भगवान भरोसे है 86 भवन विहिन विद्यालय
लखीसराय।
छात्र मंदीर के बरामदा या पेड़ों की छाव में संवार रहे भविष्य
कैसे मिलेगी ? गुणवत्तापूर्ण
शिक्षा जब विद्यालय हो भवन विहिन हो । जी हां यह लखीसराय जिले का हाल है जहां तपती
धुप एवं बारिस में खुले आसमान के नीचे,या मंदिर के बरामदों पर भवन विहिन विद्यालय के
बच्चे अपने भविष्य को पेंड़ो की छाव में संवार रहे है।ऐसे में सरकार के द्वारा लागू
की गई,गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कार्यक्रम के सफलता पर सवाल उठने लगा है। शिक्षा व्यवस्था
में सुधार के लिए प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय के एक से आठ वर्ष के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण
शिक्षा देने के लिए यह कार्यक्रम लागू किया गया।इसके तहत प्रचार-प्रसार भी किए जा रहे
है।लेकिन भवन विहिन विद्यालयों में इस व्यवस्था को लागू करने को लेकर असमंजस्य की स्थिति
बनी हुई है।
भवन विहिन विद्यालयों की स्थिति
जिले में भवन विहिन
विद्यालयों की स्थिति यह है कि विद्यालय कहीं पेडों की छाव में तो कहीं सड़कों पर चल
रहे है।जिले में सात सौ इकहत्तर प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय है। जिसमें 86 विद्यालय
भवन विहिन है।खुले आसमान के नीचे चल रहे इन भवन विहिन विद्यालय में जब शिक्षा का व्यवस्था
का हाल ही खस्ताहाल हैं तो इस परिस्थिति में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का कार्यक्रम आखिर
लागू हो तो कैसे।
शहर में भी दिखता है भवन विहिन विद्यालय
शहर के नया बाजार प्राथमिक
विधालय गौशाला किउल वस्ती,संसार पोखर,हनुमान नगर,सदर प्रखंड कार्यालय के निकट आदि जगहों
पर ऐसे दर्जनों विद्यालय नजर आते है। जो भवन विहिन है तथा मंदिर के प्रांगण में या
खुले आसमान के नीचे बदहाल स्थिति में चल रहे है।षहर में जब यह हाल है तो ग्रामीण ईलाकों
की स्थिति क्या होगी इससे पता चलता है।कहीं विद्यालयों की स्थिति यह है कि भवन रहने
के बावजूद खुले आसमान के नीचे विद्यालय चल रहे है।सदर प्रखंड क्षेत्र के विक्कम गांव
स्थित प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिल रहा है।
क्या कहते है शिक्षक
शहर के नया बाजार प्राथमिक
विधालय गौशाला गली प्रचार्य परमानंद झा कहते है कि भवन नहीं रहने के कारण वो अष्टघटी
तलाब के निकट शिव-पार्वती मंदिर के प्रागंण में पढाने के लिए मजबूर है,यहां मंदिर के
दुसरे तरफ पूजा अर्चना में धंटा बाजन, भजन-कीर्तन तो तीसरे तरफ बेरोजगारों द्वारा जुआ
होती है जिससे बच्चों को पढानें में काफी कठिनाई होती है।
बोले अधिकारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी
बसंत कुमार बताते है कि जमीन के अभाव में भवन निर्माण नही हो पाया है। शहर के नया बाजार
प्राथमिक विधालय गौशाला गली, किउल वस्ती,संसार पोखर,हनुमान नगर,सदर प्रखंड कार्यालय
के निकट आदि जगहों पर ऐसे दर्जनों विद्यालय नजर आते है। जो भवन विहिन है तथा मंदिर
के प्रांगण में या खुले आसमान के नीचे बदहाल स्थिति में चल रहे है। इस दिषा में पहल
की जा रही है। उन्होने कहा कि इन विद्यालयों में पढ़ाई चल रही है। जहां भवन विहिन स्कुल
है बहां दुसरे नजदिकी स्कुलों में टैग कर दिया गया है । तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले
इसकी व्यवस्था सुनिश्चत की जा रही है।
क्या कहते है जिलाधिकारी
लखीसराय जिलाधिकारी
मनोज कुमार सिंह ने कहा कि - शिक्षा विभाग की बदहाल स्थिति एवं मुख्यालय से फरार रहने
वाले शिक्षा कर्मीयों का वेतन काट लिया जायेगा। उन्होने बताया कि शिक्षा पदाधिकारियों
की कारगुजारी से परेशान होकर प्रत्येक शनिवार की देर शाम को शिक्षा विभाग की समीक्षा
बैठक करने का आदेश जारी किया गया है।जिससे शिक्षा में गुणात्मक सुधार हो संभव हो सकेगा।

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