीसराय जिलाधिकारी रामरूप सिंह  फलदार पेडों का बृक्षारोपण किया। इस अबसर पर डी0डी0सी0 सुरेश चौधरी ने भी बृक्षारोपण किया। और लगाए गए पेड में मिटटी और पानी दिया। वृक्षारोपण शहर के प्रमुख स्थलोंपर किया जा रहा है। ताकी उसकी समुचित देखभाल हो सकें।  अब देखना है कि वृक्ष लगाने के बाद वन विभाग पेडों की रक्षा सही से कर पाते है या नहीं, वो तो कुछ दिनों में ही पता चल जायेगी। या खानापूर्ति तो नहीं है।

रेडियोधर्मी किरण का कुप्रभाव


लखीसराय शहर के रिहायशी इलाकों में मोबाईल का टावर लगने से आम लोग काफी प्रभावित हो रहे है। इस मोबाईल टावर से निकलने बाली इलेक्ट्ो भैलेन्ट रेडियसन्स से आम लोगों को विभिन्न तरह की बीमारियों का शिकार होना पड रहा है। यह टावर शहर के धनी आवादी से हटकर लगना चाहिए । लेकिन नगर प्रशाषण की लापारवाही के कारण शहर के बीचों बीच रिहायशी इलाकों में लगभग 55 से 60 भिन्न-भिन्न कंपनीयों का टावर लगाया गया है। जिससे शहर के सभी इलाकों में इलेक्ट्ो भैलेन्ट रेडियसन्स फैल गया है और इस तरह की रेडियोधर्मी किरण का कुप्रभाव से लोग बहरा, हार्टअटैक, मानसिक संतुलन, चिडचिडापन आदि बीमारी बढ रहा है।

Monday, 1 April 2013

इनकाउंण्टर में भूता की मौत


लखीसराय जिले के बड़हिया में पुलिस और अपराधियों के बीच जमकर गोलीबारी हुई। गोलीबारी में बड़हिया का कुख्यात शंभू सिंह उर्फ भूता पुलिस की गोली का शिकार होकर बुरी तरह जख्मी हो गया। पुलिस ने खदेड़कर अपराधी भूता एवं उसके गिरोह के एक अन्य साथी अमन कुमार को दबोच लिया। कई अपराधी भागने में सफल रहे। पुलिस ने गिरफ्तार अपराधी के पास से तीन पिस्टल व कई जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। घायल अपराधी भूता को दो गोलियां लगीं। उसे इलाज के लिए बड़हिया रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टर मारुति नंदन के काफी प्रयास के बावजूद गोली शरीर से नहीं निकाली जा सकी। अपराधियों द्वारा पुलिस पर की गई गोलीबारी में बड़हिया थानाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह भी बाल-बाल बच गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार बड़हिया पुलिस को सूचना मिली कि कुख्यात अपराधी शंभू सिंह उर्फ भूता अपने सहयोगियों के साथ छिपा है। थानाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में बड़हिया पुलिस छापेमारी के लिए जैसे ही नगर पंचायत बड़हिया के नौवा टोली मुहल्ले स्थित उक्त अपराधी के ठिकाने पर पहुंची कि अपराधी भूता, अमन कुमार एवं अन्य अपराधी पुलिस को देखते ही अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे। बड़हिया पुलिस ने भी मोर्चा लेकर जवाबी कार्रवाई में गोली चलानी प्रारंभ की। गोलीबारी के दौरान पुलिस को चकमा देकर अपराधी भागने का प्रयास करने लगा। इसी क्रम में दो गोलियां भूता को लगीं, फिर भी वह भागता रहा। पुलिस ने खदेड़कर भूता और अमन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अपराधियों ने पुलिस पर तीन-चार गोलियां चलाई। गिरफ्तार अपराधी शंभू सिंह उर्फ भूता बड़हिया प्रखंड के लक्ष्मीपुर पंचायत के पैक्स अध्यक्ष चुनचुन सिंह की हत्या में शामिल था। वह लूट, रंगदारी, अपहरण सहित एक दर्जन कांडों का फरारी है। गिरफ्तार अमन कुमार भी उसी गिरोह से जुड़ा है और हाल ही में वह जेल से छूटकर आया था। उसके विरुद्ध भी कई मामले थाने में दर्ज हैं। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्र एवं एसडीपीओ सुबोध कुमार विश्वास ने घटनास्थल एवं रेफरल अस्पताल में जाकर जांच-पड़ताल की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। लखीसराय जिला के अपराध का गढ बडहिया थाना क्षेत्र के नौवा टोला में पुलिस और अपराधीयों के बीच हुई 6 राउंड गोलीबारी । पहले अपराधीयों ने पुलिस की जत्था देखकर किया था गोली बारी । तब पुलिस ने बचाव में 12 राउण्ड फायरिंग कर कई मामलों की बाछिंत अपराधी शम्भु सिंह भुता को गोली से इनकाउंण्टर कर दिया वो धटनास्थल पर ही धडाम से गिर गया। ज्ञात हो कि 1महिना पहले ही वो लखीसराय जेल से छुटकर आया था। इसपर कई हत्या,रंगदारी,राहजनी,बलात्कार से संगीन मामला दर्ज है। इसके डर से बडहिया में व्यवसायीयों के बीच काफी आतंक था ।  उसके साथ आम्र्स एक्ट के अपराधी अमन सिंह भी पकडा गया। इन दोनो के पास से 3 पिस्टल 7 जिन्दा कारतुस बरामद किया गया। धायल अपराधी शम्भु सिंह भुता को बेहतर ईलाज के लिए बडहिया रेफरल अस्पाताल से पटना के पी0एम0सी0एच0 रेफर कर दिया गया है। जबकी पुलिस अभी भी उसके अन्य साथीयों की धर पकड के लिए छापेमारी कर रही है। इस धटना से व्यवसायीयों ने राहत की सांस लिया है।भूता को गंभीर हालत में पटना रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

