विजयदशमी से हमें यही संदेश मिलता है कि असत्य चाहे जितना बलवान हो उसे अंत में हारना होता है। असत्य का अंत कब होता है, इसकी शायद कोई सीमा नहीं होती, लेकिन हमारी चेतना में यह विचार हमेशा रहना चाहिए कि असत्य और बुराई की एक न एक दिन पराजय अवश्य होगी। रावण का राज आतंक, अनाचार, शोषण एवं अत्याचार का प्रतीक था, जबकि मर्यादा पुरुषोत्ताम राम सत्य, समर्पण और सेवा के मार्ग पर चल रहे थे। उन्होंने सत्य की अपनी लड़ाई में सामान्य जनमानस को अपने साथ जोड़ा। उन्हें अपने साथ आने के लिए आमंत्रित किया, बल्कि यह कहें कि निवेदन किया। इसके विपरीत रावण अपनी ताकत पर मतवाला था। उसने नेक सलाह भी नहीं मानी, यहां तक कि ऐसी सलाह को भी दरकिनार कर दिया जो खुद उसके जीवन के लिए महत्वपूर्ण थी। इस मार्ग पर चलते हुए रावण का पतन सुनिश्चित था। स्पष्ट है कि हमें सदाचरण से कभी दूर नहीं होना चाहिए। सदाचरण ही वह शक्ति है जो हमें अंदर से मजबूत बनाती है और यही असली ताकत भी है। बाहरी शक्तियां हम कितनी भी जुटा लें, अगर हमारा चरित्र दुर्बल है, हमें अच्छे-बुरे का अहसास नहीं है तो वे सभी वाह्य शक्तियां एक-एक कर क्षीण हो जाएंगी। अपनी गलतियों के हम सबसे बड़े सचेतक हैं। इसलिए आत्मचिंतन की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए।
भगवान राम ने संतों को आश्रय दिया, उनकी सुरक्षा की और समाज में उन्हें ऊंचा स्थान दिलाया। वह अपने जीवन में कदम-कदम पर मानवता की रक्षा के लिए अपने सुखों का बलिदान करते रहे। असुर रूपी शक्तियां हर युग में मौजूद होती हैं, उनके दमन के लिए राम जैसे चरित्र की आवश्यकता होती है। विजयदशमी से हमें यह भी सबक मिलता है कि हम किसी को छोटा और हीन न समझकर सताएं नहीं। अगर किसी गुण के कारण हमें धन प्रसिद्धि मिल भी जाए तो अपने आचरण के प्रति और सतर्क हो जाएं, क्योंकि जितना हम प्रकाश में होते हैं उतना ही अधिक लोगों की निगाह में आते हैं।
महातूफान से घबराएं नहीं, बस बरतें ये जरूरी सावधानियां
भारी बारिश के कारण कुछ घरों को नुकसान पहुंचा है और सड़कों पर पेड़ गिरे हैं। कई इलाकों में बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने से विद्युत व्यवस्था पर असर पड़ा हैं।1999 के खतरनाक महा चक्रवात के बाद भारत में अब तक का यह दूसरा सबसे भीषण चक्रवाती तूफान है।
तटीय इलाकों में भारी तबाही का अंदेशा रहता हैं। यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का हरसंभव प्रयास करना चाहिए।
- रेल और सड़क परिवहन के माध्यम से यात्रा करने से बचने के लिए हरसंभव प्रयास करना चाहिए। क्योंकि भारी बारिश व तेज हवा के कारण संचार के साधन और रास्ते टूट सकते हैं।
- कच्चे व पुराने मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का यथासंभव प्रयास करना चाहिए। क्योंकि भारी बारिश व तेज हवा के कारण कच्चे और पुराने मकान क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
- खाद्य सामग्रियां और दूसरी आवश्यकता की चीजें पर्याप्त मात्रा में इकट्ठा कर लेनी चाहिए, ताकि ऐन वक्त पर परेशानी न हो।
- बिजली आपूर्ति बंद किए जाने से अंधेरा छा सकता है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजाम कर लेना चाहिए।
- जरूरी दवाओं का इंतजाम करें ताकि जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके।
- प्रशासन द्वारा दी जा रही सूचनाओं को हमेशा ध्यान से सुनना चाहिए, जिसके कारण आप समय रहते उचित उपाय कर सकें।
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भगवान राम ने संतों को आश्रय दिया, उनकी सुरक्षा की और समाज में उन्हें ऊंचा स्थान दिलाया। वह अपने जीवन में कदम-कदम पर मानवता की रक्षा के लिए अपने सुखों का बलिदान करते रहे। असुर रूपी शक्तियां हर युग में मौजूद होती हैं, उनके दमन के लिए राम जैसे चरित्र की आवश्यकता होती है। विजयदशमी से हमें यह भी सबक मिलता है कि हम किसी को छोटा और हीन न समझकर सताएं नहीं। अगर किसी गुण के कारण हमें धन प्रसिद्धि मिल भी जाए तो अपने आचरण के प्रति और सतर्क हो जाएं, क्योंकि जितना हम प्रकाश में होते हैं उतना ही अधिक लोगों की निगाह में आते हैं।
महातूफान से घबराएं नहीं, बस बरतें ये जरूरी सावधानियां
भारी बारिश के कारण कुछ घरों को नुकसान पहुंचा है और सड़कों पर पेड़ गिरे हैं। कई इलाकों में बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने से विद्युत व्यवस्था पर असर पड़ा हैं।1999 के खतरनाक महा चक्रवात के बाद भारत में अब तक का यह दूसरा सबसे भीषण चक्रवाती तूफान है।
तटीय इलाकों में भारी तबाही का अंदेशा रहता हैं। यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का हरसंभव प्रयास करना चाहिए।
- रेल और सड़क परिवहन के माध्यम से यात्रा करने से बचने के लिए हरसंभव प्रयास करना चाहिए। क्योंकि भारी बारिश व तेज हवा के कारण संचार के साधन और रास्ते टूट सकते हैं।
- कच्चे व पुराने मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का यथासंभव प्रयास करना चाहिए। क्योंकि भारी बारिश व तेज हवा के कारण कच्चे और पुराने मकान क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
- खाद्य सामग्रियां और दूसरी आवश्यकता की चीजें पर्याप्त मात्रा में इकट्ठा कर लेनी चाहिए, ताकि ऐन वक्त पर परेशानी न हो।
- बिजली आपूर्ति बंद किए जाने से अंधेरा छा सकता है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजाम कर लेना चाहिए।
- जरूरी दवाओं का इंतजाम करें ताकि जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके।
- प्रशासन द्वारा दी जा रही सूचनाओं को हमेशा ध्यान से सुनना चाहिए, जिसके कारण आप समय रहते उचित उपाय कर सकें।
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