लखीसराय : जिले में दर्जनों निजी नर्सिग होम एवं पैथलॉजी (जांच घर) चलाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इनमें एक भी निबंधित नहीं है। मानें तो सभी अवैध हैं। ऐसे में रोगियों से मोटी राशि की वसूली की जा रही है और सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। जिला मुख्यालय में छोटा-बड़ा कुल मिलाकर एक दर्जन नर्सिग होम का संचालन विभिन्न नामों से किया जा रहा है। जबकि लगभग पचास की संख्या में पैथलॉजी है। पैथलॉजी में बगैर डिग्री वाले लोग ही विभिन्न तरह की जांच करते हैं और रोगियों से मोटी रकम वसूल कर रिपोर्ट भी गलत देते हैं। कई बार स्थानीय स्तर की जांच रिपोर्ट को गलत भी ठहराया जा चुका है। विभाग का कहना है कि नियम कानून को ताक पर रखकर नर्सिग होम एक्ट को दरकिनार कर मनमानेपन तरीके से निजी नर्सिग होम एवं पैथलॉजी संचालित है। पश्चिमी कार्यानंद नगर निवासी राज किशोर मधुकर को सिविल सर्जन द्वारा उपलब्ध कराई गए सूचना से इसका खुलासा हुआ है। उपलब्ध सूचना में कहा गया है कि जिले में एक भी निजी नर्सिग होम एवं पैथलॉजी निबंधित नहीं है। परंतु एमबीबीएस या इसके समकक्ष डिग्रीधारी, जिन्हें भारतीय चिकित्सा निबंधन परिषद से निबंधन प्राप्त है उनके द्वारा निजी प्रैक्टिस किया जा सकता है। लेकिन डाक्टर विभिन्न नामों से नर्सिग होम संचालित कर रहे हैं। वहीं पैथलॉजिस्ट डिग्रीधारी द्वारा पैथलॉजिकल टेस्ट किया जा सकता है। लखीसराय स्वास्थ्य जिला के रूप में 1996 में सृजित हुआ है। परंतु निजी नर्सिग होम एवं पैथलॉजी खोलने से संबंधित राज्यादेश, नियम, कानून अथवा किसी प्रकार का विभागीय पत्र उपलब्ध नहीं है। इधर जिले में एमबीबीएस डाक्टरों के अलावे कुछ झोलाछाप डाक्टर भी विभिन्न नामों से निजी नर्सिग होम चला रहे हैं। शहर में एक दर्जन एक्स-रे सेंटर है लेकिन विभाग के पास इसकी जानकारी तक नहीं है। ऐसे में रोगियों के साथ कितना छल किया जा रहा है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
सिविल सर्जन डा. शशि भूषण प्रसाद शर्मा ने बताया कि एमबीबीएस डाक्टर अपना नेमप्लेट लगाकर प्रैक्टिस कर सकते हैं। परंतु बिना निबंधन कराए किसी अन्य नाम से निजी नर्सिग होम नहीं चला सकते हैं। इसी तरह डिग्रीधारी पैथलॉजिस्ट अपने नाम से ही जांच कर सकते हैं। निबंधन के दौरान निजी नर्सिग होम एक्ट के तहत संबंधित निजी नर्सिग होम में बेड की संख्या, साफ-सफाई की स्थिति, चिकित्सक की संख्या एवं योग्यता, अन्य चिकित्सा कर्मियों की संख्या एवं योग्यता सहित नर्सिग होम की फीस निर्धारित की जाती है। परंतु अनिबंधित निजी नर्सिग होम एवं पैथलॉजी इन सारे नियमों को नजरअंदाज कर कमाई करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में चलाए जा रहे सभी निजी नर्सिग होम एवं पैथलॉजी के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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