आत्महत्या नहीं हत्या


लखीसराय  रात 11 बजे लखीसराय थाना क्षेत्र से करीब सात किलोमीटर दूर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र भेनौरा गांव में मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल की एम्बुलेंस जब पहुंची तो लोगों के आंखों से आंसू छलक पड़े। बड़े, बुजुर्ग, महिलाएं डा. जमालउद्दीन की लाश देख भौचक रह गए। हर कोई बस यही सवाल कर रहा था कि डाक्टर साहब आत्महत्या नहीं कर सकते, इनकी हत्या की गई है। स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो डाक्टर जमालउद्दीन अपनी पत्‍‌नी व बच्चे के साथ मुजफ्फरपुर में रहते थे। परिवार के अन्य सदस्य पैतृक गांव भेनौरा में ही रहते थे। एक साधारण परिवार के रहे डा. जमालउद्दीन की मौत की खबर ने पूरे गांव को झकझोर दिया। सुबह जब डा. जमालउद्दीन के घर पहुंची तो मृतक की पत्‍‌नी व बच्चे फुट-फुटकर रोते हुए बस यही गुहार लगा रहे थे कि यह आत्महत्या नहीं हत्या की गई है। पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले को बदल दिया है। तीनों बेटी तरन्नुम जमाल, अंजु जमाल एवं ताज जमाल अपने पिता के शव के पास बैठकर मां शबीना परवीन से लिपटकर रो-रो बस यही कह रही थी कि मेरे पापा आत्महत्या नहीं कर सकते हैं। इसकी जांच कर दोषी को सजा मिले। गांव वाले भी डाक्टर की मौत को हत्या बता रहे थे। पूरे मामले में डाक्टर की पत्‍‌नी व उसके परिजनों के आरोपों की गहराई से जांच की जाए तो इसकी गुत्थी सुलझ सकती है। दोपहर 12 pm डाक्टर जमालउद्दीन के शव को सम्मान पूर्वक पारंपरिक ढंग से ताबूत में रखकर भेनौरा गांव से सटे कब्रिस्तान में लाया गया। जहां उन्हें मिट्टी दी गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण व कई चिकित्सक भी मौजूद थे।

