लखीसराय जिला में कुल 7 प्रखण्ड है जिसमें प्राथमिक विधालयों की संख्या-484 है मध्य विधालयों की संख्या-291 है। राज्यकीय विधालय-01, राजकीयकृत माध्यमिक विधालय-01, राजकीयकृत उच्च विधालय-41, स्थापना अनुमति प्राप्त विधालय-07, अंगीभुत महाविधालय 02, स्थापना अनुमति प्राप्त माध्यमिक विधालय- 14, सी0 बी0 एस0 ई0 माध्यमिक -01, सी0बी0एस0ई0 विधालय- 01, जवाहर नवोदय विधालय-1, केन्द्रीय विधालय 1, संस्कृत विधालय-1 है।
कुल विधालयों की संख्या- 775 है
भवनहीन विधालय की संख्या-175 है
भुमिहिन विधालय की संख्या-175 है
सबसे बडी सवाल ये है.....नवसृजित माध्यमिक विधालयों की संख्या-21 है जो विल्कुल हवा में स्कुल चल रही है।
जिला में बर्ष-2010-2011 को बिहार सरकार सेमान्यता प्राप्त नवसृजित माध्यमिक विधालयों की संख्या-14 है और बर्ष-2011-2012 में अन्य 4 है कुल नवसृजित माध्यमिक विधालयों की संख्या-21 है जो विल्कुल हवा में स्कुल चल रही है।जहां कोई शिक्षक नहींहै।कोईभवन नहीं है। कोई छात्र-छात्रा नहीं है। जिसका कोई ठौर ठिकाना अता पता तक नहीं है। यह जिला के शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के कागजों पर ही शोभा दे रही है।
जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में शिक्षा पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक कर शिक्षा एवं साक्षरता कार्यक्रमों की समीक्षा किया। जिले में शिक्षा अधिकार कानून को प्रभावी ढंग से लागू नहीं होने तथा शिक्षा कार्यक्रमों की धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए डीईओ रामजी प्रसाद, डीपीओ नसीम अहमद सहित सभी शिक्षा पदाधिकारियों को सरकार के मंशा के अनुकुल कार्य करने एवं सभी कार्यक्रमों को सही ढंग से निगरानी करने का निर्देश दिया। बैठक में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी लखीसराय के उपस्थित नहीं होने तथा संभाग प्रभारी कुमारी अल्पना तथा अर्चना कुमारी के सूचना के बाद भी बैठक में काफी विलंब से पहुंचने पर डीएम ने स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया तथा शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगे से किसी भी बैठक के दिन पदाधिकारी एवं कर्मियों का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाए। समीक्षा में डीएम ने जिले में खुलने वाले 29 नए विद्यालयों के लिए डीसीएलआर को सीओ के माध्यम से जमीन की वास्तविक रिकार्ड प्राप्त कर उपस्थापित करने तथा सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को स्वीकृत नवसृजित विद्यालय का स्थलीय जांच करने तथा एक स्पष्ट प्रतिवेदन डीपीओ को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। डीएम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बिहार शिक्षा परियोजना के कार्यक्रमों को समीक्षा करे हुए बच्चों की 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। एमडीएम प्रभारी की बैठक में उपस्थित नहीं रहने पर डीएम ने खेद प्रकट करते हुए सभी विद्यालयों में एमडीएम योजना का संचालन नियमित रूप से सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।

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