लखीसराय जिला के बडी चैती दुर्गा स्थान मे जगतजननी जगदम्बा का महागौरी की पूजा माता की अष्टमी के रूपों की अलग महत्व है आज के दिन माता सक्षात दुर्गा देवी विराजमान रहती है ।
तभी से यहाॅ प्रतिबर्ष माता की पूजा में भक्तों के द्वारा माता की अष्टमी पूजा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भुआ का बली चढाये जाने की परम्परा है । उसके बाद सरकारी पूजा शुरू हो गया ।
माता की अष्टमी पूजा,आरती-और जय माता दी की बोल से पूरा मंदिर भक्तिमय हो गया है लखीसराय जिला के बडी दुर्गा स्थान की बडी चैती दुर्गामाॅ और छोटी दुर्गा स्थान की छोटी चैती दुर्गामाॅ जगतजननी जगदम्बा के द्वार पर भक्तों द्वारा नारियल फल चढाने की परम्परा शुरू हो गया है । आज अभी से हीं हजारों महिलाएॅ-पुरूषों और कुॅवारी कन्या के द्वारा माता की दरबार में पूजा-अर्चना की जा रही है
तभी से यहाॅ प्रतिबर्ष माता की पूजा में भक्तों के द्वारा माता की अष्टमी पूजा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भुआ का बली चढाये जाने की परम्परा है । उसके बाद सरकारी पूजा शुरू हो गया ।
माता की अष्टमी पूजा,आरती-और जय माता दी की बोल से पूरा मंदिर भक्तिमय हो गया है लखीसराय जिला के बडी दुर्गा स्थान की बडी चैती दुर्गामाॅ और छोटी दुर्गा स्थान की छोटी चैती दुर्गामाॅ जगतजननी जगदम्बा के द्वार पर भक्तों द्वारा नारियल फल चढाने की परम्परा शुरू हो गया है । आज अभी से हीं हजारों महिलाएॅ-पुरूषों और कुॅवारी कन्या के द्वारा माता की दरबार में पूजा-अर्चना की जा रही है


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