Saturday, 30 March 2013

रंगोर का रंग


कभी तु मेरे करीब आ की, मेरा इश्क मुझे खुदा लगे।
 मेरी रूह में उतर जरा की, मुझे कुछ अपना पता लगे।
  रोकोमत ! टोको मत !! करीब हमारे आने दो
   यौवन की रग-रग में, प्यार हमेंजताने दो।।
    दिन कुछ खास है, बासंतिक एहसास है ।।
    आॅखों में नशा, होठो पर प्यास है।।
       एकटक-अपलक हो जाने दो।
       यौवन को जीभर सहलाने दो।।
जो मन करे पाने दो। प्यार की गंगा में नहाने दो।।



2     बसंत ऋतु की आहट में बज रहा है झाल ।
      मृदंग मन मचल रहा है देकर अपना ताल ।।
     दमदमाती-बलखाती, यौवन की उभार दिखाती ।
     कजरारे नैनों पर लटके घुंधराले बाल ।।
       रसभरी होठ पर दमके, रंग लाल ।।
       सेव की तरह चमके, कोमल गाल ।।
तीरछी नजर,मिठी मुस्कान,यौवन है गदराल ।
लचक-लचक कमर हिले,चले गजब का चाल ।।
हाय बलखाये, हाय ललचाये। देखकर इनका कमाल ।
पोर-पोर में रंग लगाकर , कर देता मालामाल ।।


3      मस्त-मस्त और तरो-ताजा
      चन्द्रमुखी सिर मुकुट साजा
 यह देख सब छोरा ललचाये ।
कुछ कुम्हलाये,कुछ पगलाये ।।
      बासंती परिधानों में लबंग ।
      अतिसुन्दर अंग-प्रत्यंग ।।
 जब तेवर बदल वोबलखाये ।
कुछ मिमियाये,कुछ धिधियाये ।।
         आजा गोरी आजा, मधुरस पिला जा ।
       एकाकार हो, एक-दुसरे में समा जा ।।  
इन्द्रधनुषी रंग चन्द्रमुखी फैलाई ।
सुर्यमुखी बन सप्तम स्वर सुनाई।।  
       तेरी आह , मेरी चाह है ।
     आ समा जा, देखुं क्या थाह है।।
फिर क्या था !
    छोरा ने छोरी को कलेजे में समाया ।
    खुब चुमा-चाटा और चटक रंग लगाया ।।
रंग लगते ही ज्वाला मुखी बन दहाडी ।
साडी- जम्फर-ब्लाउजों को भी फाडी ।।
      ऐ रास्ते से तुम क्यों भटक गए हो।
      तुम्हे करना था क्या, ये क्या कर गए हो ।।

4   दिल को दिल से लव्वोलुवाव कर दिया है ।
  आत्मा को तन-मन से एकाकार कर लिया है।।
   फिर कुछ नहीं बचेगा । पर सब रहेगा ।।
     सुर को संगीत का साज मिलेगा ।
        रूह को रूहानी राज मिलेगा ।।
दिन हो दोपहर हो या रात हो।
प्यार के सिवा कोई ना बात हो ।।
   अंग में रंग जर्दा कर दो।
   परदा को बेपरदा कर दो ।।
         फिर क्या !
जान को प्राण मिलेगा ।
स्वर्ग का समान मिलेगा ।।

                    रणजीत सम्राट
                         युवा कवि साहित्यकार
                              पत्रकार
------------------------------------------------------------------------
1  रंगोर का रंग
ओस से धुली फुल के पंखुडियों पर
 अब तक लिखे तुम खुब सूरत गीत
शीतल हवा के धुन में पिरोकर
रंगों की वादी से लेकर संगीत
कुदरत के आस-पास रहकर परोसा ।
लखीसराय के जन-पद के गीत ।।
 संस्कृति , कला और साहित्य
 अच्छा लगा रंगोर का आवरण
      मुद्रण- संपादन
   तुम्हारा प्रयास स्तुत्य है मित्र
युवा कवि सह लेखक ,सम्पादक रणजीत !!

