लखीसराय जिला के सभी वी0पी0एल0 कार्डधारी महादलितों के लिए बिहार सरकार के द्वारा लगभग हजारों एकड जमीन केवल कागजों पर बांट कर खानापूर्ति कर लिया गया है। और तो और इन्दिरा आबास, शौचालय, फर्जीआनाज वितरण, रेडियो योजना , महादलित शिक्षा योजना के लिए करोडों रू0 खर्च भी कागजोंपर बिहार सरकार के द्वारा किया जा चुका है। फिर भी महादलितों का हाल बदहाल है।
रहने को धर नहीं है। खाने को आनाज मयस्सर नहीं हो पा रहा है। और पीने के लिए पानी भी नहीं है। शौच के लिए जमींनदारों के खेतों में जाना पडता है। जहां वो शौच करते ही सामंती जमीनदारों के कोपभाजन का शिकार होना पडता है। बिहार सरकार और जिला प्रशासन कागजों पर बिकास की ढोल पीट रही है। जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
लखीसराय शहर के संसार पोखर के पास बसे मुसहरी में लोगों ने बताया कि इससे अच्छा तो ये होता कि हमलोगों को खाने के लिए अनाज मुहैया करवा देता तो पेट भी भर जाता लेकिन यह रेडियों से ना मनोरंजन हुआ और ना ही पेट भरा । सरकार ठग लिया है। बिहार सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी महादलित मुहल्ला में सुविधाओं का घोर अभाव है। लखीसराय मे महादलितों का हाल बेहाल है।
बाईट- शान्ति देवी- पिडित महादलित
बाईट- शकुनमा देवी- पिडित महादलित
बाईट- लालवती देवी - पिडित महादलित
बाईट- सुरेश नंदन सहाय-जिला अनुसुचित,जनजाति,कल्याण पदा0
बाईट-मो0 इस्माईल खान- आम जनता


No comments:
Post a Comment