लखीसराय के बडहिया में दिल्ली रेपकांड में संलिप्त दुसरा दोषी प्रदीप गिरफतार !
ज्ञात हो कि दिल्ली में नबालिग लडकी गुडिया रेपकांड के दुसरा अभियुक्त प्रदीप कुमार शेखपुरा जिला के अहियापुर के दीनाराम का नालायक बेटा है। जो मुहल्लों में भी अक्सर लडकीयों से छेडछाड करता रहता था। कई छोटे-मोटे चोरी की अंजाम में भी दर्जनों बार अविभावकों और मुहल्लाबासीयों से सजा पा चुका था। इससे उबकर उसे घर से 7 माह पूर्व भगा दिया गया था। वो कुछ दिनो तक पटना के किसी फुटफाथी होटल में रहकर काम करते-करते दिल्ली में राजमिस्त्री का काम कर रहा था । तभी उसका संगत मनोज नामक व्यक्ति से हुआ और वो काम करते करते गलत कामों का भी अंजाम दिया करता था। जब वो मासुम गुडिया को हबश का शिकार बनाया और यह मामला जब तुल पकडने लगा तो वो सीधा लखीसराय जिला के बडहिया स्थित अपने मौसा जी हरेराम चन्द्रवंशी के धर में19-04-2013 कोआकर छिपा था । दिल्ली पुलिस टीम ने पटना पुलिस मुख्यालय को इसकी सुचना दिया तब वो लखीसराय एस0पी0 राजीव मिश्रा को बताया उन्होने देर रात सुरेन्द्रप्र0 सिंह के साथ बडहिया थानाप्रभारी तकरीबन 1 बजे लखीसराय जिला के बडहिया स्थित अपने मौसा जी हरेराम चन्द्रवंशी के धर मे छापेमारी कर सुप्तावस्था में पकड लिया है। और फिर मानवता को शर्मसार करने बाला दोषी प्रदीप कुमार को आम लोगों ने सरेआम जिन्दा जलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे।
आज बडहिया में दिल्ली पुलिस और लखीसराय पुलिस की संयुक्त छापेमारी में दिल्ली में नबालिक लडकी के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में प्रदीप को गिरफतार कोर्ट में पेशी किया गया । सी0 जी0 एम0 कोर्ट विष्णुदेव उपाध्याय के समक्ष पेशी हुआ जिन्होने 3 दिनों का ट्ाजिड रिमांड पर दिल्ली भेज दिया है । इधर कोर्ट के बाहर हजारों प्रदर्शनकारी दोशी को फांसी देने की सजा की मांग कर रहे है।
पांच साल की गुड़िया के साथ गैंगरेप में शामिल दूसरे आरोपी को दिल्ली पुलिस की टीम ने बिहार के लखीसराय जिले के बरहिया से उसके मौसा के घर से गिरफ्तार कर लिया है। उसका नाम प्रदीप बताया गया है। पुलिस ने इसको मुख्य आरोपी मनोज से मिली जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया है। इस बीच एम्स में गुड़िया की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। डाक्टरों के मुताबिक उसको यहां पर दो सप्ताह और रखा जाएगा। हालांकि उसको दो-तीन दिन के बाद खाना दिया जा सकेगा।
गौरतलब है कि शनिवार को मनोज के दिल्ली लाए जाने के बाद यह जानकारी सामने आई थी कि इस अपराध में एक दूसरा शख्स भी शामिल है। इसके तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की टीम एक बार फिर बिहार के लिए रवाना कर दी गई थी।
पुलिस जांच में यह बात पुख्ता हो गई है कि गुड़िया के साथ गैंगरेप किया गया था। इससे पहले दोनों आरोपियों ने मोबाइल फोन पर अश्लील फिल्म देखी और जमकर शराब पी। बच्ची की हालत बिगड़ने पर पहचान छिपाने व पकड़े जाने के डर से दोनों ने उसका गला घोंटने की कोशिश की। उसे मरा हुआ समझ कमरे में ताला लगाकर फरार हो गए।
मुजफ्फरपुर, बिहार से गिरफ्तार किए गए मनोज को रविवार को अदालत में पेश किया गया, जहां उसे चार मई तक न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। उसे जेल नंबर-8/9 में कई शातिर ब्लेडबाज कैदियों के साथ रखा गया है। उसका दोस्त प्रदीप भी बिहार का रहने वाला है।
इस बीच एम्स में भर्ती पांच वर्षीय गुड़िया की हालत अब खतरे से बाहर है। डॉक्टरों की मानें तो बच्ची पूरी रात अच्छी से सोयी है। गुड़िया अपने परिवार और डॉक्टरों से अच्छी तरह से बात कर रही है। हालांकि बच्ची को हल्का बुखार है लेकिन बच्ची को एंटी बायोटिक दवाएं लगातार दी जा रही है।
एम्स के चिकित्सा अधीक्षक ने मीडिया को बताया कि गुड़िया को हल्का बुखार है। राहत की बात यह है कि एंटी बायोटिक दवाएं काम कर रही है। अस्पताल में बच्ची को करीब दो सप्ताह तक रखा जायेगा। इंफेकशन पूरी तरह खत्म होने के बाद गुडिया को डिस्चार्ज किया जाएगा। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि बच्ची को दो तीन दिन में खाना खाने के लिए दिया जा सकता है।
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