2  बर्ष के विहान शुरू
आम के अमराई में
कोयल की तान शुरू
चिडियों के चुनमुन संग
खग के सहगान शुरू
फुलों के बक्ष पर
मधुप के गान शुरू
रंग और गुलाल से
मन के स्नान शुरू
गोरी केअंग से
कंत की पहचान शुरू
काम के कमान पर
रति के बाण शुरू
अपनों के संग में
बर्ष के विहान शुरू ।। -- दशरथ महतो महिसोना
------------------------------------------------------------------------
1  ब्रहमदेव सिंह लोकेश   दुर संचार विभाग
           रंगोर । रंगोर ।।
सम्पूर्ण शहर कोहिला दिया रंगोर ने
जन-जन को अमृत पिला दिया रंगोर ने
मुरझाये फुल को खिला दिया रंगोर ने
विछुडेकवियोंको मिला दिया रंगोर ने
रंगोर की रंगाईका कहीं कोई छोड नहीं।
सरपट दौड रहा हैकहीं कोई मोड नहीं।।
सबसे आगेबढकर परचम लहरा दिया रंगोर ने।
अंधेरा में अनेक दीप जला दिया रंगोर ने।।
रंगोर होली में सबकोरंग गुलाल लगाते रहेगा ।
सबके ह्दय में सदभावना के दीप जलाते रहेगा ।।
एकता और भाईचारे का सुपथ दिखाते रहेगा ।
ज्ञानभक्ति का मालपुआ खिलाते रहेगा ।।
अपना रंग दिखाते रहेगा रंगोर ।
मुर्दे कोजिन्दा करतेरहेगा रंगोर ।
जन-जन कोअमृत पिलाते रहेगा रंगोर
लखीसराय शहर को हिलाते रहेगा रंगोर ।।
ब्रहमदेव सिंह लोकेश
    9471634555
------------------------------------प्रो0 शिव शंकर मिश्रा सेवा निवृत व्याख्याता
  हिन्दी विभाग आर0लाल0 काॅलेज लखीसराय
होलिका का हो दहन, या हो दहन अन्याय का
लंकेश नगरी का दहन हो, या दहन पर्याय का ।।
आततायी बच न पाया,न्याय हावी ही रहा
आ गईसद्वृतियां, जब रंग होली का चढा ।
       असुरों के शिकंजे मेंविवश,युग मौन था।
       धर्म,नीति,न्याय, ये सब गौण था
       पर मिली जब चेतना,भक्त और भगवान से,
       आ गई होली तुरत,छूटकर शैतान से।
चिरकाल का संदेश लेकर, यह पवन गतिमान है।
आत्मरक्षा के लिए यह ,क्रान्ति का पैगाम है,
थे कभी कम्पित मगर, अब प्रणय बेला है मिली,
उस रास्ते पर चल पडों, जिस रास्तेहोली चली।
      आनन्द का क्षण हो कभी,तो कुछ बुरा लगता नहीं,
      रास आता हर किसी को, भेद आता है नहीं,
      ताप से अबतक जगत में,रोशनी खिलती रही,
      इसलिए रंगोर से, होली सदा मिलती रही ।
यह कवच आनन्द का है, मस्त आठोयाम है।
सौन्दर्य की उठती तरंगे,क्या सुबह क्या शाम है।
यह कल्पना का शीशमहल , आलिंगन का पैगाम है।
त्यौहारों को गति देती,होली सुख का फरमान है।
    आओ गले-गले मिलकर, भेद-भाव को भूल चलें
   होली की  अगुआई में, अन्तस पीडा से उबड चलें,
  दुराचार का हो दहन, या दहन हो भ्रष्टाचार का
  होली के आगोश में ही, कल्याण है संसार का ।।
           प्रो0 शिव शंकर मिश्रा सेवा निवृत व्याख्याता
          हिन्दी विभाग आर0लाल0 काॅलेज लखीसराय
देखो बसंत आया है।
कितना उन्माद लाया है।
ऋतुओंकी परी है ये
सदाबहार की लडी है ये। देखों--
     सदाबहार की इस ऋतु में
     मन यौवन हो जाता है।
     उम्र ना कोई तकाजा
     मन विहवल हो जाता है। देखो--
बसंत का क्या पुछना
मातम में बहार लाया है
मन कितना भी रंगा हो
खुशियोंसेभर आया है। देखो --
            रविन्द्र नाथ सिंह




