नवरात्र.पूजन के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है। मां दुर्गा की नौवीं शक्ति सिद्धिदात्री हैंए नवमी के दिन सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है। जगत के कल्याण हेतु नौ रूपों में प्रकट हुई और इन रूपों में अंतिम रूप है देवी सिद्धिदात्री। देवी सिद्धिदात्री का रूप अत्यंत सौम्य हैएलखीसराय रू शक्ति की देवी दुर्गा माता की आराधना में शहर और गांव डूब गया है। हर तरफ शारदीय नवरात्र दुर्गा पूजा का उत्साह परवान चढ़ने लगा है। देवी के पट खुलने के बाद अहले सुबह से ही दुर्गा मंदिरोंए पूजा पंडालों एवं बड़हिया स्थित शक्तिपीठ मां बाला त्रिपुर सुंदरी जगदंबा मंदिर में भक्तों की कतार लग गई।
जिला के हलसी थाना क्षेत्र के अन्दर गांव में सक्षात जीता जागता देवी माता की अवतार होने की खबर मिलते ही आस.पास के हजारों महिला.पुरूषों के बीच माता का एक झलक पाने की इच्छा जाहिर हो जाता है। और बस लोग मिटटीए पत्थर की बनी दुर्गा देवी दर्शन करने के बजाय सीधे तौर पर सक्षात जीता जागता देवी माता की दर्शन करना बेहतर समझ रहे है। बस इसी आस्था और विश्वास के साथ लोग दर्शन करने पहुंच रहे है। और माता से सीधा संवाद कर अपनी दुखों को बताते है। और उसका निदान की उपाय पुछकर पुजा.अर्चना में तल्लीन हो जाते है। अंधविश्वास में लोग आस्था से कोई खिलवाड करना नहीं चाहते है। कहीं माता कोई श्राप ना दे दे । यह वाक्या देखने के बाद मै भी काफी परेशान था।
नवरात्र में शक्ति की पूजा होती है । शक्ति और कोई नहीं बल्कि मां दुर्गा है । नारी को नारायणी भी कहा गया है । आज भी नारी शक्ति दिखाने का जज्बा महिलाओं में दिख रहा है । इसी में से एक है सुकुमारी बंटी आम लड़कियों की तरह चंचल मधुरभाषी एवं पढ़ाई में गंभीर है । अपने माता ण्पिता रानी देवी और सुधीर सिंह की इकलौती बेटी है । आज उसकी चर्चा के आगे वह सबकी प्रेरणा बनने जा रही है ।धर्म व आस्था के प्रति जब लोगों में उत्साह जगा तो लोगों ने गांव में दुर्गा मंदिर निर्माण कराने की ठान ली। बंटी अपने आपको जगतजननी जगदम्बा का अवतार बता रही है। और अपने को माता दुर्गा का स्वरूप बनाकर सबकों दोनों हाथों से खुब आर्शिवाद भी दे रही है। इस कार्य से नवरात्रा के दिन भीड बढता ही जा रहा है। शारदीय नवरात्र में जिले के लोग मां दुर्गा की भक्ति भाव में लीन हैं। मां दुर्गा को प्रसन्न कर मन वांछित फल पाने की लालसा में श्रद्धालु तरह.तरह से आराधना कर रहे हैं। कोई उपवास रखकरए कोई फलाहार पर लोग आस्था में पुजा पाठ करना शुरू कर दिया है।
बाईट. सुधीर सिंह. कथित देवी माता के पिता जी
बाईट.कुमारी बंटी. सक्षाता देवी स्वरूप माता
बाईट. महीला ए पुरूष भक्तगण
जिला के हलसी थाना क्षेत्र के अन्दर गांव में सक्षात जीता जागता देवी माता की अवतार होने की खबर मिलते ही आस.पास के हजारों महिला.पुरूषों के बीच माता का एक झलक पाने की इच्छा जाहिर हो जाता है। और बस लोग मिटटीए पत्थर की बनी दुर्गा देवी दर्शन करने के बजाय सीधे तौर पर सक्षात जीता जागता देवी माता की दर्शन करना बेहतर समझ रहे है। बस इसी आस्था और विश्वास के साथ लोग दर्शन करने पहुंच रहे है। और माता से सीधा संवाद कर अपनी दुखों को बताते है। और उसका निदान की उपाय पुछकर पुजा.अर्चना में तल्लीन हो जाते है। अंधविश्वास में लोग आस्था से कोई खिलवाड करना नहीं चाहते है। कहीं माता कोई श्राप ना दे दे । यह वाक्या देखने के बाद मै भी काफी परेशान था।
नवरात्र में शक्ति की पूजा होती है । शक्ति और कोई नहीं बल्कि मां दुर्गा है । नारी को नारायणी भी कहा गया है । आज भी नारी शक्ति दिखाने का जज्बा महिलाओं में दिख रहा है । इसी में से एक है सुकुमारी बंटी आम लड़कियों की तरह चंचल मधुरभाषी एवं पढ़ाई में गंभीर है । अपने माता ण्पिता रानी देवी और सुधीर सिंह की इकलौती बेटी है । आज उसकी चर्चा के आगे वह सबकी प्रेरणा बनने जा रही है ।धर्म व आस्था के प्रति जब लोगों में उत्साह जगा तो लोगों ने गांव में दुर्गा मंदिर निर्माण कराने की ठान ली। बंटी अपने आपको जगतजननी जगदम्बा का अवतार बता रही है। और अपने को माता दुर्गा का स्वरूप बनाकर सबकों दोनों हाथों से खुब आर्शिवाद भी दे रही है। इस कार्य से नवरात्रा के दिन भीड बढता ही जा रहा है। शारदीय नवरात्र में जिले के लोग मां दुर्गा की भक्ति भाव में लीन हैं। मां दुर्गा को प्रसन्न कर मन वांछित फल पाने की लालसा में श्रद्धालु तरह.तरह से आराधना कर रहे हैं। कोई उपवास रखकरए कोई फलाहार पर लोग आस्था में पुजा पाठ करना शुरू कर दिया है।
बाईट. सुधीर सिंह. कथित देवी माता के पिता जी
बाईट.कुमारी बंटी. सक्षाता देवी स्वरूप माता
बाईट. महीला ए पुरूष भक्तगण

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