लखीसराय जिला के सरकारी शिक्षण संस्थान के0आर0 के0 उच्च विधालय के मैदान में आज कल जुआ खेलनेबालों का अडडा बन गया है। जहां प्रति दिन छोटे-छोटे बच्चों की सहारा लेकर बडे से बडे दाव लगाई जाती है। जहां ताश के पते से लेकर लक्की सेवन का बिसात लगाकर 10 रू0 से500 और 500 सौरू0 से लेकर 50000 हजार रू0 की जुआ खेली जाती है। जिला प्रशासन जानबुझकर इस खेल को रोकने में नाकाम है। क्योंकि इस खेल में थाना , स्थानीय स्कुल प्रशासन और जिला प्रशासन के कई अधिकारी के मिलीभगत से जुआ हो रही है। जिसे कोई रोकने बाला नही है। सबसे बडी बात हैकि कम उम्र के बच्चों की सहारा लेकर जुआ करवाया जा रहा है। पढने लिखने की उम्रमें जुआ खेलने की लत लगाया जा रहा है। आम समाजिक लोग परेशान है। लेकिन विवश है।
BREKING NEWS
Wednesday, 5 December 2012
जुआबाज
लखीसराय जिला के सरकारी शिक्षण संस्थान के0आर0 के0 उच्च विधालय के मैदान में आज कल जुआ खेलनेबालों का अडडा बन गया है। जहां प्रति दिन छोटे-छोटे बच्चों की सहारा लेकर बडे से बडे दाव लगाई जाती है। जहां ताश के पते से लेकर लक्की सेवन का बिसात लगाकर 10 रू0 से500 और 500 सौरू0 से लेकर 50000 हजार रू0 की जुआ खेली जाती है। जिला प्रशासन जानबुझकर इस खेल को रोकने में नाकाम है। क्योंकि इस खेल में थाना , स्थानीय स्कुल प्रशासन और जिला प्रशासन के कई अधिकारी के मिलीभगत से जुआ हो रही है। जिसे कोई रोकने बाला नही है। सबसे बडी बात हैकि कम उम्र के बच्चों की सहारा लेकर जुआ करवाया जा रहा है। पढने लिखने की उम्रमें जुआ खेलने की लत लगाया जा रहा है। आम समाजिक लोग परेशान है। लेकिन विवश है।
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