     

 

Thursday, 28 March 2013

हास्य-व्यंग्य होली विशेषांक रंगोर का लोकार्पण

लखीसराय चैम्बर आॅफ काॅमर्स और लखीसराय सांस्कृतिक मंच के संयुक्त तत्वाधान में शहर के नया बजार धर्मशाला में सार्वजनिक होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया ।लखीसराय जिला में लखीसराय सांस्कृतिक मंच के तत्वाधान में अगामी 25 मार्च कों रंजीत सम्राट द्वारा सम्पादित हास्य-व्यंग्य बार्षिकी पत्रिका रंगोर


का लोकाअर्पण के अबसर पर  होली मिलन समारोह सह महा मुर्ख सम्मेलन की चर्चा को जोर पर है। हर तरफ होली की खुमार है।
 जिसमें शहर के जाने-माने प्रसिद्व लोक गायक अजय भवानी ने अपने मधुर स्वर तान से होली गीतों की रस फुहार बरसाया । इस अबसर पर युवा कवि साहित्कार  रणजीत सम्राट द्वारा संपादित हास्य-व्यंग्य होली विशेषांक बार्षिकी पत्रिका  का लोकार्पण हिन्दी साहित्य सम्मेलन  के अध्यक्ष प्रो0 महेश प्र0सिंह और कबैया थानाअध्यक्ष बालेश्वर राय ने संयुक्त रूप से किया ।
 फिर हास्य-व्यंग्य कविताओं की दौर शुरू हो गया । जिसमें कवि दशरथ, परमेश्वरी सिंह अनपढ , राजेन्द्रकंचन, रोहित पंडित, भगवान राही, प्रो0 शिवशंकर मिश्र ने लोगों को लोट पोट करवा दिया। इस कार्य   क्रम के बाद महामुर्ख सम्मलेन शुरू हुआ जिसमें सभी लोगों को मुर्खाधिपति, लंठ, महालंठ, ब्रजलंठ, मुर्खाधिराज, मुर्ख शिरोमणी से लोगों को विभुषित किया गया । होली मिलन की अद्भुत कार्यक्रम से लोग मदमस्त हो गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता रणजीत सम्राट के द्वारा किया गया ।
लखीसराय के सडकों पर छोटे-छोटे बच्चों की मनमोहक होली आपसी प्रेम-सौहार्द को दर्शाता है। जहां निष्छलता , एकता और अखण्डता के साथ रंग-विरंगी परिधानों में बच्चों के द्वारा रंगों से भरा पिचकारी लेकर होली की मजा लेते देखे गए। बहीं बुर्जुगों के द्वारा होली की गंवई अंदाज का मनोहारी गीत ने भी बच्चों क नाचने से नहीं रोका जा सका है। काफी शान्ति-स्नेह और सद्भाव के साथ लोग होली मना रहे है।

Tuesday, 19 March 2013

रंगोर का इन्तजार



 लखीसराय जिला में लखीसराय सांस्कृतिक मंच के तत्वाधान में अगामी 25 मार्च कों रंजीत सम्राट द्वारा सम्पादित हास्य-व्यंग्य बार्षिकी पत्रिका का लोकाअर्पण के अबसर पर  होली मिलन समारोह सह महा मुर्ख सम्मेलन की चर्चा को जोर पर है। हर तरफ होली की खुमार है। हर लोगों को हास्य-व्यंग्य बार्षिकी पत्रिका रंगोर का इन्तजार है!....
रंगों की बहार है
रंग में रंगा सियार है।
बचो जो ऐसा करता है।
ईष्या में जीता मरता है
आज बदरंग बना संसार है
हर चेहरे लगता बेकार है।
कोई बुरा तो कोई भला
सबके-सब हैं धी में तला
कचौडी फुलौडी और मालपुआ
बना रही है किचन में बुआ
सद्भाव को बनाऐ मिठी बोली
भेदभाव को मिटाऐ होली
उछलो कुदो नाचो जोर-जोर से
होली रंग लो मन रंगोर से।

..

