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Friday, 26 April 2013

एकलौता सडक जाम


लखीसराय जिला के मुख्य बाजार में बडी बाहन की नो इंट्ी लगने से बडा बाहन मालिक और ड्ाईवर काफी परेशान है।  ज्ञात हो कि लखीसराय जानेसे चारों ओर जाने के लिए इसी एकलौता सडक का उपयोग करना पडता है। जिसे जिला प्रशासन ने रोक लगा दी है।
1.लखीसराय से जमुई जाने के लिए
2.लखीसराय से शेखपुरा नवादा राॅची जाने के लिए
3. लखीसराय से पटना जाने के लिए
4.लखीसराय से मुंगेर और भागलपुर जाने के लिए
यही एकमात्र सडक है। सुबह 5 बजे सेरात के 9 बजे तक शहर में बडा बाहन चलाना वर्जित है। जिससे लोग परेशान है।बडा बाहन मालिक इस नोइंट्ी से परेशान है। क्योंकि उसे ड्ाईवर का डेली खाना खर्चाए रोड टैक्सए 1000रू0 देना पडता है। और यहां नोइंट्ी के चक्कर में 12 धण्टा से लेकर 24 धण्टा तक गाडी लगा रह जाता है। जिससे राज्य सरकार ए पेट्ोल पम्प ए और बाहन मालिक की काफी घटा हो रहा है। और तो और बाजार में किराना सहित अन्य समान सही समय पर नही आ पाता हैजिससे महंगाई पर भी असर पड रहा है। ये सब बायपास सडक नहीं रहने के कारण रोज शहर के इकलौता सडक पर जाम की समस्या बनी रहती है।  ज्ञात हो कि इस लखीसराय शहर की 15 किलोमीटर की लम्बी एकलौती सडक से होकर लोग देवघर जाने के लिए ए राॅची जाने के लिएए शेखपूराए बरबिघाए नालंदाए नावादा जाने के लिए एमुंगेर भागलपुर जाने के लिए पटना और बेगुसराय जाने के लिए यही एक सिंगल रास्ता है यहाॅ से बिहार के चारों तरफ जाने के लिए रास्ता आती और जाती है । इस शहर के बीचोंबीच मात्र 15 किलोमीटर का सडक अक्सर जाम रहता है जिससे आम और खास दोनों लोग प्रभावित है
बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 21.02.2006 में बायपास सडक बनाने के लिए शिलान्यास किया था । लेकिन 6 साल तक सोये रहने के बाद आम लोगों की आवाज जब उठने लगी तो फिर से बायपास बनाने की सुगबुगाहट शुरू हो गया है। बायपास सडक दो रेलवे लाईन पार होकर गुजरा है जिसके कारण रेलवे लाईन के उपर से पुल बनाने के बाद ही सम्भव हो सकेगा। अब देखना है कि अगामी लोकसभा चुनाव के पहले कार्य पुरा होता है या नहीं । लखीसराय में एकलौता लम्बा सडक रहने के कारण जाम की समस्या प्रतिदिन बनी रहती है । अजादी के बाद आज तक सभी नेताओं द्वारा केबल बायपास सडक का सपना दिखाया है लेकिन किसी भी नेता या पदाधिकारीयों का ध्यान नहीं है आये दिन रोज सप्ताहांत में सडक हादसा होता रहता है और प्रशासन मजबुरी जता कर रह जाती है ।
बाईट. विनय कुमार राय. एस0 डी0 ओ0
बाईट. दिनेश प्रसाद. प्रभारी परिवहन विभाग
बाईट. नरेश राम. जिला ट्ान्सपोर्टर एसो0ए महामंत्री
बाईट. रामनंदन सिंह. अध्यक्षए जिला ट्ान्सपोर्टर एसो0
बाईट. नो0 इंट्ी में फंसे ड्ाईवर
V.O1... लखीसराय  क्षेत्रीय विधायक विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि लखीसराय बाइपास सड़क भाया अशोकधाम से समाहरणालय तक पटना किऊल रेलखंड एवं गया.किऊल रेलखंड पर रेल उपरी पुल ;आरओबीद्ध निर्माण की स्वीकृति रेल मंत्रालय द्वारा नहीं दी गई है तथा केंद्र की यूपीए सरकार इस कार्य में बाधक बनी है। इसलिए राज्य सरकार ने अपनी राशि खर्च कर बाइपास सड़क पर आरओबी निर्माण कराने का निर्णय ले लिया है जिस पर 188 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
Byte..विजय कुमार सिन्हा भाजपा विधायक

