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Monday, 16 September 2013

शराब के शौकीनों पर बाढ़ एवं सुखाड़ का कोई असर नहीं

लखीसराय एक ओर जहां संपूर्ण जिला बाढ़ एवं सुखाड़ से त्रस्त है। वहीं दूसरी ओर शराब के शौकीन लोगों पर इसका कोई असर नहीं है। शराब के शौकीन लोग बाढ़ एवं सुखाड़ से हो रही तबाही को नजर अंदाज कर छक कर शराब पीने में मशगूल हैं।

यही कारण है कि अगस्त माह में जिले में कोटा से अधिक बियर एवं अंग्रेजी शराब की खपत हुई है। इतना ही नहीं अगस्त 12 से भी अगस्त 13 में अधिक विदेशी शराब बियर की बिक्री हुई है। इससे साफ जाहिर होता है कि शराब के शौकीनों पर बाढ़ एवं सुखाड़ का कोई असर नहीं है।

जबकि देशी मशालेदार शराब अगस्त माह में कोटा से कम खपत हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि गरीब मजदूर वर्ग के लोग देसी एवं मशालेदार शराब का उपयोग करते हैं। बाढ़ एवं राहत से परेशान गरीब मजदूर वर्ग के लोग अपनी हालत देखकर ही शराब पी रहे हैं।

विदेशी शराब का कोटा खपत

अगस्त 2013 - 27,704.00 एलपीएल

खपत - 27,775.00 एलपीएल

अगस्त 2012 - 24,006.24 एलपीएल की खपत

बियर का कोटा खपत

अगस्त 2013 - 38,472.00 बल्क लीटर

खपत - 39,264.14 बल्क लीटर

अगस्त 2012 - 34,435.83 बल्क लीटर की खपत

देशी मशालेदार शराब का कोटा खपत

अगस्त 2013 - 67,030.00 एलपीएल

खपत - 50,756.25 एलपीएल

अगस्त 2012 - 48,272.81 एलपीएल की खपत

V.O1..अधीक्षक उत्पाद पराशर शर्मा की मानें तो विभाग द्वारा निर्धारित कोटा के अनुरूप शराब की बिक्री कर लक्ष्य के अनुरूप माह अगस्त के लक्ष्य के विरूद्ध 80.28 फीसद राजस्व प्राप्त किया गया है। जिला भर के कई दुकानों के बिक्री के आधार पर यह देखा गया कि विगत अगस्त माह में कोटा से 20 प्रतिशत अधिक बिक्री हुआ है हमारे जिला में एक तरफ बाढ और दुसरी तरफ सुखाड रहने के बाद भी पीने वालो पर कोई असर नहीं हुआ है। सितम्बर माह मे भी राजस्व प्राप्त करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

पराशर शर्मा ....अधीक्षक उत्पाद

Byte...वीर बहादुर ...पीने वाल!

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