लखीसराय जिला के बिहार स्टेट फुड एवं सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन गोदाम से डीलर ट्ैक्टर भरकर गेंहुऔर चावल ले तो जाता है। लेकिन यह गेंहु और चावल आम उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाता है। वो रास्ते ही किसी बडेव्यापारी के यहां बेच दिया जाता है जिससे आम गरीब तबके के लोग इन अनाज से दुर हो जाता है। और तो और डीलर के वल खानापुर्ति के लिए थोडा सा आनाज लाकर बाॅट देता है। वो आनाज मिलावटी और सडा रहता है जो खाने लायक नहीं है।
लखीसराय जिला के एस0एफ0सी0 गोदाम में जनवितरण प्रणाली के रखे हुए अनाज आम लोगों के पहुंच के से दुर हो गया है । विगत 3 माह से लोग सरकारी गेंहुं और चावल के लिए तरस रहे है । प्रशासन की अतिरिक्त सेवा कर के कारण सरकारी गेंहुं और चावल कागजों पर दर्शाकर राज्य सरकार रूपया की बन्दरबांट कर लिया है!
इस संदर्भ में जब मिडिया ने आम उपभोक्ताओ से बात किया तो वो बताया कि जन-वितरण प्रणाली टाॅय-टाॅय फिस्स हो चुका है। केवल बिहार में कागजी घोडा दौड रहा है।
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