Wednesday, 13 March 2013

हर-हर महादेव"

लखीसराय .....
हर-हर महादेव"
बोल-बम का नारा हैँ,
भोला एक सहारा हैँ॥
बिहार धार्मिक न्यास परिसर बोर्ड के अध्यक्ष आचार्य किशोर कुणाल ने कहा है कि भगवान के मंदिर में सबका मान बराबर है। भगवान और भक्त के बीच किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो इसका ख्याल रखें। क्योंकि मंदिर में भगवान के बाद भक्त का ही स्थान सर्वोपरि है। अशोकधाम मंदिर को सरकार द्वारा पर्यटक स्थल के रूप में घोषित किया जाएगा। लेकिन धर्म से जुड़े लोगों को इस मंदिर को पर्यटक के बदले तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास करना चाहिए ताकि देश का हर शिव भक्त यहां आकर बाबा की पूजा अर्चना करे। आचार्य कुणाल रविवार को श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर अशोकधाम में शिवरात्रि महोत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पूर्व श्री कुणाल ने मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सह जिलाधिकारी रामरूप सिंह, उपाध्यक्ष सह एसडीओ विनय कुमार राय एवं सचिव डा. श्याम सुंदर प्रसाद सिंह की उपस्थिति में मंदिर परिसर में करीब 40 लाख की लागत से बने मंदिर प्रशासनिक भवन एवं संग्रहालय का फीता काटकर उद्घाटन किया। इसके बाद श्री कुणाल शंकर एवं पार्वती मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आचार्य कुणाल ने कहा कि अशोकधाम मंदिर निर्माण में भूमिदाता से लेकर जो भी व्यक्ति जुड़े हैं वे प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने मंदिर की भव्यता पर कहा कि अशोकधाम मंदिर भी देश के दस महत्वपूर्ण शिव मंदिरों में से एक है जहां बाबा भोलेनाथ का विशाल शिवलिंग विराजमान है। उन्होंने मंदिर प्रांगण में सामूहिक विवाह के लिए लगे होडिंग को हटाने का निर्देश देते हुए कहा अपना प्रचार भूलकर भगवान के घर में सच्ची सेवा करें तथा मंदिर को एक तीर्थ स्थल के रूप में कैसे विकसित हो इसका ख्याल रखें। आचार्य कुणाल एवं जिलाधिकारी को चादर देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन आचार्कमल नयन पांडेय ने किया। वेद विद्यालय लखीसराय के प्राचार्य के नेतृत्व में छात्रों ने वंदना की तथा सीताराम सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

अज्ञात युवक का लाश बरामद


लखीसराय जिला के रामगढ थाना क्षेत्र केपुलिस ने नारायणपुर गांव के बहियार में एक अज्ञात 30 बर्षीय युवक का लाश बरामद किया ।
 लाश की पहचान करने की अथक प्रयास किया गया लेकिन हत्यारों ने इतना विभत्स तरीके से उसकी हत्या किया था कि पहचान कर पाना बडी मुश्किल हो गया है। पुलिस अन्त्य परिक्षण के लिए लाश को मुंगेर भेजने की तैयारी कर रही है।।
       बहीं मेदनी चैकी थाना क्षेत्र के गंगानदी के पास एक 22 बर्षीय लडकी की लाश बरामद किया गया । जहां मामले की तफतीश किया जा रहा है।

