लखीसराय किऊल नदी बालू घाट की बंदोबस्ती नहीं होने तथा प्रतिबंध लगने के बावजूद अवैध तरीके से जारी बालू उत्खनन पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सख्ती बरते जाने से जिले के बालू माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना की पुलिस ने बालू माफियाओं पर नकेल कसने के लिए विगत दो दिनों से काफी तत्पर नजर आने लगी है।
यही कारण है कि महज दो दिनों में जिले के विभिन्न थाना की पुलिस ने विभिन्न जगहों पर छापामारी कर अवैध बालू लदे तीस ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कजरा एवं चानन थाना की पुलिस ने विभिन्न जगहों पर छापामारी कर अवैध बालू लदे आठ ट्रैक्टर को जब्त किया है। जबकि विभिन्न थाना की पुलिस ने 22 ट्रैक्टर को जब्त किया था। उक्त सभी अवैध बालू लदे ट्रैक्टरों को समाहरणालय के स्थित गांधी मैदान में रखा गया है। इधर चुनिंदा बालू माफिया पहुंच के बूते अपने ट्रैक्टरों को छुड़ाने की जुगत में जुटे हुए हैं।
लखीसराय की लाइफ लाइन और आर्थिक समृद्धि का समंदर कही जाने वाली किऊल नदी बालू घाट का नए वित्तीय वर्ष में अबतक नीलामी नहीं होने से बालू व्यवसाय से जीवकोपार्जन कर रहे हजारों लोग हताश है तथा उनके समक्ष आर्थिक संकट मंडराने लगा है। किऊल नदी बालू घाट पर विगत 2010 से अबतक केम्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पटना का कब्जा रहने के बाद उसे बेदखल करने के लिए चल रहा शह मात के खेल में नीलामी की पेंच फंस गई है। घाट की नीलामी नहीं होने के कारण अबतक 20 लाख रुपए का राजस्व का घाटा हो चुका है। इस बार किऊल नदी बालू घाट पर कब्जा करने को लेकर कथित रूप से सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच जंग जारी है। वहीं नदी में विगत डेढ़ दशक से बाढ़ नहीं आने के कारण बालू का अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है। जबकि खनन एवं भूतत्व विभाग द्वारा गत वर्ष की तुलना में इस बार 20 फीसद राशि डाक में बढ़ा दिए जाने के कारण भी बंदोबस्ती नहीं हो पा रही है। इसे विभागीय पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी भी स्वीकार करते हैं। यही कारण है कि नए सत्र में 01.04.13 से 31.12.13 तक के लिए किऊल नदी बालू घाट की बंदोबस्ती के लिए तीन बार निविदा निकाली गई जो विभिन्न कारणों से रद हो गई। जिलाधिकारी रामरूप सिंह ने चौथी बार निविदा प्रकाशित की है। जिसके तहत नौ अप्रैल को निविदा खोलने की अंतिम तिथि है। विदित हो कि इससे पूर्व नीलामी प्रक्रिया में केम्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पटना, सुजीत कुमार बड़हिया, अरविंद कुमार पटना एवं महादेवा इनक्लेव राजस्थान द्वारा निविदा प्रपत्र खरीदा गया था लेकिन विभागीय नियम व शर्त पूरा नहीं हो पाने के कारण निविदा अबतक रद होती रही।
विगत तीन वर्षो का राजस्व आंकड़ा
वर्ष 2010
5 करोड़ 22 लाख 60 हजार 309 रुपए
वर्ष 2011
6 करोड़ 28 लाख 36 हजार 363 रुपए
वर्ष 2012
7 करोड़ 54 लाख 3 हजार 636 रुपए
जनवरी से मार्च 2013
2 करोड़ 23 लाख 11 हजार 213 रुपए
अब चौथी बार निविदा की तिथि मंगलवार नौ अप्रैल पर सबकी निगाहें टिकी हुई है। बताया जाता है कि बालू घाट पर कब्जा के लिए केम्स सर्विसेज पटना और सुजीत कुमार बड़हिया के बीच शह मात के साथ मैनेज का खेल चल रहा है। लेकिन बालू घाट का सेहरा किसके सर बंधेगा इस पर अब भी रहस्य व सस्पेंस बरकरार है। उधर बालू घाट बंद हो जाने तथा जिला प्रशासन द्वारा किऊल नदी से अवैध बालू उत्खनन के खिलाफ अभियान चलाकर तीन दर्जन वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई से व्यवसाय से जुड़े लोग आर्थिक मार का सामना कर रहे हैं।
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