लखीसराय में सर्व शिक्षा अभियान द्वारा बाल मजदूरों, विद्यालय से बाहर रहने वाले बच्चों व विकलांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए उन्नयन केंद्र एवं उत्प्रेरण केंद्र चलाए बिना वित्तीय वर्ष 2009-10 में तीन स्वयंसेवी संस्थाओं ने 10,50,000 रुपए का गबन कर लिया है। इसका खुलासा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) नसीम अहमद ने किया है। उन्होंने तीनों स्वयं सेवी संस्थाओं से दिनांक 19 अगस्त 13 को पत्रांक 1517, 1518 एवं 1519 द्वारा अंतिम स्मार पत्र देते हुए राशि वापस करने का निर्देश दिया है। राशि वापस नहीं करने की स्थिति में सिक्युरिटी मद में कार्यालय में जमा की गई राशि को जब्त करते हुए संबंधित संस्था के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही गई है। डीपीओ ने संस्था को काली सूची में डालने के लिए अनुशंसा करने की भी बात कही। जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2009-10 में बाल मजदूरों को शिक्षित करने हेतु उन्नयन केंद्र (बाल मजदूर केंद्र) संचालन हेतु पूर्व जिला शिक्षा अधीक्षक सह जिला कार्यक्रम समन्वयक ने तीन स्वयं सेवी संस्थाओं लॉर्ड बुद्धा डेन्टल नेशनल एजुकेशन डेवलपमेंट काउंसिल आफ इंडिया न्यूयारपुर पटना, नई परख नवादा स्वयं सेवी संस्था नवादा एवं शिक्षा एवं सांस्कृतिक विकास समिति लखीसराय को प्रति संस्था साढ़े तीन लाख रुपए उपलब्ध कराया गया। इसके बाद उक्त स्वयं सेवी संस्थाओं ने उन्नयन केंद्र नहीं चलाया और न ही बिहार शिक्षा परियोजना को राशि लौटाई। वर्तमान डीपीओ श्री अहमद द्वारा पूर्व के कार्यक्रमों में व्यय की गई राशि का समायोजन करने की प्रक्रिया शुरू करने के क्रम में यह मामला प्रकाश में आया। इसके बाद संबंधित संस्थाओं को लगातार पत्राचार के बाद भी राशि नहीं लौटाई गई है। इसके अलावा वर्ष 2009-10 एवं 2010-11 में उत्प्रेरण केंद्र चलाने वाले प्रधानाध्यापकों एवं प्रधान शिक्षकों द्वारा भी अनावर्ती मद से क्रय की गई सामग्री की बंदरबांट करने का भी मामला प्रकाश में आया है। डीपीओ ने संबंधित प्रधानाध्यापकों एवं प्रधान शिक्षकों को भी राशि अथवा सामग्री जमा करने का निर्देश दिया है। निर्देश का अनुपालन नहीं करने वाले प्रधानाध्यापकों एवं प्रधान शिक्षकों के खिलाफ उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी। विदित हो कि वर्ष 2009-10 एवं 2010-11 में 07 विद्यालयों में उत्प्रेरण केंद्र चलाया गया था।
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