मैट्रिक की परीक्षा


लखीसराय जिला में कुल 16718 छात्र मैट्कि परिक्षा में शामिल हुआ है। टोटल 23 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है। जिसमें 1208 शिक्षक डियुटी पर तैनात है। जबकी नियोजित शिक्षकों ने डियुटी नहीं करने का मन बना लिया है। और इस परीक्षा का बहिष्कार किया है। बहीं राजेश्वर लाल महाविघालय के सभी शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी कलम बंद हडताल कर परीक्षा के अन्दर डियुटी करने से इन्कार कर दिया है।

                मैट्रिक की परीक्षा को लेकर जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक में चहल-पहल है। इधर, परीक्षार्थियों के कारण जिला मुख्यालय के अधिकांश छोटे-मोटे  होटलों में जगह नहीं है। परीक्षा केंद्रों के आसपास के होटल संचालकों ने खाने-पीने को लेकर अपनी-अपनी तैयारी कर रखी है। परीक्षार्थियों की भीड़ के कारण ग्रामीण क्षेत्र में भी कई जगहों पर मकान मालिक भाड़े वसूल रहे हैं। आवास उपलब्ध कराये हैं। परीक्षा 13 से 19 मार्च तक चलेगी। इसके कारण दूर दराज के परीक्षार्थी घर से भोजन सामग्री, वर्तन, गैस चूल्हा, बिस्तर के साथ 'डेरा' पर पहुंचे हैं। शहर में मोटरी बांधकर आने वाले परीक्षार्थियों का तांता लगा रहा। परीक्षा केंद्र के आसपास अपने अस्थायी डेरा पर जाने के लिए  सुबह से ही परीक्षार्थियों का हुजूम चल पड़ा। इसके कारण मुख्यालय स्थित बस पड़ाव, रेलवे स्टेशन पर दिन भर भीड़ लगी रही।

अपहरण


लखीसराय कबैया थाना क्षेत्र के बाजार समिति से 17 बर्षीय श्रवण कुमार लापता है । कबैया थाना में गुमशदगी का मामला दर्ज  कर लिया गया है । परिजनों को अपहरण की  आशंका है  । पुलिस मामले की जांच कर रही है । हलांकि पुलिस के दबाब में परिजनों ने गुमशुदगी का मामला थाना में दर्ज करवाया है। ताकि पुलिस को लापता श्रवण को पता लगाने में कोई असुविधा नहीं हो । इघर पुलिस ने परिजनों को अपने सभी सगे-संबधीयों के यहां भी खोजने की सलाह दिया है । ज्ञात हो कि विगत सप्ताह इसी तरह गरम मसाला व्यवसायी राजु लापता हो गया था । जब पिडित परिजनों ने सडक जाम किया तो पुलिस हरकत में आई और उसका लाश बरामद किया । इस धटना से पुरे कबैया थाना क्षेत्र में सनसनी है। श्रवण कुमार का पिडित माता सोहनमा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अंधरे में जहां-तहां, जगह-बेजगह तीर चला रही है। अब देखना है कि श्रवण कब अपनी मां के पास आता है।

मुर्गी बकरी पालन योजना


बिहार सरकार द्वारा बी0पी0एल0 परिवार वालों की दिशा और दशा सुधार करने के लिए मुर्गी बकरी पालन योजना चला रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के माध्यम से हर साल 10 लाख गरीब परिवारों को तीन-तीन बकरियां देगी. समग्र भेड़ योजना के तहत भेड़ भी दिया जायेगा. मुरगीपालन को बढ़ावा देने के लिए हर साल साढ़े पांच लाख परिवारों को तीन चरणों में 45 मुरगियां दी जायेंगी. यह योजना पांच साल तक चलेगी. विश्व बैंक से छह जिलों के 18 प्रखंडों में शुरू हुई योजना आज आजीविका के माध्यम से पूरे राज्य में चलायी जा रही है.
जिससे लखीसराय केबी0पी0एल0 परिवार वालों के बीच असंतोष की भावना है। इससे लोगों की परिवार का भरण-पोषण संभव नहीं है। इस संदर्भ में पंकज मांझी श्याम पंडित- जीरा देवी  सुगिया देवी- झींगो मांझी   लोगों ने अपनी मिश्रित प्रतिक्रिया व्यक्त किया है।