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Friday, 26 April 2013

सामुहिक विवाह

 लखीसराय :  दहेज प्रथा को समाप्त करने के उददेश्य से श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव ट्रस्ट अशोकधाम  के सामुहिक विवाहोत्सव  में एक साथ 32 जोड़ों की शादी कराई गई !

लखीसराय : श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव ट्रस्ट अशोकधाम लखीसराय के तत्वावधान में एक साथ 32 जोड़ों की शादी कराई गई। नव दंपती और उनके परिजनों में इससे काफी खुशी मिली।दहेज प्रथा को समाप्त करने के उददेश्य से यह ट्स्ट लगातार विगत 11 बर्षो से सामुहिक विवाहोत्सव का आयोजन कर रही है।
 मुख्य अतिथि के रूप में अंजनी कुमार - अनुमंडल पदा0 लखीसराय मौजूद थे। अंजनी कुमार - अनुमंडल पदा0  ने नव दंपतियों को सुखमय जीवन की शुभकामना देते हुए उनके बीच ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध कराए गए उपहारों का वितरण किया।
मंदिर परिसर में लगे शामियाने के नीचे लाल जोड़े में सजी 25 दुल्हन और पीला धोती सिर पर सेहरा लगाए दूल्हा की शादी पंडित चंद्रमोलेश्वर पांडेय के नेतृत्व में कराई गई। इस मौके पर डा. आर.के. तुलस्यान ने अपनी पत्‍‌नी के साथ कन्यादान की रस्म पूरी की। सामूहिक विवाह को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ लगी रही। शादी की रस्म पूरी होने के बाद आयोजकों द्वारा वर वधू को घड़ी, कपड़े, कीचेन सेट, बक्सा, तोशक, चांदी के आभूषण आदि उपहार दिया गया। सामूहिक विवाह में लखीसराय, जमुई, नालंदा, पटना, शेखपुरा, मुंगेर, बेगूसराय आदि जिले के विभिन्न क्षेत्रों के वैसे वर-वधू शामिल हुए जो आर्थिक रूप से कमजोर थे। इनमें से अधिकांश पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति के परिवार शामिल थे। सामूहिक विवाह में शरीक हुए परिजनों ने कहा कि उनकी हैसियत बेटा-बेटी की शादी करने की नहीं थी लेकिन अशोकधाम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने शादी के रिश्ते को पूरा कर न सिर्फ दो परिवारों को खुशी दी बल्कि मिसाल कायम की है।
 मंदिर ट्रस्ट के सचिव डा. श्याम सुंदर प्रसाद सिंह, राजेन्द्र सिंघानियां, आदि की देखरेख में वर वधू को श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव एवं माता पार्वती मंदिर में आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद वैवाहिक जीवन के महत्व तथा परिवार-समाज और राष्ट्र के प्रति उनके दायित्वों का भी बोध कराया गया।



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