BREKING NEWS

यह एक प्रयास है संचार क्रांति के इस युग में लोगों तक खबरों के पीछे की ख़बरों को पहुँचाने का ....आपके समर्थन और सहयोग की अपेक्षा है|मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव देखने के लिए जाएं Onnewslakhisarai.blogspot.com पर... अगर आपके पास भी जनसरोकार से जुडी कोई खबर या सुचना है तो हमें इस पते पर संपर्क करें 9955217600..ranjit.samrat धन्यवाद -:-

Wednesday, 5 December 2012

मछली पालन


बिहार सरकार के मतस्य पालन में आन्ध्रा प्रदेश को पीछा करने के उददेश्य से करोडों रू0 की राशि प्रत्येक जिला को भेजा गया है। जिसमें लखीसराय जिला अग्रणी भुमिका निभा रही है । ज्ञात हो कि बिहार सरकार के पशु एवं मतस्य विभाग के मंत्री गिरिराज सिंह का गृह जिला लखीसराय है। वो यहां मतस्य पालन के लिए लखीसराय को बिहार का हब बनाने की परिकल्पना किया है। ज्ञात हो कि यहां 205 तालाब है। जिसमें जिला मुख्यालय में 52 तालाब है। जहां मात्र 4 तालाब में मतस्य पालन के लिए मछली का बीर्य जीरा डाला गया है। बाकी सभी तालाब में सिंघाडा की फसल उगाया जा रहा है। कुछ तालाब को मंत्री जी द्वारा नये सिरे से नया तालाब का निर्माण करवाया जा रहा है। और उसमें खुदाई के नामपर पानी डालने के नामपर रूपया की बन्दरबांट अधिकारीयों के मिलीभगत से किय  ा जा रहा है। जबकी पहले से जिलाभर में 205 तालाब अपडेट है फिर भी नया तालाब बनाया जा रहा है। मछली पालन के नामपर बिहार में बहुत बडी घोटाला का उजागर हो सकता है। जिला के सुचना भवन के ठीक सामने जिला परीया पोखर है। जहां मछली के बीर्यजीरा तैयार करने के लिए हैचरी निर्माण हेतु 28 लाख रू0 बिहार सरकार द्वारा आवंटन हुआ आज 2 साल होने को है। कुछ भी नहीं बना केवल कागजों पर रूपया लुट लिया गया । अधिकारी कुछ भी बोलने से मना करते है। मतस्य पालन विभाग के पदाधिकारी अक्सर अपने कार्यालय से गायब रहते है। बहीं आन्ध्रा से आगे आने की बात तो दुर है यहां के मछली हाट में भी आन्ध्रा प्रदेश की चलानी सडे गले मछली मंगा कर बेच रहे है। अब देख्ना है इसमें क्य ा हो सकता है।
V.O1....राज्य के पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह बडहिया के तालाबों में मछली पालन को बढावा देने के उददेश्य से निरिक्षण किया ! जिसमें उन्होने बताया कि किसानों को खेतों में फसल उत्पादन के साथ तालाबों में मछली पालन भी करना चाहिए. इससे उनकी आय दस गुणा अधिक होगी ! मछली पालन का बजट पांच से सात करोड़ तक का हुआ करता था. इसे अब 700 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है.  किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा. एक हेक्टेयर में एक बोरिंग पर 80 प्रतिशत, डीजल पंप पर 50 प्रतिशत, तीन एचपी के चार लाख 50 हजार की लागत वाले सोलर पंप जो डेढ़ लाख लीटर पानी प्रतिदिन देते हैं पर किसानों को 90 फीसदी अनुदान दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि नये सत्र में आंध्रप्रदेश से आने वाली मछली को रोकने के साथ बिहार से मछली दूसरे प्रांतों को भेजने की योजना है. !

No comments:

Post a Comment