Anchor 2.....एक लाख की आबादी वाले लखीसराय शहर की यातायात व्यवस्था नो इंट्री, जाम और अतिक्रमण की जाल में उलझकर कराह रही है। जिला मुख्यालय की इकलौती सड़क व चौक-चौराहों पर अतिक्रमण कारियों का कब्जा तथा शहर में वाहन पार्किंग के लिए कोई निर्धारित स्थल नहीं रहने के कारण यहां यातायात व्यवस्था और सड़कों पर सुरक्षित सफर पूरी तरह भगवान भरोसे है। शहर में कुछ भी गड़बड़ हो तो इसके लिए थानाध्यक्ष जिम्मेदार होते हैं। यह किसी का आरोप नहीं बल्कि व्यवहार और सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है। शहर में अपराध, अपहरण, अनुसंधान, विधि-व्यवस्था, अतिक्रमण, नो इंट्री हो या यातायात को ले जाम जब कुछ थानाध्यक्ष के जिम्मे है। सड़क किनारे न तो संकेतक हैं और न ही ट्रैफिक लाइट की व्यवस्था, ऐसे में सुरक्षित सफर सिर्फ भगवान भरोसे है। वाहन चालकों को सचेत करने के लिए वर्षो पूर्व सड़क निर्माण के दौरान जिला मुख्यालय में पथ निर्माण विभाग द्वारा वाहन चालकों को सचेत करने के लिए कुछ स्थानों पर सुरक्षा के संकेत वाले बोर्ड लगाए गए थे लेकिन मुख्य सड़क के किनारे चप्पे-चप्पे पर अतिक्रमण तथा फुटपाती दुकानदारों ने ऐसा कब्जा जमाया कि सड़क किनारे लगे संकेतक का कोई मायने नहीं रह गया है। लोहे के खंभे में लगे कई संकेतकों के सहारे कई फल व सब्जी की दुकानें चलती है। पुलिस अधीक्षक की निगरानी में शहर में यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए जिला पुलिस बल के तीस सिपाही तैनात किए गए हैं जो शहर के आधा दर्जन स्थानों पर पूरे दिन टमटम, रिक्शा, टेम्पो व अन्य वाहनों को हटाने में लगे रहते हैं। इसके अलावे लखीसराय एवं कबैया थानाध्यक्ष के जिम्मे नो इंट्री का सख्ती से पालन करवाने तथा यातायात जाम पर निगरानी की जाती है। यातायात पुलिस जवान की निगरानी के लिए चार सब इंस्पेक्टर तथा यातायात प्रभारी के रूप में डीएसपी मुख्यालय विजय कुमार पर व्यवस्था की कमान है। जिले में ट्रैफिक सिपाही नहीं रहने के कारण जिला पुलिस बल के जवान ही यातायात की कमान संभाले हुए हैं। उन्हें न तो ट्रैफिक की ट्रेनिंग दी गई है और न उन्हें अनुभव है। जिले में यातायात की व्यवस्था के नाम पर कोई अलग से संसाधन उपलब्ध नहीं है। कुछ हैण्ड सिग्नल लाइट हैं लेकिन वे खराब बेकार पड़े हुए हैं। शहर में जिस रफ्तार से वाहनों की संख्या बढ़ रही है उसके अनुसार ट्रैफिक सिपाही को होना अनिवार्य है तथा प्रशिक्षित ट्रैफिक सिपाही के जिम्मे व्यवस्था होनी चाहिए। सुव्यवस्थित यातायात नहीं होने के कारण सड़क दुर्घटना एवं सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि हाल में राष्ट्रीय उच्च पथ के नवनिर्माण के बाद वहां संकेतक लगाए गए हैं।
सड़क दुर्घटना का आंकड़ा
वर्ष-2010
मृत्यु- 35, घायल- 70
वर्ष 2011
मृत्यु- 65, घायल- 130
वर्ष 2012 (अबतक)
मृत्यु- 55, घायल- 150
V.O1....यातायात व्यवस्था की कमान संभाले यातायात प्रभारी डीएसपी मुख्यालय विजय कुमार कहते हैं कि मुख्य सड़क पर अतिक्रमण एवं भौगोलिक बनावट के कारण यातायात व्यवस्था का सुचारू ढंग से संधारण नहीं होता है। जबतक बाइपास सड़क का निर्माण नहीं होगा तबतक यातायात व्यवस्था दुरूस्त होना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण लिए जिला बल के जवान एवं थानाध्यक्ष के जिम्मे यातायात व्यवस्था है।

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