BREKING NEWS

यह एक प्रयास है संचार क्रांति के इस युग में लोगों तक खबरों के पीछे की ख़बरों को पहुँचाने का ....आपके समर्थन और सहयोग की अपेक्षा है|मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव देखने के लिए जाएं Onnewslakhisarai.blogspot.com पर... अगर आपके पास भी जनसरोकार से जुडी कोई खबर या सुचना है तो हमें इस पते पर संपर्क करें 9955217600..ranjit.samrat धन्यवाद -:-

Tuesday, 17 September 2013

अग्नि-पांच






चीन के हर हिस्से पर वार कर सकती है अग्नि-पांच
 
भारत को पूरे चीन और अधिकांश यूरोप तक मारक क्षमता देने वाली पहली अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल अग्नि-5 का रविवार सुबह हुआ दूसरा परीक्षण भी पूरी तरह कामयाब रहा।

..जानिए अग्नि-पांच की मुख्य विशेषताएं

ओडिशा के ंव्हीलर द्वीप से साढ़े आठ बजे हुई अग्नि-पांच की दूसरी परीक्षण उड़ान ने इसे सेना में शामिल करने के करीब पहुंचा दिया है।

पढ़ें: ..मिसाइल सुपरपावर बना भारत

परमाणु हमले में सक्षम इस प्रक्षेपास्त्र के सहारे भारत 5,000 किमी से अधिक दूरी तक वार कर सकता है।

चिढ़ा चीन बोला, भारत अब भी पीछे

रक्षा अनुसंधान विकास संगठन ने कहा कि यह मिसाइल सभी पैमानों पर खरा उतरी है। डीआरडीओ प्रवक्ता रवि गुप्ता ने कहा कि इस परीक्षण के दौरान तीन चरणों वाली अग्नि-पांच ने निर्धारित लक्ष्य पर सटीक वार किया। उनके मुताबिक अप्रैल, 2012 के बाद हुए इस सफल परीक्षण से प्रक्षेपास्त्र के उत्पादन और सेना में शामिल करने का रास्ता साफ हो गया है। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इस सफलता के लिए रक्षा वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए परीक्षण को अहम उपलब्धि बताया। अभी इसका एक परीक्षण और किया जाना है। इस मिसाइल को 2015 तक सेना में शामिल करने का लक्ष्य है।

अस्सी फीसद से ज्यादा स्वदेशी उपकरणों से बनी इस मिसाइल ने भारत को नाभिकीय बम के साथ सुदूर लक्ष्य पर सटीक वार करने वाली अतिजटिल तकनीक का रणनीतिक रक्षा कवच दिया है। इसके जरिए भारत अपने किसी भी हमलावर को भरोसेमंद पलटवार क्षमता के साथ मुंहतोड़ जवाब दे सकता है। इस प्रक्षेपास्त्र से भारत जरूरत पड़ने पर चीन के किसी भी इलाके में वार कर सकेगा। सतह से सतह पर मार करने वाली यह मिसाइल पूरे एशिया, ज्यादातर अफ्रीका आधे से अधिक यूरोप तथा अंडमान से छोड़ने पर आस्ट्रेलिया तक पहुंच सकती है। यह एक टन तक के परमाणु बम गिरा सकती है। अग्नि-पांच भारत की सबसे तेजी से विकसित मिसाइल है, जिसे महज तीन साल में तैयार किया गया है। इसे बनाने की घोषणा दिसंबर, 2008 में की गई थी।

अग्नि-पांच को अचूक बनाने के लिए भारत ने माइक्रो नेवीगेशन सिस्टम, कार्बन कंपोजिट मैटेरियल से लेकर मिशन कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तक ज्यादातर चीजें स्वदेशी तकनीक से विकसित कीं। अग्नि-पांच भारत को ऐसे मुल्कों के प्रतिष्ठित क्लब में जगह दिलाने वाला प्रक्षेपास्त्र है, जिनके पास 5,000 किमी से अधिक दूरी तक मार करने वाले अंतरमहाद्वीपीय प्रक्षेपास्त्र हैं। रक्षा वैज्ञानिकों के मुताबिक इस मिसाइल के जरिए भारत दुश्मन के उपग्रहों को नष्ट कर सकता है और जरूरत पड़ने पर अपने छोटे उपग्रह लांच कर भी सकता है।

No comments:

Post a Comment